देहरा: तारीख पर तारीख, वादों के ढाई साल में एचआरटीसी को नहीं मिली एक भी नई बस:विनोद
हिमाचल प्रदेश में एचआरटीसी की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। ढाई साल में नई बसों को लेकर सैकड़ों बार वादे हुए, मगर ज़मीनी स्तर पर आज तक एक भी नई बस नहीं खरीदी गई। अब यह विषय विपक्ष और आम जनता के बीच बहस और चिंता का कारण बन गया है।
भाजपा जिला प्रवक्ता एवं परागपुर मण्डल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस सरकार पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों ने कई बार बसों की खरीद को लेकर घोषणाएं कीं, लेकिन सभी दावे केवल अखबारों की सुर्खियां बनकर रह गए।
उन्होंने बताया कि एचआरटीसी घाटे के रूट का बहाना बनाकर बसों को बंद कर रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा करना मुश्किल हो गया है। देहरा डिपो का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां कुल 89 बसों में से 35 बसें ऐसी हैं जो अपनी तय सीमा 8 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी हैं। ये बसें आए दिन खराब होती हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है और साथ ही उनकी जान को भी खतरा बना रहता है।प्रदेशभर में एचआरटीसी की 35 से 40 प्रतिशत बसें निर्धारित सीमा से ज्यादा चल चुकी हैं। इन जर्जर बसों की मरम्मत में सरकारी धन की बर्बादी हो रही है, जबकि बेहतर विकल्प नई बसों की खरीद है।
विनोद शर्मा ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अब बसों की खरीद की योजनाओं को केवल कागजों और विज्ञापनों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि जनता की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द नई बसों की खरीद प्रक्रिया को अमल में लाया जाए।
