मंडी : डब्बल इंजन की सरकारें लागू कर रही है विनाशकारी नीतियां-तपन सेन
मज़दूर-किसान विरोधी नीतियों को रोकने करने के लिए जनता का संघर्ष ज़रूरी
फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी
सीटू का दो दिविसिय 14वां राज्य सम्मेलन आज मंडी में शुरू हुआ, जिसमें सीटू से जुड़ी 65 यूनियनों के तीन सौ प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस सम्मेलन की अध्यक्षता विजेंद्र मेहरा, जगत राम, भूपेंद्र सिंह, जोगिंदर कुमार और बिना शर्मा कर रहे हैं। स्वागत समिति के अध्यक्ष कामरेड देवीदास ने सभी मेहमानों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया, जिसका उदघाटन सीटू के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व सांसद तपन सेन ने किया। उन्होंने कहा कि देश गंभीर हालत से गुज़र रहा है, जिसमें सरकार की विनाशकारी नीतियों के कारण एक तरफ़ जनता महंगाई व बेरोज़गारी से परेशान है, तो दूसरी तरफ अर्थव्यवस्था संकट में है, जिसमें रोजगार बढ़ने के बजाए कम होते जा रहे हैं। केंद्र की मोदी सरकार लगातार मज़दूर, किसान और आमजनता विरोधी नीतियां लागू कर रही है। सरकार की आर्थिक नीतियों के कारण आज हमारे देश की संपत्तियां मुठी भर पूंजीपतियों को लुटाई जा रही है, जिसका परिणाम ये है कि अडानी आज दुनिया का दूसरे नंम्बर का धनवान बन गया है, जबकि गरीबी में हम नाइजीरिया से भी नीचे चले गए हैं।
मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र को राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाईपलाईन योजना के नाम पर अपने मित्र पूंजीपतियों को कौड़ियों के भाव बेचने की नीति लागू की है।रेल, कोयला ,हवाई जहाज, बैकं, बीमा क्षेत्र के साथ साथ अब तो सरकार ने फ़ौज में सैनिकों की भर्ती को भी पार्ट टाइम आधार पर शुरू कर दिया जिसके चलते अब अग्निवीर भर्ती किये जायेंगे।सरकार सभी प्रकार के रोज़गार स्थायी के बदले पार्ट टाइम और कांट्रेक्ट पर उपलब्ध कराने की नीति लागू कर रही है।सरकार ने मज़दूरों के हकों की रक्षा के लिए बने श्रम कानूनों को पूंजीपतियों और बड़ी कारपोरेट घरानों के पक्ष में बदलने का फैसला लिया है, जिसका सीटू और अन्य मज़दूर संगठन विरोध कर रहे हैं। सरकार ने काम के घंटे आठ से बढ़ाकर 12 करने का फैसला किया है। मोदी सरकार आज़ादी के 75वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित किए जा रहे अमृत महोत्सव के नाम पर समाज में जहर घोल रहे हैं और इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है।
इस सरकार के कार्यकाल में धर्म व जाति के आधार पर बंटवारा बढ़ा है और महिलाओं और दलितों पर अत्याचार की घटनाएं लगातार बढ़ रहे हैं।इसलिए इन विनाशकारी नीतियों को लागू होने से रोकने का एक ही मंत्र है कि मज़दूर, किसान,कर्मचारी और अन्य मेहनतकश जनता को संगठित होकर इस सरकार के ख़िलाफ़ संघर्ष तेज करना होगा।हमें जनता को इस सरकार की जनविरोधी नीतियों के बारे जागरुक करने की बहुत ज्यादा ज़रूरत है। सम्मेलन को मज़दूर संगठन एटक के राज्य उपाधयक्ष लेख राम वर्मा, जनवादी महिला समिति की अध्यक्षा विना वैद्या, नौंजवान सभा के सुरेश सरवाल किसान सभा के जोगिंदर वालिया और एस एफ आई के उपेंद्र और हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के भीम सिंह और एचपीएम आर के जगदीश ठाकुर ने भी अपने संगठन की ओर से सम्मेलन के लिए शुभकामनाएं दी।
