पानी के स्रोतों को न बनाएं कूड़ादान: अभिषेक नरोत्रा
देहरा उपमंडल के युवा कांग्रेस अध्यक्ष अभिषेक नरोत्रा ने क्षेत्र के लोगों से जल स्रोतों को कूड़ादान न बनाने और पानी के महत्व को समझने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि जल एक अनमोल धरोहर है और इसकी सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है। यदि आज हम जागरूक नहीं हुए, तो भविष्य में जल संकट की भयावह स्थिति का सामना करना पड़ेगा। नरोत्रा ने वैश्विक स्तर पर पेयजल की कमी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि पूरे विश्व में पीने के पानी की कमी बढ़ती जा रही है। भू-जल स्तर तेज़ी से नीचे जा रहा है और नदियाँ व अन्य जल स्रोत प्रदूषित हो रहे हैं। तालाबों और झीलों का सूखना और सिकुड़ना स्पष्ट संकेत है कि यदि अब भी हम सचेत नहीं हुए, तो आने वाले समय में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचेगा। उन्होंने बताया कि जिस गति से विश्व की जनसंख्या बढ़ रही है, उस अनुपात में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना दुनिया भर के देशों, खासकर विकासशील देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि पानी की बर्बादी पर अब भी नियंत्रण नहीं किया गया, तो निकट भविष्य में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। अभिषेक नरोत्रा ने जल स्रोतों को कूड़ादान की तरह इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि यह आदत न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के अस्तित्व के लिए भी खतरा है। उन्होंने जल स्रोतों को बचाने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को इस अभियान से जुड़ना चाहिए और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलानी चाहिए। उन्होंने पेयजल के दुरुपयोग को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता बताई। साथ ही, उन्होंने पानी के स्रोतों की नियमित सफाई और संरक्षण के प्रयासों को तेज़ करने का आह्वान किया, ताकि इनका अस्तित्व बना रहे और आने वाली पीढ़ियाँ जल संकट से सुरक्षित रहें।
