धर्मशाला : पर्यटकों के दीदार के लिए फिर खुला पालमपुर का ट्यूलिप गार्डन
** लोगों को आकर्षित करेंगे हाइड्रोपोनिक तकनीक से तैयार किए रंग-बिरंगे फूल
हिमाचल के कांगड़ा जिले के खूबसूरत शहर पालमपुर स्थित आईएचबीटी संस्थान का ट्यूलिप गार्डन पर्यटकों के लिए एक बार फिर खोल दिया गया है। इसे कुछ वर्ष पूर्व पालमपुर में हिमालय जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान में स्थापित किया गया था। यह गार्डन कश्मीर के बाद देश का दूसरा और प्रदेश का पहला ट्यूलिप गार्डन है, लेकिन पिछले लंबे समय से यह बंद पड़ा था। संस्थान से मिली जानकारी के अनुसार इस साल गार्डन में ट्यूलिप को खुले वातावरण व हाइड्रोपोनिक तकनीक द्वारा उगाया गया है।
फूलोत्पादन को प्रोत्साहित कर रहा सीएसआईआर
पालमपुर स्थित आईएचबीटी संस्थान केंद्र सरकार और सीएसआईआर द्वारा 2021 को शुरू किए गए फ्लोरीकल्चर मिशन के तहत फूलोत्पादन को प्रोत्साहित कर रहा है। इससे अधिक से अधिक किसानों को जोड़कर उनकी आय को दोगुना करने की योजना पर काम किया जा रहा है। गौर रहे कि हालैंड ट्यूलिप के फूलों की सबसे अधिक पैदावार करने वाला देश है और हालैंड में तैयार किए जा रहे बल्ब ही बाकी देशों द्वारा आयात किए जाते हैं। भारत में भी हालैंड से ही ट्यूलिप के बल्ब मंगवाए जाते हैं, लेकिन अब आईएचबीटी के वैज्ञानिकों के प्रयासों ने देश में फूलों की खेती में एक बड़े बदलाव का संकेत दे दिया है। बीते वर्षों के दौरान लाखों संख्या में लोग आईएचबीटी में ट्यूलिप गार्डन देखने पहुंच चुके हैं।
हाल ही में अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की मूर्ति को अर्पित करने के लिए ट्यूलिप के फूल भेजे गए थे और अब नए रंग-बिरंगे फूलों के साथ ट्यूलिप गार्डन एक बार फिर लोगों को आकर्षित करने को तैयार है।
