शिमला : लंपी बीमारी से मर रहे मवेशी, पशुपालक किसान हाे रहा बर्बाद, कृषि मंत्री कर रहे झूठी घोषणाएं-अनिंदर सिंह नौटी
किसान पशुपालक हो रहे बर्बाद, सोई हुई हैजयराम सरकार
लंपी बीमारी की रोकथाम के प्रयास करे और पशुपालकों को जल्द मुआवजा दे सरकार
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
आम आदमी पार्टी किसान विंग के अध्यक्ष अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि प्रदेश में लंपी बीमारी से दुधारु पशुओं की मौत हो रही है। पशुओं की मौत होने पर पशुपालक किसान बर्बाद हो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर अपनी रैलियों में व्यस्त है। जयराम सरकार ने साबित किया है कि उन्हें पशुपालक किसानों की कोई चिंता नहीं है। पशुपालन मंत्री वीरेंद्र कंवर झूठी घोषणाएं कर रही हैं। कहीं कह रहे हैं कि बीमारी को रोकने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, कहीं मुआवजा देने के लिए 30 हजार रुपए देने की बात कर रहे हैं, लेकिन अभी तक पशुपालक किसानों को कोई राहत नहीं मिली है। लंपी वायरस से बीमारी लगातार फैल रही है और पशुओं के मरने का क्रम जारी है। किसान विरोधी जयराम सरकार की ओर से बीमारी को रोकने और पशुपालकों किसानों को राहत देने के कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। जिससे साबित होता है कि सरकार को किसानों की चिंता नहीं है।
अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ओर से लंपी वायरस से फैल रही बीमारी को रोकने के लिए शुरुआती दिनों से ही सरकार से मांग की जा रही है। जिन पशुओं की लंपी बीमारी से मौत हो गई है, उन पशुपालक किसानों को मुआवजा देने की भी मांग कर रहे हैं। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने 13 अप्रैल को लंपी वायरस से फैल रही बीमारी को महामारी घोषित कर पशुपालक किसानों को 30 हजार रुपए प्रति पशु मुआवजा देने की बात कही, लेकिन आज तक किसी भी पशुपालक किसान को मुआवजा नहीं मिला है। प्रदेश में हजारों दुधारु पशुओं की मौत हो चुकी है लेकिन सरकार पशुपालक किसानों को यह भी नहीं बता पाई है कि मुआवजा कहा से मिलना है और कौन इस बात की गिनती करेगा कि किसके, कितने पशुओं की मौत लंपी वायरस की बीमारी से हुई है। पशुपालक किसान मुआवजे के लिए कहां जाएं और किसके पास आवेदन करें, इसका भी कोई प्रबंध कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर नहीं कर पाए हैं। कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने बीमारी की रोकथाम के प्रयास करने के लिए टास्क फोर्स के गठन की घोषणा भी की थी, लेकिन अभी तक टास्क फोर्स का गठन नहीं हुआ है। पशुपालक किसानों के पास बीमारी से रोकथाम के लिए सरकार की ओर से कोई नहीं पहुंचा।
अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि प्रदेश में जगह-जगह लावारिश गौवंश इस बीमारी से दम तोड़ रहे हैं। गौ सेवा के बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा सरकार ने गौ सेस के नाम पर भी करोड़ों रूपया पूरे प्रदेश से इकट्ठा किया है। लेकिन अब बीमारी के संकट के समय में गौ सेवा आयोग का कोई अता पता नहीं है। अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि दुधारु पशुओं की मौत होने पर पशुपालक किसानों की आय का साधन खत्म हो गया है। एक पशुपालक किसान के चार-चार दुधारु पशुओं की मौत हो गई है, जिससे वह बर्बाद हो गए हैं। प्रदेश की जयराम सरकार किसानों को अभी तक कोई मदद नहीं पहुंचा पाई है। जिससे लगता है कि जयराम सरकार अभी सोई हुई है। अनिंदर सिंह नौटी ने कहा कि सरकार जल्द ही बीमारी से रोकथाम के लिए कदम उठाए और मृत पशुओं की जल्द गिनती कर पशुपालक किसानों को मुआवजा प्रदान करे।
दुग्ध उत्पादक किसान पहले से ही महंगे पशु चारे, फीड, दवाइयां आदि से घाटे में है, ऊपर से इस बीमारी ने उनकी पूरी तरह कमर तोड़ कर रख दी है। प्रदेश की भाजपा सरकार अपनी जिम्मेदारी को निभाने में पूरी तरह विफल हो चुकी है। आम आदमी पार्टी ने किसानों की मांगों को लेकर पावंटा साहिब में अनिंदर सिंह नौटी के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन भी किया था, जिसमें एसडीएम को ज्ञापन देकर लंपी वायरस से फैल रही बीमारी की रोकथाम के लिए कदम उठाने और पशुपालकों को मुआवजा देने की मांग की थी। इसके साथ ही भारी बारिश के कारण किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। फसलों के नुकसान की गिरदावरी कराकर किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की थी, लेकिन किसान विरोधी जयराम सरकार ने अभी तक किसानों की मांगों पर कुछ नहीं किया।
