अवैध खनन के खेल का बड़ा स्टेडियम बनता जा रहा हिमाचल प्रदेश- बिक्रम ठाकुर
जसवां-परागपुर विस क्षेत्र के विधायक व पूर्व उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा है कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में उनके चहेतों व सगे-संबधियों के कारण प्रदेश अब ‘अवैध खनन’ के खेल का बड़ा ‘स्टेडियम’ बन चुका है। इससे प्रदेश के कई भागों में पर्यावरण असंतुलन का खतरा पैदा हो गया है, लेकिन सरकारी संरक्षण में पल-बढ़ रहे खनन माफिया पर हाथ डालने की बजाय अधिकारी मूकदर्शक बने नजर आ रहे हैं। जसवां में पत्रकारों से बातचीत में सोमवार को बिक्रम ठाकुर ने कहा कि पूरी सरकार प्रदेश में खनिज संपदा को लूटने में लगी हुई है , ऐसे में सरकार की मंशा, नीयत और कथनी पर अब सवाल उठने लाजिमी हैं । मुख्यमंत्री में जरा भी नैतिकता है तो वे बताएं कि अपने संबधियों और बद्दी में सीपीएस द्वारा खड्डाें व नालों का जो सीना छलनी किया जा रहा है या अब तक किया गया है, उस पर कार्रवाई के साथ अपना पक्ष स्पष्ट करें। सीएम सुक्खू के सगे सम्बंधी जब खनन मामलों में सलिंप्त हैं तो वे दूसरे लोगों पर कैसे कार्यवाही करेंगें । बिक्रम ठाकुर ने कहा कि यदि सरकार के संरक्षण में चहेतों का बाल बांका नहीं हो रहा है तो यह भी तय है कि इसकी आड़ में कई और लोग भी अवैध माइनिंग से जुड़कर लाखों रुपये के बारे-न्यारे हर दिन कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संपदा की इस तरह से हो रही लूट पूर्व में किसी सरकार के कार्यकाल में नहीं थी, लेकिन सुक्खू सरकार ने अपने मित्राें को नियम-कानून की धज्जियां उड़ाने की अघोषित अनुमति दे रखी है । सुक्खू सरकार की कथनी व करनी में दिन-रात का अंतर है। बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा अब इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है । कांग्रेस सरकार के विरूद्ध तथ्यों सहित खनन माफिया का भंडाफोड़ किया जाएगा और इस मामले को विधानसभा पटल में भी उठाया जाएगा।
बिक्रम ठाकुर ने कहा कि हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद अनुराग ठाकुर मुद्दों के साथ बात करते हैं और उनकी जिस टिप्पणी से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी व कांग्रेस समेत इंडी गठबंधन के कुछ नेता असहज हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि अनुराग ने सच काे सच कहा है और किसी को आपत्ति है तो वह इधर-उधर की बातों की बजाय मुद्दे पर आकर खुद को स्पष्ट करे। केवल पुतले जलाने से इस संवेदनशील मामले से नहीं बचा जा सकता । अनुराग द्वारा जिस ढंग और प्रखरता से सवाल उठाया गया, उसका जबाव देने में विपक्ष पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आया। देश में जाति जनगणना की बात करने वाले राहुल गांधी को अपनी जाति और धर्म बताने में आपत्ति क्यों है ।
