देहरा : एसडीएम कार्यालय देहरा के बाहर एबीवीपी ने किया धरना-प्रदर्शन
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद जिला देहरा की विभिन्न इकाइयों ने देहरा में छात्र व शैक्षणिक समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद की। जिला संयोजक प्रशांत शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश भर के छात्र एचपीयू प्रशासन के ढीले रवैये से तंग आ चुके हैं। रि-अपीयर व रि-इवैलुवेशन के परिणाम घोषित किए बिना डेटसीट जारी कर परिक्षाएं लेने के तुगलकी फरमान जारी कर दिए जाते हैं। छात्र असमंजस में हैं कि किस वर्ष की परिक्षाएं दें। मई में पेपर होते हैं और नवंबर में रिजल्ट आता है। 80 प्रतिशत बच्चे फेल होते हैं। यूनिवर्सिटी बोलती है कि पुनर्मूल्यांकन भरो। नवंबर में पुनर्मूल्यांकन का फॉर्म भरते हैं। अप्रैल आ चुका है, लेकिन उसका भी रिजल्ट अभी तक नहीं आया है। आखिर विश्वविद्यालय चाहता क्या है। ईआरपी सिस्टम ऐसा रिजल्ट देखने लगे तो सिस्टम हैंग हो जाता है।
पेपरलेस की बातें तो छोड़ो काम अधूरे रह जाते है। विभाग संयोजक ठाकुर दीक्षित धलारिया ने जानकारी देते हुए बताया कि ईआरपी सिस्टम में भारी कमियों की वजह से छात्र प्रभावित रहती है,प्रशासन की लेटलतीफी से कईयों छात्रों तक ने तो कॉलेज की पढ़ाई तक त्याग दी है आखिर करे भी तो क्या ना परिक्षाओं का परिणाम समय पर आता ना रि-अपीयर और ना ही रि-इवैलुवेशन का परिणाम का इंतजार करके छात्र तंग आकर कॉलेज छोड रहे है। दूसरी तरफ केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्तिथि भी यही है उतर पुस्तिकाएं जांचने में भारी अनियमिताएं देखने को मिलती हैं। छात्र स्वंय को ठगा हुआ महसूस करता है। विश्वविद्यालय प्रशासन के ढीले रवैये व मूलभूत सुविधाओं के अभाव में विश्वविद्यालय नही, बल्कि आंगनवाड़ी प्रतीत होती है।
