इंदाैरा : नशे से दूर रहने का युवाओं को संदेश देते हुए भारतीय सेना द्वारा पंगोली चौक में किया मैराथन का आयोजन
मनीष ठाकुर । इंदाैरा
मैराथन में हजारों लोगो ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की मैराथन में पहुंचे मुख्यातिथि एरिया कमांडर ब्रिगेडियर संदीप एस शारदा एसएम, विएसएम ने हरी झंडी दिखाते हुए मैराथन की शुरुआत की गई, जिसमे दर्जनों सैन्य अधिकारियों ने भाग लेते हुए मैराथन की शोभा बढाई और युवाओं का साथ दिया। भारतीय सेना द्वारा पठानकोट के पंगोली चोक में मैरथान 2023 का आगाज किया गया। मैराथन को तीन चरणों में बांटा गया, जिसमें प्रथम चरण में 21 किलोमीटर दौड़, दूसरे चरण में 10 किलोमीटर दौड़ और तीसरे चरण में 5 किलोमीटर दौड़ करवाई गई। इस मैराथन में क्षेत्र के हजारों युवाओं बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों और सेना के जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मैराथन में 21 सब एरिया के ब्रिगेडियर सहित दर्जनों सैन्य अधिकारियों ने भाग लिया मैराथन पंगोली चाैक से होते हुए ममून कैंट से वापस पांगोली चोक खेल मैदान में पहुंची। मैराथन में बच्चों, महिआलों और बुजूर्गों का हौसला देखते ही बन रहा था। मैराथन में 21 किलोमीटर दौड़ में पुरषों में प्रथम प्रिंस कुमार, द्विस्तीय सोनू तोमर, तृतीय हरजोधवीर, महिलाओं में प्रथम सोनिका, द्वितीय प्रिंसी व तृतीय सुरेखा।
ड्रीम दौड़ में एबोव 18 वर्षीय, में प्रथम बाधो दादरी हरियाणा, द्वितीय, सरिता देवी वैष्णो कॉलेज, तृतीय अनिता सिरोही पठानकोट तथा अंडर 18 वर्षीय में प्रथम यशिका सूद, द्वितीय रजनी बाला, तृतीय नंदनी दोनों पठानकोट, दस किलोमीटर दौड़ मेंं प्रथम मखवाना मयूर, द्वितीय धनंजय, पांच किलोमीटर 18 वर्षीय पुरुष में प्रथम मुन्ना यादव, द्वितीय बंटी खजुरिया, तृतीय प्रिंस पठानिया तथा पांच किलोमीटर अंडर 18 वर्षीय पुरुषों में प्रथम वंशदीप, द्वितीय वंश शर्मा, तृतीय, खुशदीप सिंह विजेता रहे। ब्रिगेडियर शारदा ने अपने संदेश में कहा की मैराथन का मकसद स्वस्थ सेहत और लोगो को नशे से दूर और उनके दुष्प्रभावों से प्रेरित करने का था।
उन्होंने कहा की पूरा देश फिटनेस और नशे से दूर रहे उसी कों देखते हुए पहली बार इस तरह का आयोजन किया गया है, जिसमें सिविल, डिफेंस, सब एकजुट होकर दोड़ रहे हैं। उन्होंने संदेश देते हुए कहा की भारतीय सेना का एक मोटो है राष्ट्र सर्वोपरि जिसकी सुरक्षा, एकता व अखंडता को बरकरार रखना, जिसके लिए भारतीय सेना हमेशा तैयार है। मैराथन में अलग-अलग स्टाल लगाए गए, जिसमें लोगों के खानपान से लेकर वाहनों दोपहिया वाहनों और घरों में उपयोग होने वाले समान की नुमाइश लगाई गई, जिसमें लोगों ने बढ़-चढ़कर लगाए स्टाल में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।
