धर्मशाला : खड्डों तथा नालों के चैनलाइजेशन के लिए उठाएंगे कारगर कदम : शांडिल
स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि खड्डों तथा नालों के चैनलाइजेशन के लिए उपयुक्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि बरसात के कारण होने वाले नुक्सान को कम किया जा सके। बुधवार को धर्मशाला में एनआईसी के सभागार में कांगड़ा जिला में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत तथा पुनर्वास कार्यों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कर्नल धनीराम शांडिल ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रभावितों के पुनर्वास को लेकर कृतसंकल्प है इसी दिशा में मुख्यमंत्री ने 4500 करोड़ रुपये का स्टेट पैकेज घोषित कर प्रभावितों के जख्मों पर मरहम लगाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के इतिहास में इतनी बड़ी त्रासदी पहली बार आई है, जिससे निपटने के लिए मुख्यमंत्री ने भी बेहद बड़ा दिल और अदम्य साहस दिखाया है।
एमएलए विकास निधि के तहत नालों के तटीकरण का प्रावधान
कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि अब विधायक क्षेत्र विकास निधि के तहत आपदा प्रभावित परिवारों को घरों के लिए रिर्टेंनिंग वॉल तथा नालों के तटीकरण का प्रावधान किया गया है। इस निधि के अंतर्गत इस वितीय वर्ष में प्रति विधानसभा क्षेत्र के लिए दो करोड़ दस लाख रूपये का प्रावधान किया गया है इसके अतिरिक्त सभी जिलों में एसडीपी के अंतर्गत अनस्पेंट राशि को आपदा प्रभावित घरों के लिए रिटेनिंग वॉल तथा नालों के तटीकरण के लिए खर्च करने की अनुमति दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा में ग्रामीण क्षेत्रों में जिन परिसंपत्तियों का नुक्सान हुआ है उनको मनरेगा के अंतर्गत मदद प्रदान की जाएगी। सरकार द्वारा ऐसे सभी कार्यों की उपायुक्त एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक मनरेगा से प्राप्त स्वीकृति के उपरांत मनरेगा दिशा निर्देशों के अनुसार व्यक्तिगत लाभार्थी के लिए एक लाख रूपये की धनराशि प्रदान की जाएगी।
कांगड़ा जिला में आपदा प्रभावितों को 5 करोड़ 93 लाख की आर्थिक मदद
इस अवसर पर उपायुक्त डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि जिला कांगड़ा में प्रभावितों को कुल 5 करोड़ 93 लाख 7 हजार 815 रूपये की आर्थिक सहायता सरकार द्वारा अब तक उपलब्ध करवाई गई है तथा प्रभावितों को 863 तरपाल और 15 टेंट वितरित किए गए। 240 परिवारों को राशन किट्स और खाद्य सामग्री दीगई। जिले में कुल 6 राहत शिविर सरकार द्वारा लगाए गए हैं। धीरा में 2, ज्वालाजी में 3 तथा नूरपुर एक राहत शिविर फिलहाल चल रहा है। पोंग बांध क्षेत्र से रेस्क्यू के दौरान इंदौरा और फतेहपुर में भी 5 राहत शिविर लगाए गए थे।अभी 175 के करीब लोग राहत शिविरों में रहे हैं।वहीं इंदौरा और फतेहपुर में रेस्क्यू के दौरान लगभग एक हजार लोगों को राहत शिविरों में रहने-खाने के साथ स्वास्थ्य जांच और गर्भवती महिलाओं और बच्चें के लिए टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध करवाई गई।
