इन्दौरा : मंड में क्रशर लगाने का विरोध कर रहे किसान, बोले-क्रशर के कारण घटा इलाके का जलस्तर
उपमंडल इन्दौरा के गाँव मलकाना में इन्दौरा व फतेहपुर के किसानों की बैठक हिमाचल प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ कुलदीप सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में किसानों ने 5 किलोमीटर के दायरे में अनाज मंडी खोलना ,गन्ना किसानों के लिए मिली शुगर मिल खोलना और क्षेत्र में अवैध खनन पर जल्द कोई ठोस नीति बनाने की मांग सरकार के समक्ष रखी। डॉ कुलदीप सिंह तोमर ने कहा कि सरकार क्षेत्र में माइनिंग ओपन करने वाले केस जीत गई है और अब मंड क्षेत्र में जर्जर खनन पट्टे नीलाम करने की योजनाएं बना रही है। इसके साथ माइग्रेशन लगाने को मंजूरी देने जा रही है जिसका दोनों ब्लॉक 28 पंचायतों की 80000 आबादी प्रभावित होगी। किसानों ने कहा कि मण्ड क्षेत्र में ब्यास दरिया के दोनों और लगभग 17 क्रशर पहले ही अवैध खनन करने में जुटे हैं। जिन्होंने हजारों कनाल सरकारी व निजी किसानों की भूमि को बंजर बना दिया है। बैठक में किसानों ने कहा कि क्षेत्र में 1 भी नया क्रशर नहीं लगने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार ने भी अवैध खनन के खिलाफ कोई कड़ा रुख नहीं लिया और मंड को नो माइनिंग जोन घोषित नहीं करवा सके। इस समस्या के समाधान के लिए मंड क्षेत्र के 28 पंचायतों में हस्ताक्षर अभियान शुरू किया गया है और उसके बाद किसान सभा सरकार के समक्ष रखेंगे।
जनता के साथ है सरकार-विधायक मलेन्द्र राजन
विधायक मलेन्द्र राजन ने कहा कि प्रदेश सरकार मंड क्षेत्र की जनता के साथ है और किसानों की आवाज को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा। अवैध खनन को हरगिज बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए सरकार ने पुलिस की टीम गठित की है, जो दिन रात छापामारी कर कार्रवाई कर रही है।
