देहरा : वेदव्यास परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह संपन्न
अंतरराष्ट्रीय महिला सप्ताह का समापन समारोह केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर में हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रो. मदनमोहन पाठक के साथ देहरा बार एशोशिएसन की वरिष्ठ महिला अधिवक्ता शालिनी जम्वाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ मंच पर परिसर के अनुभाग अधिकारी अनुराधा शर्मा, अंग्रेजी विभाग की ऋचा विश्वाल तथा शिक्षा शास्त्र विद्या शाखा के संयोजक डॉ. शीशराम उपस्थित रहे। सभागार में परिसर के समस्त आचार्यों के साथ छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
7 दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इसमें छात्राओं ने अधिक मात्रा में उपस्थित होकर अपने अपने योग्यता का परिचय दिया। अच्छा प्रदर्शन करने वाली प्रदर्शन छात्राओं को पुरस्कार वितरण किए गए। मुख्य अतिथि शालिनी जम्वाल ने महिलाओं के लिए दी जाने वाली सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही स्त्रियों को स्वावलंबन के लिए प्रेरित किया। डॉक्टर शीशराम ने अपने वक्तव्य में महिलाओं के महिमा का गुणगान किया। डॉक्टर ऋचा विस्वाल ने बहुत प्रकार के दृष्टांत से महिलाओं को सफल होने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर सभा की अध्यक्षता करते हुए परिसर निदेशक प्रोफेसर पाठक ने बताया कि मनुष्य इस धरा धाम पर पुरुषार्थ चतुष्टय की प्राप्ति के लिए आता है। पुरुषार्थ चतुष्टय की प्राप्ति में स्त्रियों का महनीय योगदान है। क्योंकि भार्या त्रिवर्गकरणं शुभशीलयुक्ता के अनुसार स्त्री त्रिवर्ग दातृ कहलाती है। इसके अन्य माहात्म्य को बताते हुए उन्होंने कहा कि गृहस्थ के समस्त करते घर के बिना संपन्न नहीं होते। गृहणी के बिना गृह की कल्पना ही नहीं की जा सकती। क्योंकि कहा है- न गृहं गृहमित्याहु: गृहणी गृहमुच्यते। अर्थात वह घर घर नहीं है, जिस में गृहिणी नहीं होती। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो. मदनमोहन पाठक ने कहा कि घर की खुशहाली मातृशक्ति पर ही निर्भर है। यदि कोई घर खुशहाल है उसका संपूर्ण श्रेय स्त्री को ही जाता है। यदि घर टूटता है तो वहां भी उसका श्रेय स्त्रियों को ही जाता है। अत: अपनी महनीयता समझते हुए अपने औदार्य पूर्ण सकल दायित्व का संपादन करते हुए समाज के नवनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह करनी चाहिए। विजेत्री छात्राओं को पुरस्कार प्रदान के अनन्तर शांति मंत्र के साथ सभा को सम्पन्न किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ऋचा विश्वाल, डॉ. मुकेश शर्मा, डॉ. शक्तिशरण शर्मा व सर्वविध सहयोग संगणक शिक्षक अमित वालिया ने किया।
