देहरा : वेदव्यास परिसर में जलियांवाला बाग हत्याकांड के गुमनाम शहीदों को किया गया याद
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में बाबा साहेब डा भीमराव अम्बेडकर की 132 वीं जयंती एवं जलियांवाला बाग हत्याकांड में गुमनाम शहीदों की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसकी अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो मदन मोहन पाठक ने की। वहीं परिसर के व्याकरण विभागाध्यक्ष डॉ सुरेश पांडे इस कार्यक्रम में बतौर वशिष्ट अतिथि व कंप्यूटर विभागाध्यक्ष अमित वालिया बतौर सारस्वत अतिथि शामिल हुए। अम्बेडकर जयंती कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे वक्ता साहित्य विभागीय आचार्य डॉ महीपाल सिंह ने बाबा साहेब के संपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही भारतीय संविधान के दार्शनिक चिंतन पर अम्बेडकर का योगदान विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संविधान प्रत्येक व्यक्ति की समता, स्वतंत्रता, बंधुता एवं सामाजिक आर्थिक न्याय की गारंटी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्त जलियांवाला बाग हत्याकांड के संदर्भ में मुख्य वक्ता के रूप में सामाजिक विज्ञान विद्याशाखा संयोजक डॉ रामनारायण ठाकुर ने जलियांवाला बाग हत्याकांड में गुमनाम शहीदों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता के लिए अनगिनत वीरों ने अपने प्राणों की आहूति दी, जिसमें जलियांवाला बाग हत्याकांड की घटना हृदयविदारक है । अध्यक्षीय उद्बोधन में परिसर निदेशक ने बाबा साहेब अम्बेडकर को आधुनिक भारत के समाज में समता के लिए एकमात्र सिपाही कहते हुए स्मरण किया। इस कार्यक्रम में परिसर के समस्त विभागों के आचार्य एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंच पर विराजमान परिसर निदेशक,मुख्यातिथि, विशिष्ट अतिथि व सारस्वत अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
