फतेहपुर : मंड में बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान, किसानों ने मांगा मुआवजा
किसान संघर्ष सेवा समिति की बैठक आज अनाज मंडी रियाली के प्रांगण में हुई। इसमें किसानों ने कहा कि बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। प्रकृति की इस मार पर सरकार को नुकसान प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेकर किसानों को मुआवजा दिया जाना चाहिए। बैठक में अनाज मंडी के बारे में भी बात की गई। बताया गया कि किसानों को समाचार पत्र के माध्यम से पता चला है कि अनाज मंडी खुलने की तिथि दस अप्रैल रखी गई है, मगर मार्च माह के अंतिम सप्ताह तक गेहूं की फसल तैयार हो जाएगी, ऐसे में अनाज मंडी एक अप्रैल को खोली जाए। देरी से अनाज मंडी खोलने पर पंजाब के व्यापारी वर्ग को फायदा होगा, न कि हिमाचल प्रदेश सरकार को।
बैठक में तीसरी बात गेहूं की पैदावार से संबंधित रही। किसानों ने कहा कि क्षेत्र में गेहूं की पैदावार 8 कनाल में पच्चीस क्विंटल तक होती है, जबकि मंडी के पोर्टल पर 8 कनाल की कुल पैदावार 12 क्विंटल तक ही सीमित है, जिसमें वृद्धि होनी चाहिए। बैठक में किसान संघर्ष सेवा समिति के प्रधान विजय कुमार, सचिव कुलदीप सिंह पंचायत उप प्रधान मखन दीन, सुरिंदर पाल, सुधीर कुमार, नरेश कुमार, राहुल, सूदर्शन सिंह, मुनीश कुमार, विशाल कुमार, शैंपू चेची, मंगा सिंह बेलीज्टा मौजूद रहे।
