सिरमौरी ताल में डॉ. बिंदल बोले -तबाही का मंजर ऐसा कि देखा न जा सके
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि जिला सिरमौर के पांवटा साहिब क्षेत्र में सिरमौरी ताल गांव में आफत के रूप में बरसा पानी (बादल फटा), 100-100 फुट लंबे साल के पेड़ जड़ों को उखड़कर 1-1 किलोमीटर दूर तक ले गया। मकानों से भी बड़ी चट्टानें पानी में बहकर पक्के घरों को अपने साथ बहा कर ले गई। जहां आलीशान मकान हुआ करते थे वे दलदल में तबदील हो गए, जहां लहलहाती फसलें होती थीं वे पत्थरों के ढेर में बदल गई।
शायद 4 सदी बाद ऐसा भयावह दृष्य सिरमौरी ताल में पैदा हुआ होगा। 402 वर्ष पहले सिरमौर रियासत की राजधानी थी सिरमौरी ताल और वह राजधानी
किसी प्राकृतिक आपदा से
खंडहरों में तबदील हो गई थी जहां से महाराजा ने नाहन की और रूख किया व नाहन सिरमौर रियासत की राजधानी बनी।
आज दोबारा 4 सदी बाद यह आफत आई। एक ही परिवार के 5 सदस्य जमींदोज़ हो गए, कुलदीप, जीतो देवी, रजनी व दो मासूम बच्चे- नितेश 12 वर्ष व दीपिका 10 वर्ष, सिर्फ जीवित रहा तो रजनी का पति विनोद। यानि विनोद ने अपने माता-पिता, पत्नी व दोनों बच्चों को अपनी आंखों के आगे सैलाब में दफन होते देखा। सिरमौरी ताल गांव में बादल फटने से जो भयावह त्रासदी हुई है, उस स्थल पर सुखराम चौधरी पांवटा साहिब के साथ जाना हुआ। मलबे में 5 व्यक्तियों के दबे होने की संभावनाओं के साथ राहत और बचाव कार्य जारी है दो शव मौके से प्राप्त हो चुके हैं।
