शिमला : JOA 817 भर्ती के अभ्यर्थियों ने की सरकार से जल्द नियुक्तियां देने की मांग की
बोले कर्मचारियों के मसलों में उलझा सरकारी तंत्र, बेरोजगारों के मुद्दे भूला
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
लंबे समय से विवादों में चल रही JOA 817 भर्ती को लेकर प्रदेश के हजारों युवा प्रदेश सरकार से जल्द नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनावों के चलते अभ्यर्थियों को अचार संहिता में भर्ती फंसने का डर सताने लगा है। युवाओं का कहना है कि 2018 से 2022 तक JOA/क्लर्क की एक भी भर्ती नहीं हुई है, जिससे लाखों युवा परेशान हैं। विभागों में JOA (IT) के हज़ारों पद खाली हैं और आयोग अभी तक कुल 5 पोस्ट कोड के लिए JOA की भर्तियों की विज्ञप्ति जारी कर चुका हैं, लेकिन किसी भी पोस्ट कोड का फाइनल रिजल्ट नहीं आया है और न ही नियुक्ति हुई है। किशोर, राजकुमार, पंकज, अभिलाष, विकास चौधरी, सचिन, प्रेम चौहान, लक्की व विकास आदि अभ्यर्थियों के द्वारा इस विषय पर हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष को भी ज्ञापन दिया जा चुका है और जल्द ही नियुक्तियां करने की मांग की जा चुकी है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग में 40% स्टाफ के पद खाली चल रहे हैं, जो हैरानी की बात है, जो दूसरों को स्टाफ देता है, उनके पास खुद का ही स्टाफ 40% खाली है। सरकार पद नहीं भर रही है, जिससे सरकार का बेरोजगारों के प्रति असंवेदनशील रवैया पता चलता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जहां पहले सरकारी तंत्र महामारी में फंसा रहा, वहीं छठा-पे कमीशन आने पर सारे अधिकारी व कार्मिक विभाग कर्मचारियों के मसलों में उलझा हुआ है। हर रोज हर तरफ कर्माचारियों के मसले है। इसी उलझन में पांच साल होने को हैं और बेरोजगार युवाओं की परेशानी न तो कोई अधिकारी देख रहा है और न ही सरकार भी इस पर गौर कर रही है। इसके चलते JOA की परीक्षाएं देने वाले लाखों युवा परेशान हैं। इसलिए युवाओं ने सरकार और कार्मिक विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाई है कि 30 सितंबर से पहले JOA 817 भर्ती के सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए।
