धर्मशाला : राहुल की संसद सदस्यता रद्द करना लोकतंत्र के खिलाफ : विनीत
न्यायालय के आदेशों के बाद जल्दबाजी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता रद्द करना लोकतंत्र की हत्या है। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में जनता के मिले समर्थन से भाजपा बौखला गई है, जिस कारण जल्दबाजी में राहुल की सदस्यता जल्दबाजी में रद्द कर दिया। शनिवार को धर्मशाला में पत्रकार वार्ता के दौरान ब्लॉक कांग्रेस धर्मशाला के अध्यक्ष विनीत धीमान ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की सदस्यता को रद्द करना लोकतंत्र के खिलाफ है। इस दौरान कांग्रेस ओबीसी सेल के प्रदेशाध्यक्ष विक्रम चौधरी ने कहा कि पहली बार हुआ है कि जब संसद में अडानी पर सवाल पूछने पर सत्ता पक्ष को कार्रवाई रोकनी पड़ी।
राहुल गांधी ने केवल अडानी कंपनी का लेखा जोखा मांगा था जिस पर सत्ता पक्ष बौखला गया। हिडनबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि अडानी की कंपनी धोखाधड़ी कर रही है, जिस पर ही संसद में राहुल ने जवाब मांगा था, लेकिन सत्ता पक्ष इसका जवाब नहीं दे पाई। जनता द्वारा लोकतांत्रित तरीके से चुने गए प्रतिनिधि ने सवाल पूछे तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने कहा कि अडानी की प्रधानमंत्री के साथ मित्रता है, लेकिन मित्रता का बोझ देश की साख पर नहीं पडऩा चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले 15-15 लाख और रोजगार के नाम पर चुनाव लड़ा गया, उसके बाद धर्म के आधार पर और अब भाजपा जाति के आधार पर चुनाव लडऩा चाहती है। ओबीसी वर्ग को जितने भी लाभ दिए गए हैं, वह कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में दिए गए हैं। भाजपा सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है।
