आपदा में मदद की जगह ब्लैकमेलिंग कर रही केंद्र सरकार : बलदेव
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव बलदेव ठाकुर ने केंद्र की भाजपा सरकार पर आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश की जनता आज सदी की भयंकर त्रासदी से गुजर रही है और कई हजारों करोड़ की अचल संपत्ति प्रदेश मे भीषण बाढ़ की चपेट में आकर नष्ट हो गयी है। सैकड़ों लोग जिंदा ही मलबे में पहाड़िया खिसने से और नदी के भयंकर बहाव में बह गए। बलदेव ठाकुर ने कहा कि इस भयंकर आपदा के बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार मूकदर्शक बनी हुई है और लोगों की लाशें देखकर भी प्रदेश को आपदा राज्य घोषित करने के मामले में मोल भाव कर रही है, जो केंद्र सरकार के जनता के प्रति सवेदनहीन रवैये को दर्शाता है।
बलदेव ठाकुर ने कहा कि पिछले दिनों भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर प्रदेश के दौरे पर आए और ये कहकर अपना पल्लू झाड़ते नजर आए कि जो राशि पहले आपदा के लिए मिली है, उसको खर्च करने पर ही दूसरी राशि जारी होगी, जबकि जो राशि अभी तक प्रदेश को प्राप्त हुई है, वो ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। प्रदेश में अगस्त तक अनुमानित 6700 और उसके बाद 13 अगस्त के बाद हुई तबाही मे लगभग 10 हजार करोड़ का नुकसान कुल्लू-मनाली मंडी और शिमला जैसे अन्य जिलों में हो चुका है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने मदद के लिए केंद्र सरकार को 6700 करोड़ बिना किसी देरी किए जारी करने का अनुरोध किया है, किंतु प्रदेश को लगभग 200 करोड़ की जो राशि अभी तक प्राप्त हुई है वो प्रत्येक पहाड़ी राज्य को रूटीन से हर वर्ष मिलती है, जिसमें वर्षा या बाढ़ से उपजी आपदा ही नहीं सूखा आदि पड़ने पर प्रदेश में हर साल खर्च की जाती है, जबकि प्रदेश सरकार लगातार केंद्र से वर्तमान समय मे भारी वर्षा से हुई जानमाल की हानि की भरपाई करने के लिए मांग रही है, किंतु केंद्र सरकार की कान पर जू तक नही रेंग रही।
बलदेव ने प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अगर आपदा में कहीं पुल या सड़क टूट जाए उसके स्थान पर वैली ब्रिज लगाने के लिए 18 करोड़ अगर आपदा के समय कोई हादसा होता है और मकान का लेंटल या पेड़ आदि मानव शक्ति से न उठाएं जा सके उसके लिए बड़ी हाईड्रा मशीनें खरीदने के लिए 30 करोड़ का बजट और आपदा के समय प्रदेश पुलिस की एसडीआर एफ के लिए आपदा के समय प्रयुक्त होने वाले हर सामन को खरीदने के लिए मंजूर कर प्रदेश की जनता को मुश्किल समय में जल्दी से जल्दी मदद करने के लिए एक समझदारी वाला कदम बताया है क्योंकि आज से पहले मशीनरी के लिए या तो पड़ोसी राज्य या निजी कंपनियों या फिर सेना पर निर्भर रहना पड़ता था और ये पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने सुखबूझ का परिचय दिया है, क्योंकि आजतक पहले की सरकारें आपदा से निपटने के प्रति लापरवाह रही अगर ये मशीनें प्रदेश सरकार के पास पहले से अपनी होती तो कई लोगो की मदद हो सकती थी, जिन्होंने अपनी जाने गंवाई या मकान में जिनका समान दब गया या बह गया। मीडिया के सामने केंद्रीय मंत्री इस तरह व्यवहार कर रहे थे जैसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने दोनों नेताओं को ये ट्यूशन देकर भेजा है कि प्रदेश की जनता को राहत के नाम पर सिर्फ सपने ही दिखाकर आने है।
बलदेव ठाकुर ने कहा कि अब केंद्र की भाजपा सरकार का चेहरा जनता के सामने आ गया है और केंद्र सरकार प्रदेश के प्रति निर्दयी रवैये के विपरीत राज्यस्थान, हरियाणा, छतीसगढ़, कर्नाटक की राज्य सरकारें कई संस्थाएं और कुछ लोग निजी तौर पर प्रदेश को आपदा से निपटने के खुले दिल से आर्थिक मदद भेजने की घोषणा कर चुकी है। बलदेव ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार को मानवता दिखाते हुए प्रदेश को जल्दी से जल्दी राष्ट्रीय आपदा राज्य घोषित कर प्रदेश को बिना किसी देरी के विशेष आर्थिक पैकेज जल्दी से जल्दी प्रदेश को मंजूर करना चाहिए ताकि प्रदेश मे आम जनमानस का जनजीवन वापस पटरी पर आ सके।
