धर्मशाला : सत्यम कॉलेज ऑफ नर्सिंग रैत में मनाया विश्व हेपिटाइटिस दिवस
विश्व हेपेटाइटिस दिवस के उपलक्ष्य में 27 जुलाई को जिला स्तरीय विश्व हेपिटाइटिस दिवस मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुशील शर्मा के सौजन्य से सत्यम कॉलेज ऑफ नर्सिंग रैत में मनाया गया। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य हेपेटाइटिस के प्रति जागरूकता को बढ़ाना था। जानकारी देते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ तरुण सूद ने कहा कि हेपेटाइटिस लिवर से जुड़ी बीमारी है जो संक्रमण के कारण होती है। इस बीमारी से लीवर में सूजन आ जाती है। हेपेटाइटिस एक महामारी बनती जा रही है जिसके कारण हर साल मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। हेपेटाइटिस पांच प्रकार का होता है ।हेपेटाइटिस ए ,बी ,सी ,डी और ई। हेपेटाइटिस के सभी प्रकारों को गंभीरता से लेना चाहिए। हेपेटाइटिस को गंभीरता के आधार पर पहचाना जाता है। इस बीमारी का इलाज संभव है अत: जागरूकता फैलाकर हम लोगों को इस बीमारी से बचा सकते हैं।
जानकारी देते हुए जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी जगदंबा मेहता ने बताया की यह बीमारी वायरस इनफेक्शन, दूषित खाना, दूषित पानी के सेवन से, संक्रमित खून के ट्रांसफ्यूजन से और संक्रमित इंजेक्शन आदि से हो सकती है इसके लक्षण इस प्रकार हैं जैसे हमेशा थकान महसूस होना, त्वचा की रंगत पीली होना, आंखों के सफेद हिस्से का रंग पीला पड़ जाना ,भूख ना लगना, उल्टी आना, जी मिचलाना, पेट दर्द और सूजन होना, सिर दर्द और चक्कर, यूरिन का रंग बदलना अचानक वजन कम होने लगता है, पीलिया होना या कई सप्ताह तक बुखार बना रहना। जैसे ही इस प्रकार के लक्षण दिखे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान में अपनी जांच करवाएं। क्योंकि अगर समय रहते बीमारी पहचान ली जाए तो व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ हो जाता है। इस मौके पर हेपेटाइटिस के लक्षण निदान उपचार तथा रोकथाम पर पोस्टर मेकिंग कंपटीशन तथा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा प्रतिभागियों को इनाम वितरित किए गए।
सत्यम नर्सिंग कॉलेज की फैकल्टी द्वारा वायरल तथा नॉन वायरल हेपेटाइटिस पर पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को जागरूक किया गया। स्वास्थ्य शिक्षिका अंजली ने भी हेपेटाइटिस के बारे में जानकारी देते हुए बरसात के मौसम में हाथों की साफ सफाई तथा आसपास की साफ सफाई के साथ-साथ ज्यादा तला भुना तथा बाहर के खाने को ना खाने की सलाह देते हुए ताजा तथा हल्का खाना खाने के लिए प्रेरित किया ताकि पीलिया तथा दस्त आदि रोग जोकि बरसात में आमतौर पर होने वाली बीमारियां है उनसे बचा जा सके। इस मौके पर सत्यम नरसिंह कॉलेज रैत की प्रिंसिपल अखिला ए.तथा बाकी स्टाफ भी मौजूद रहा।
