इंदाैरा : मंड क्षेत्र के लोगों के लिए सरकारें नहीं बना सकी एक भी पक्का पुल
लोगों को अभी भी खुद से करनी पड़ती है आने जाने की व्यवस्था
मनीष ठाकुर। इंदाैरा
इंदौरा क्षेत्र में जगह जगह पुलों के भूमि पूजन व लोकार्पण पिछले लम्बे समय से विधायकों द्वारा कई जगहों पर किया गया है, किंतु मंड क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है, जहां के लोगों की समस्या पर कोई भी आजतक ध्यान नही दे पाया है। मंड क्षेत्र में पड़ते उलेहडिया खानपुर, तेयोडा पत्तन, ठाकुरद्वारा व बरोटा इस 12 किलोमीटर में पड़ती व्यास नदी पर मौजूदा सरकार एक भी पक्के पुल का निर्माण नहीं करवा सकी है। बरसात में यह सब गांव दो महीने के लिए उपमंडल इंदौरा से कट जाते हैं। इस पत्तनों पर स्थानीय जनता द्वारा हर वर्ष अपने खर्चे पर अस्थाई पुलियों का निर्माण करवाया जाता रहा है, जो की मामूली सी बरसात होते ही यह सब रास्ते व पुलिया पानी के तेज बहाव में बह जाती है और एक किलोमीटर में जाने के लिए भी 20 किलोमीटर अतिरिक्त सफर तय करना पड़ता है।
इस पूरे क्षेत्र में मात्र एक ही बैली ब्रिज है, जिसको वर्षों पहले शाहनहर विभाग ने मंड एरिया में नहरें बनाने के लिए मटीरियल ले जाने के लिए बनाया था। जिसकी भार क्षमता के अनुसार फसल से भरी हुई ट्राली भी गुजारना अब खतरे से खाली नही है। क्योंकि उस क्षतिग्रस्त हो चुके पुल की भी आज तक सरकार ने खबर नही ली है। इस पुल से क्षमता से अधिक भार लोड करके गाड़ी ले जाना मनाही है। उलेहडिया पंचायत के उप प्रधान दमणेश कुमार, ठाकुरद्वारा के उप प्रधान राणा प्रताप सिंह, बकराड़वा की प्रधान रानी देवी, बसंतपुर के उप प्रधान जोगिंदर सिंह, बरोटा के पूर्ब प्रधान युगल किशोर, केवल कृष्ण, उलेहडिया के पूर्व प्रधान बलबीर सिंह आदि ने बताया कि विकास के नाम का डंडोरा पीट कर वोटे मांगने वाली इस प्रदेश सरकार ने आज तक मंड क्षेत्र में पड़ते इन व्यास पत्तनों पर बनाए गए अस्थाई पुलों की जगह एक भी पक्के पुल का निर्माण तक नही करवाया है।
इस चुनाब में पक्के पुलों का निर्माण करने का सब्जबाग दिखाकर सरकारों ने मंड क्षेत्र की जनता को ठगा है। 12 किलोमीटर के इस क्षेत्र में मात्र एक ही वैली ब्रिज ही 10 पंचायतों की हजारो जनता का सहारा है। क्षेत्र की जनता के कई बार मौजूदा सरकार से ठाकुरद्वारा टू मलकाना रोड पर व्यास नदियों पर पुलों के निर्माण करने की गुहार लगाई पर पांच वर्ष में सरकार के कानों पर जुं तक नही रेंगी है। व्यास नदी के पार का सारा एरिया ठाकुरद्वारा की मार्किट पर निर्भर है और इसी रास्ते से लोग पंजाव व हिमाचल को अपने गंतव्य को आते-जाते हैं। ठाकुरद्वारा टू मिलवां 12 किलोमीटर एरिया में गाँवो के अधिक्तर बच्चे कोई मंड मियानी कॉलेज तो कोई इंदौरा कॉलेज व अरनी यूनिवर्सिटी में शिक्षा ग्रहण करने जाते हैं, जब बरसात में पानी अधिक आता है, तो यह सब अस्थाई पुलिया वह जाती है।
बच्चे जान जोखिम में डालकर नदी को पार कर पैदल ही पढ़ाई करने के लिए जाते हैं और रास्ते बंद होने के कारण लोगों को 20 से 25 किलोमीटर ज्यादा सफर तय करके अपने सरकारी व निजी कार्यों हेतु इंदौरा में जाना पड़ता है। स्थानीय जनता ने विभाग व निवर्तमान विधायक पर रोष जाहिर करते हुए कहा कि पक्के पुलों का निर्माण करवाना तो दूर की बात रही, उन्होंने आज तक इन गांवों में एक बार भी नहीं आई है, जिसमें की जनता उनको अपनी समस्या बता सके। स्थानीय जनता व जनप्रतिनिधियों ने विकास के मामले में मंड क्षेत्र के साथ भेदभाव करने के आरोप लगाए हैं।
