हिमाचल में उद्योगों को मिलेगी टैक्स राहत, सुक्खू सरकार अगस्त में लाएगी नई 'ग्रीन इंडस्ट्रियल पॉलिसी'
हिमाचल प्रदेश को निवेश का पसंदीदा केंद्र बनाने और पड़ोसी राज्यों से मिल रही प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करने के लिए सुक्खू सरकार एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। राज्य सरकार अपनी आगामी 'नई ग्रीन औद्योगिक नीति' के तहत उद्योगों को विभिन्न करों और शुल्कों में बड़ी राहत देने की तैयारी में है। इस नीति के मसौदे में उद्योगों को राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) में छूट, बिजली शुल्क में राहत, कच्चे माल पर प्रवेश कर में कमी और परिवहन शुल्क को कम करने जैसे कई बड़े प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। दरअसल, पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल में कंपनियों को लॉजिस्टिक्स और उत्पादन पर ज्यादा खर्च करना पड़ता है; इसी परिचालन लागत को कम करने के लिए उद्योग विभाग एक विशेष प्रोत्साहन पैकेज तैयार कर रहा है ताकि मौजूदा निवेशकों को बनाए रखने के साथ-साथ नए उद्योगों को आकर्षित किया जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने वाली इस अनूठी नीति के तहत हरित तकनीकों और सौर ऊर्जा को अपनाने वाली इकाइयों को सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय लाभ और विशेष सुविधाएं दी जाएंगी। उद्योग विभाग फिलहाल इस नीति के अंतिम ड्राफ्ट पर विभिन्न विभागों से सुझाव ले रहा है, जिसे कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद आगामी अगस्त महीने में राज्य में लागू किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की पुरानी औद्योगिक नीति की अवधि 31 मार्च को समाप्त हो चुकी है, जिसे सरकार ने फिलहाल अस्थायी तौर पर विस्तार दिया है। सरकार को पूरा भरोसा है कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने वाली यह नई नीति हिमाचल प्रदेश को एक टिकाऊ और बेहद आकर्षक औद्योगिक गंतव्य के रूप में स्थापित करेगी।
