बिना पेशन से छेड़छाड़ करुणामूलक नौकरियां हो बहाल ( करुणामूलक संघ हिमाचल प्रदेश )
करुणामूलक संघ आज कैबिनेट मिनिस्टर चंद्र कुमार से मिलने उनके गृह क्षेत्र (ज्वाली) में सैकड़ों की संख्या में परिवार सहित पहुंचे ! व करुणामूलक नौकरी बहाली का एजेंडा उनके समक्ष रखा। करुणामूलक संघ के प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि संघ निरंतर करुणामूलक परिवारों की हित की आवाज उठाता आया है। संघ ने पूर्व में सरकार के समय भी 432 दिन का क्रमिक भूख हड़ताल शिमला में कालीबाड़ी मंदिर के समीप एक वर्षा शालिका में कर चुका है। जिसके चलते कुछ एक करुणामूलक परिवारों को रोजगार मिला। लेकिन कुछ एक परिवार सरकार की गलत नीतियों के कारण करुणामूलक नौकरी से वंचित रहे।
पूर्व सरकार के कार्यकाल में भी कांग्रेस सरकार करुणामूलक नौकरी बहाली के लिए आवाज उठाती आई है। वर्तमान में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री हर एक मंच से इन परिवारों की आवाज उठाई वह वादा किया गया जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनेगी सभी परिवारों को एकमुशत नौकरियां दी जाएंगी। प्रदेश सरकार को बनाने में करुणामूलक परिवारों का भी विशेष योगदान रहा !
सुख की सरकार( कांग्रेस) बनते ही इन परिवारों को नौकरी की आस जगी । बजट सत्र में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा करुणामूलक पॉलिसी में बदलाव लाने की घोषणा की गई उनके द्वारा जल्द से जल्द करुणामूलक नौकरी बहाल करने की बात कही गई।
प्रदेशाध्यक्ष अजय कुमार का कहना है कि सरकार बिना पेशन से छेड़छाड़ किए बिना करुणामूलक नौकरियाँ बहाल करें। क्योंकि जब किसी सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होती है तो उसके परिवार से कोई एक सदस्य करुणामूलक नौकरी के लिए आवेदन करता है। तो उस परिवार की पेंशन एक तिहाई हो जाती है। अब प्रदेश सरकार एक तिहाई पेंशन पर कैंची ना चलाएं। इसलिए प्रदेश सरकार से निवेदन है बिना पेशन से छेड़छाड़ किए बिना करुणामूलक नौकरियां बहाल करें।
मुख्य मांगें:-
-आगामी कैबिनेट में पॉलिसी संशोधन किया जाए व निम्न बातें ध्यान में रखी जाए।
-5 लाख आय सीमा निर्धारित की जाए जिसमें एक व्यक्ति सालाना आय शर्त को हटाया जाए।
-वित विभाग के द्वारा रेजेक्टेड केसों को कंसिडेर न करने की नोटिफिकेशन को तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया जाए।
-क्लास-C व क्लास-D में 5% कोटे की शर्त को हमेशा के लिए हटा दिया जाए।
-योग्यता के अनुसार क्लास-c व क्लास-D के सभी श्रेणियों (Technical+ non Techanical) के सभी पदों में नोकरियां दी जाए ताकि एक पद पर बोझ न पड़े।
-जिन विभागों में खाली पोस्टें नही है उन केसों को अन्य विभाग में शिफ्ट करके नोकरियाँ दी जाए।
-समस्त करुणामूलक परिवारों को क्लास-सी व क्लास -डी में मई माह से नियुक्तियाँ दी जाए।
