हिमाचल: विधानसभा शीत सत्र शुरू, इन मुद्दों पर होगी चर्चा
धर्मशाला के तपोवन में प्रदेश की 14वीं विधानसभा का शीतकालीन सत्र 26 नवंबर से 5 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इस सत्र में कुल आठ बैठकें होंगी। यह पहला शीतकालीन सत्र है जो आठ दिन तक चलेगा, जबकि पहले यह सात दिन का होता था। राष्ट्रगान के साथ ठीक 11:00 बजे शीत सत्र शुरू हुआ। संविधान दिवस पर विधानसभा में संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई । स्पीकर ने सभी को प्रस्तावना की प्रति उपलब्ध करवाई। इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्व विधायक स्व. बाबू राम गौतम के प्रति सदन में शोकोद्गार प्रस्ताव पेश किया । जयराम और अन्य विधायकों ने इस प्रस्ताव पर अपना वक्तव्य दिया।
पठानिया ने कहा कि विधानसभा परिसर के अंदर विस सदस्यों को ही प्रेसवार्ता करने का अधिकार होगा। इसके अलावा अन्य कोई भी व्यक्ति विधानसभा परिसर में प्रेसवार्ता नहीं कर सकेगा। परिसर के बाहर कोई भी व्यक्ति प्रेस वार्ता कर सकता है। 28 नवंबर और 4 दिसंबर को गैर सरकारी कार्यों के लिए दिन निर्धारित हैं। सत्र में विधायक 744 प्रश्न पूछेंगे, जिनमें 604 तारांकित और 140 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं। सत्र के दौरान नियम 62 के तहत 11 सूचनाएं, नियम 63 के तहत 4, नियम 101 में 7, नियम 130 में 16 और नियम 324 में एक सूचना सदस्यों से प्राप्त हुई है।
पहले दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और भाजपा विधायकों के साथ सदन में शिष्टाचार भेंट कर सत्र के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं। सत्र की शुरुआत में स्पीकर कुलदीप पठानिया ने सदन के नेता, नेता प्रतिपक्ष और सभी सदस्यों का सदन में स्वागत किया धर्मशाला के तपोवन स्थित विधानसभा परिसर में पहुंचने पर डिप्टी चीफ व्हिप केवल सिंह पठानिया और अन्य विधायकों ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह का स्वागत किया। मुख्यमंत्री व स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया की भी भेंट हुई।
प्राप्त प्रश्नों और सूचनाओं में आपदा प्रबंधन, बाढ़, स्कूलों का विलय, हाल ही में हुई भारी बारिश व प्राकृतिक आपदा से नुकसान, सरकार के आपदा रोकथाम के प्रयास, सड़क और पुल निर्माण, स्वीकृत सड़कों की डीपीआर, स्कूलों-कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों का उन्नयन, रिक्त पदों की पदपूर्ति, पर्यटन, उद्यान, पेयजल आपूर्ति, नशे की रोकथाम, आपराधिक मामलों और परिवहन व्यवस्था शामिल है। कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि सत्र सही तरीके से चले, इसके लिए उन्होंने बुधवार को दोनों दलों के प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई है।
