पधर : कोटरोपी के पास मरी हुई गाय को समाजसेवी रमेश सोनी ने दफनाया
शहर के बीचाें-बीच घूम रहे बेसहारा पशुओं को गौ सदन में पहुंचना भुला प्रशासन
फर्स्ट वर्डिक्ट। पधर
एक तरफ हम गाय को गौ माता कहकर पुकारते हैं। वहीं, चार दिनों से गवाली व कोटरोपी नेशनल हाईवे पर ऐक्सिडेंट की वजह से मरी हुई गाय को उठाने न प्रशासन और न ही स्थानीय लोगों ने उसे दफनाने की हिदायत दिखाई। आपको बता दें कि गवाली और उरला के बीच कई बेसहारा गाएं सड़क पर घूम रही हैं, जिनमें कुछ चलती गाड़ियों का शिकार भी हो रही हैं, जब कुन्नू व्यापार मंडल के प्रधान व क्षेत्र के प्रशिद्ध समाजसेवी रमेश सोनी अपने काम से कांगडा जा रहे थे, तो उन्होंने देखा की सड़क के किनारे एक गाय मरी हुई है, तो उन्होंने उसे दफनाने की सोची, तभी उन्होंने कुन्नू से जय सिंह, बीरी सिंह, लाल सिंह, मिलखी राम को बुलाकर जेसीबी की सहायता से सड़क के किनारे गड्ढा खोदकर उसे वहां दफनाया। रमेश सोनी ने कहा कि इतने दिन से मरी हुई गाय पर किसी की नजर नहीं, पड़ी जो बहुत दुःख की बात है। हालांकि पधर में हुए प्रीजनमंच और जन्ममच में बेसहारा पशुओं का मुद्दा स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उठाया था, जिसके बाद पधर प्रशासन ने पधर बाजार में आवारा 11 पशुओं को गौसदन पहुंचाया था, लेकिन पधर प्रशासन गवाली और कोटरोपी के बीच आवारा घूम रहे पशुओं को गौ सदन पहुंचाना भूल गया।
