धर्मशाला : एसएमसी अध्यापकों ने सीएम से की रेगुलर करने की मांग
एसएमसी अध्यापक संघ जिला कांगड़ा का एक प्रतिनिधिमंडल आज शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिला और आगामी बजट सत्र में उन्हें रेगुलर करने की मांग उठाई।
जिला कांगड़ा अध्यक्ष विकास ठाकुर ने बताया कि इलेक्शन से पूर्व एसएमसी अध्यापक संघ ने कांग्रेस सरकार को समर्थन दिया था और सरकार ने भी एसएमसी अध्यापकों को आश्वस्त किया था कि सत्ता में आते ही एसएमसी अध्यापकों को रेगुलर किया जाएगा और कांग्रेस सरकार ने घोषणा पत्र में भी रेगुलर करने का वादा किया है।
प्रदेश के सभी जिलों के 2555 एसएमसी अध्यापकों ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। विकास ठाकुर ने कहा किएसएमसी अध्यापकों की भर्ती 2012 में हुई थी। उस समय बीजेपी सरकार ने हार्ड और ट्राइबल एरिया में 200 एसएमसी अध्यापकों की भर्ती करवाई। 2014 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने पूरे प्रदेश में 2000 एसएमसी अध्यापकों की भर्ती करवाई। आज से पहले भी इस तरह की कई भर्तियां होती रहीं, जिसमें पंजाबी, उर्दू एसएमसी अध्यापक भर्तियां शामिल हैं। आज ये सभी शिक्षक रेगुलर हैं, लेकिन एसएमसी अध्यापक 11 सालों से शोषण का शिकार हो रहे हैं। एसएमसी अध्यापक आरएंडपी नियम आरटीई के लिए जरूर सभी शैक्षणिक योग्यता टेट आदि। सभी एसएमसी अध्यापक की नियुक्तियां शिक्षा उप निदेशकों की अनुमति पर उप मंडल अधिकारियों की अध्यक्षता में कमेटी ने की हैं।
अधिकतम एसएमसी शिक्षक की नियुक्ति दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में की गई है। विकास ठाकुर ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने भी एसएमसी भर्ती को सही ठहराया है। एसएमसी अध्यापक संगठन जिला कांगड़ा मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और पूरी सरकार से मांग की है कि इस बजट सत्र में एसएमसी अध्यापकों को रेगुलर किया जाए ओर रेगुलर अध्यापक के समान सारे बेनिफिट दिए जाए।
