करसोग :कृषि विभाग और आत्मा परियोजना द्वारा घड़ोई पंचायत में शिविर का आयोजन
मंगलवार को सुंदरनगर उप-मण्डल की दूर-दराज स्थित निहरी तहसील की ग्राम पंचायत घड़ोई के नितांत पिछड़े मणाह गांव में कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश, विकास खंड सुंदर नगर द्वारा आत्मा परियोजना के अंतर्गत सुभाषपालेकर प्राकृतिक खेती पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें आत्मा परियोजना के खंड तकनीक प्रबंधक लेख राज, सहायक तकनीकी प्रबंधक मनोज कुमार, मास्टर ट्रेनर मेहर सिंह भी उपस्थित रहे।जिन्होने सुभाषपालेकर प्राकृतिक खेती की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। इस कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले प्राकृतिक घटकों को बनाने व उपयोग में लाने की पूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण शिविर में 30 किसानो ने भाग लिया। इस मौके पर घड़ोई पंचायत की प्रधान जया शर्मा भी उपस्थित थी। जया शर्मा ने कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश व कार्यक्रम आयोजक आत्मा परियोजना के खंड तकनीक प्रबंधक लेख राज, सहायक तकनीकी प्रबंधक मनोज कुमार, मास्टर ट्रेनर मेहर सिंह व सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में प्राकृतिक खेती की महिमा किसी से छिपी नहीं है। प्राकृतिक खेती के गूढ़ाशय को आजादी से पूर्व अंग्रेजो ने समझा, प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक प्रक्रियाओं को जाना लेकिन फिर भी रासायनिक खाद का प्रचार कर भारत की जमीन,जल,पर्यावरण और शुद्ध खाद्य पदार्थों की दूषित कर दिया। काल क्रम से पैदावार तो बढ़ी लेकिन रासायनिक खाद और राजनीतिक दवाओं के अंधाधुंध प्रयोग व छिड़काव से तैयार फसलों के सेवन के कारण, मनुष्य, पशु-पक्षियों, मधुमक्खियों, किसान मित्र कीट-पतंगो, जल-जंगल-जमीन के स्वास्थ्य को बहुत अधिक नुक्सान हुआ। आज भारत के प्राकृतिक खेती के उस प्राचीन गौरव को लौटाने के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार द्वारा जो प्रयास किए जा रहे हैं उससे गांव-गाँव के किसान-बागबान विषैले रासायनिक पदार्थों को छोड़कर प्राचीन भारतीय कृषि के मूल स्वरूप को जानकर सुभाषपालेकर प्राकृतिक खेती को अपनाकर मानव,जीव-जंतुओं, जल-जंगल-जमीन और प्रकृति का भी संरक्षण कर रहे हैं।
