क्या आपने भी चखा है लिंगड़ी सब्जी का स्वाद !
**पहाड़ी क्षेत्रों में पाया जाने वाला लिंगड़ स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद
पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक ख़ूबसूरती के साथ प्राकृतिक रूप से उगने वाली जड़ी-बूटियाँ और सब्ज़ियां भी भरपूर मात्रा में पाई जाती हैं। उन्हीं में से एक है लिंगड़ ( लिंगडु ,लिंगडी)की यह सब्ज़ी,यह उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के हिमालयी राज्यों में पाई जाती है। लिंगड़ का सब्ज़ी के अलावा आचार भी बनाया जाता है। अलग-अलग राज्यों में इसे अलग-अलग नाम से जाना जाता है। हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू और मंडी में इसे लिगुंड , कांगड़ा घाटी में इसे कांगड़ी बोली में लुंगडू कहा जाता है, चंबा में इसे कसरोद के नाम से जाना जाता है। दार्जिलिंग और सिक्किम में नियूरो कहा जाता है। त्रिपुरा में मुइखोनचोक और उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में इसे लिंब्रा कहते हैं। इसका वानस्पतिक नाम फिडेलहेड फर्न है। लिंगड़ न केवल स्वाद में अच्छा है बल्कि यह स्वस्थ के लिए भी लाभप्रद होता है। लिंगड को सब प्रकार के विटामिन्स,मिनरल्स और माइक्रोन्यूट्रियंट्स का अच्छा स्त्रोत माना जाता है। आजकल के दिनों में यह प्राय जंगलों में देखने को मिलता है और लोग इसे आचार के उपयोग के लिए प्रयोग कर रहे हैं और बाजारों में भी आजकल लिंगुड उपलब्ध है।
सब्जी बनाने की विधि
सही लिंगुड़े का चुनाव कर इस पर लगे रोंये को बारीकी से साफ कर पानी में अच्छी तरह से धो लें। धोने के पश्चात लिंगोड़ों को काटने के बजाय हाथ से तोड़ तोड़कर टुकड़े करें। तोड़ते समय जो रेसे निकले उन्हें सभी निकाल दें। यानि इन्हें सब्जी में न डालें। सब्जी बनाने के लिए मुलायम डंठलों और घुमावदार हिस्से को ही उपयोग में लाएं साथ ही कुछ मात्रा में मुलायम पत्तियां भी अवश्य मिलाएं। सब्जी बनाने के लिए एक लोहे का कढ़ाई ले और सरसों का तेल आवश्यक मात्रा में
डालें। तेल गर्म होने पर सरसों के बीजों का डाल दें। उसके बाद तोड़े हुए लिगुडे डाल कर तब तक घुमाते रहें जब
तक कि तेल सभी तोड़े हुए लिगुड़ों में अच्छी तरह से मिल जाये। एक-दो मिनट तक धीमी आंच पर कढ़ाई पर
चलाते हुए पकाएँ। कुछ समय के लिए ठक्कन रख कर पकने के लिए छोड़ दें। फिर सिलबट्टे में पिसे हुए मसालों
को गाढ़ा कर सब्जी में अच्छी तरह मिला लें और कुछ देर डककर पकने को छोड़ दें। समय-समय पर चलाते रहें।
यदि मसाले जल रहे हो हो हल्के पानी के छोटे मार लें क्योंकि लिंगुड़े की सब्जी में पानी डालने की आवश्यकता
नहीं होती है। सब्जी पकने पर सुगंध आने लगती है। सुगंध आने लगे तो आग बुझा दें और सब्जी को ढककर ही
रखें। 5 मिनट के बाद आप स्वादिष्ट लिगुडे की सब्जी का आनंद ले सकते हैं।
