शिमला : मांग को लेकर मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव, शिक्षा सचिव से मिला हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ
र्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ) राष्ट्र हित में काम करने वाला राष्ट्रीय संगठन है, जिनका धेय वाक्य है 'चाहे जो आए व्यवधान देश के हित मे करेंगे काम'। प्रदेश का सबसे बड़ा संगठन होने के नाते प्रदेश के शिक्षकों की समस्याओं को आप तक पहुंचाना हमारा कर्तव्य है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश के विभिन जिलों में सेवाएं दे रहे 45000 हजार से ज्यादा सी एंड वी और जेबीटी अध्यापकों के लिए ट्रान्सफर निति बना कर बहुत बड़ी राहत प्रदान की है। जिससे शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अध्यापक और अध्यापिकाओं को ग्रह जिला में ट्रान्सफर होने का सुअवसर प्रदान हुआ, परंतु कुछ जिलों जिसमें मुख्यमंत्री, शिक्षामंत्री सहित जगत प्रकाश नड्डा का जिला है ने inter district ट्रान्सफर हुए अध्यापकों को तीन वर्ष पुरे होने के बाद भी रेगुलर नहीं किए। जिससे इन शिक्षक साथियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हैरानी की बात है कि इनके बाद नियुक्त हुए शिक्षक इनसे पहले नियमित हो गए हैं।
इन शिक्षकों ने 3 वर्षों से ज्यादा समय पूरा कर दिया है। हम मांग करते है कि इनको नियमित कर इनको सिनियोरिटी देने की कृपा की जाए तथा अगली कैबिनेट में इन अध्यापको को राहत देने की मांग करते हैं। इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश सरकार प्रदेश के कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर बहुत सहज है ओर समय समय पर समस्याओं का निवारण किया है। हिमाचल प्रदेश में डाइट के माध्यमो से जेबीटी की ट्रेनिंग करवाई जाती है, परंतु 2012 से इन अध्यापकों की नियुक्ति नहीं हो पाई। जिसकी वजय से इन परीक्षण प्राप्त शिक्षकों में काफी रोष है।
हैरानी की बात है कि सरकार की छवि को खराब करने का काम कुछ सरकारी संस्थाओं में तैनात शिक्षकों द्वारा किया जा रहा है। जिन्होंने इस कोर्ट तक ले जाने का काम किया है। अत: आप से निवेदन है कि इन शिक्षकों को नियुक्ति देकर राहत प्रदान करें। प्रदेश में पिछले कई वर्षों से जेबीटी की नियुक्ति नहीं हो पाई है। हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ सरकार से मांग करता है कि 7 अप्रैल की बैठक में उपरोक्त विषय का निवारण कर इन शिक्षकों को राहत प्रदान करें। प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राष्ट्रीय सचिव पवन मिश्रा, प्रांत संगठन मंत्री विनोद सूद, प्रांत महामंत्री डॉ मामराज पुंडीर, प्रांत अध्यक्ष पवन कुमार उपस्थित थे।
