शिमला : मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग पर विशेष बल देने के निर्देश दिए
शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश में कोविड-19 मामलों में अचानक आई वृद्धि को देखते हुए राज्य के सभी उपायुक्तों को विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में काॅन्टेक्ट ट्रेसिंग पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिये। वह आज शिमला से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ कोविड-19 स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। जयराम ठाकुर ने कुल्लू, मंडी, शिमला, चंबा और किन्नौर के जिला प्रशासन को इन जिलों के विभिन्न हिस्सों में चल रहे सेब सीजन को ध्यान में रखते हुए मजदूरों की जांच की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए और प्रतिबंध लगाने और स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि राज्य ने टीकाकरण अभियान में शून्य प्रतिशत बर्बादी के साथ बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान को तीव्र करने की आवश्यकता है, क्योंकि टीकाकरण इस वायरस को रोकने का सबसे सुदृढ़ उपाय है।
मुख्यमंत्री ने उपायुक्तों को पीएसए संयंत्रों की स्थापना के लिए सिविल और विद्युत कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए ताकि मरीजों को यह सुविधा शीघ्रातिशीघ्र उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि सीमा और अन्य क्षेत्रों में चेकिंग की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग की निधि और मानव संसाधन को बढ़ाया जाएगा। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जिलों को सेब सीजन के दौरान सड़कों के रख-रखाव और वाहनों के सुचारू संचालन की तैयारी पर ध्यान देना चाहिए।
सचिव स्वास्थ्य अमिताभ अवस्थी ने कहा कि प्रदेश में 4-5 दिनों के भीतर सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दे दी जाएगी। अब केवल 124 कोरोना संक्रमित लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। उपायुक्तों ने मुख्यमंत्री को अपने जिलों में सक्रिय मामलों, बिस्तरों की उपलब्धता और अन्य सुविधाओं से अवगत कराया। प्रधान सचिव राजस्व केके पंत और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
