धर्मशाला: विधानसभा शीत सत्र की तैयारियां तेज, अब तक मिले 300 से अधिक सवाल
राज्य विधानसभा सचिवालय ने सत्र की तैयारियां तेज कर दी हैं। धर्मशाला के तपोवन में 26 नवंबर से शुरू होने जा रहे विधानसभा के शीत सत्र में इस बार प्राकृतिक आपदा, सड़कों, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और कर्मचारियों की मांगों से जुड़े विषय प्रमुख हैं। सत्र के लिए बुधवार तक राज्य विधानसभा सचिवालय को 300 से अधिक सवाल मिल गए हैं। आने वाले दिनों में सवालों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। यह प्रश्न विधानसभा सचिवालय को विधायक 19 दिसंबर तक भेजे पाएंगे। शीत सत्र का समापन पांच दिसंबर को होगा। इस बार भी विपक्षी भाजपा जहां आक्रामक रुख में होगी, वहीं सत्ता पक्ष भी हमलावर रहेगा। राज्य विधानसभा सचिवालय ने विभिन्न विभागों को स्पष्ट किया है कि सवालों के जवाब समय पर तैयार करें, जिससे सत्र के दौरान मंत्री सटीक और पूर्ण जानकारी सदन के पटल पर रख सकें।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सत्र के दौरान आपदा राहत कार्यों पर भी सदन में वक्तव्य देंगे। इस वर्ष बरसात के दौरान राज्य के कई जिलों में प्राकृतिक आपदा आई, जिससे सैकड़ों सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हुए। जलापूर्ति योजनाएं ठप हो गईं और हजारों लोग विस्थापित हुए। सत्र में इन मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है। विधायकों की ओर से प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्निर्माण और राहत पैकेज के वितरण में पारदर्शिता को लेकर भी विपक्ष द्वारा प्रश्न उठाए जाएंगे। यह आठ बैठकों वाला अब तक का सबसे लंबा शीत सत्र है। कांग्रेस सरकार जहां अपने तीन वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों को सामने रखने की तैयारी में है, वहीं भाजपा सरकार को हर मोर्चे पर घेरने का प्रयास करेगी। तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
