शिमला पहुंचे करुणामूलक परिवार दूसरी कैबिनेट में करुणामूलक परिवारों का मुद्दा लाए सुक्खू सरकार
पंकज सिंगटा। शिमला
आज प्रदेश भर के करुणामूलक आश्रित नायक कहलाए जाने वाले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के पास पहुंचे व पूर्व सरकार की कमियों व खामियों को उजागर किया व सुखविंदर सिंह सुक्खू से पूर्व में करुणामूलक आश्रितों द्वारा की गई 432 दिन की क्रमिक भूख हड़ताल में हुए हाल का भी शब्दों से अपना हाल बयां किया व करुणामूलक नौकरी बहाली की गुहार लगाई। प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार की अध्यक्षता में सैकडों करुणामूलक नौकरी की फरियाद लेकर सचिवालय पहुंचे, उन सब के मुख पर यही शब्द थे की चुनाव में किये करुणामूलक आश्रितों के वायदे को धरातल में उतारने का समय आ गया है और सरकार आगामी कैबिनेट में करुणामूलक विषय को लेकर मोहर लगाए, ताकि समस्त परिवारों को एकमुशत नौकरी मिल सके।
बता दें कि पिछली सरकार के समय में भी करुणामूलक आश्रितों ने काफी लंबा संघर्ष किया था, इनके द्वारा 432 दिन कि भूख-हड़ताल की गई थी, लेकिन पूर्व सरकार इनको एक साथ नाैकरियां देने में असमर्थ रही थी, उस समय विपक्ष में रहते हुए भी कांग्रेस सरकार ने करुणामूलक नौकरी बहाली मुद्दा जोरों शोरों से उठाया था और चुनावी वायदे व कांग्रेस के मेनिफेस्टो में भी इस मुद्दे को प्राथमिकता मिली। इन परिवारों ने आज सीएम सुक्खू से गुहार लगाई है कि आप हमेशा कहते हो कि हम सता के लिए नहीं, बल्कि व्यवस्था के लिए आए है, तो कृपा करके थोड़ी सी व्यवस्था हमारे लिए भी कर दीजिए, ताकि सभी करुणामूलक आश्रितों को एक साथ नाैकरियां मिल सकें।
मुख्य मांगें :
1) आगामी कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन किया जाए, जिसमें 5 लाख आय सीमा निर्धारित की जाए और एक व्यक्ति सालाना आय शर्त को हटाया जाए।
2) वित्त विभाग के द्वारा रेजेक्टेड केसों को कंसिडेर न करने की नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाए और रेजेक्टेड केसों को दोवारा कंसिडेर करने की नोटिफिकेशन जल्द की जाए।
3) क्लास-सी व क्लास-डी में 5% कोटे की शर्त को हमेशा के लिए हटा दिया जाए, ताकि सभी करुणामूलक आश्रितों को एक साथ नियुक्तियां मिल सके।
4) योग्यता के अनुसार क्लास-सी व क्लास-डी के सभी श्रेणियों (Technical+NonTechanical) के सभी पदों में नाैकरियां दी जाएं, ताकि एक पद पर बोझ न पड़े।
उपरोक्त मांगों के संदर्भ में आगामी कैबिनेट में मोहर लगाई जाए, ताकि सभी विभागों बोर्डों व निगमों में वन टाईम सेटलमेंट के माध्यम से नौकरी मिल सके।
