इंदौरा : रियाली के विद्यार्थियों ने रैली निकालकर बताए तंबाकू के दुष्प्रभाव
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के फतेहपुर ब्लॉक के रियाली तहसील के अंतर्गत स्थति राजकीय सीनियर सेकेंडरी विद्यालय के बच्चों ने तंबाकू की रोकथाम से जुड़े कोटपा कानून के बारे जागरूकता रैली निकाली। यह रैली नाडा इंडिया फाउंडेशन के तत्वावधान में निकाली गई। रियाली विद्यालय के समस्त स्टाफ एवं स्काउट एंड गाइड यूनिट के सहयोग से यह रैली आयोजित की गई। रैली के माध्यम से तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को आगाह किया गया।
विद्यार्थियों को तंबाकू मुक्त होने की शपथ दिलाई गई। विद्यालय के शिक्षक एवं स्टाफ ने जीवन में तंबाकू का प्रयोग नहीं करने का वचन लिया। इस अवसर पर स्कूल के प्रिंसिपल कमल किशोर शर्मा ने कहा कि हर साल तंबाकू के इस्तेमाल से 13 लाख लोग अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं, जो कि चिंता का विषय है। तंबाकू उद्योग का लक्ष्य युवा वर्ग एवम बच्चे होते हैं। इस कारण तंबाकू से दूर रहने के लिए जागरूकता कार्यकर्मो का महत्व है। संस्कृत के अध्यापक शास्त्री राजनय तिवारी ने जानकरी देते हुए कहा कि स्कूल के 100 गज क्षेत्र में तंबाकू उपयोग को लेकर वैधानिक चेतावनी बोर्ड लगे हैं। सामयिक मीटिंग में स्थानीय दुकानदारों को शामिल किया जाता है। पंचायत को इसकी साथ जानकारी दी जाती है।
स्कूल के स्काउट गाइड के साथ तंबाकू उत्पादों के ऊपर निकाली गई रैली में 'युवा जागेगा तंबाकू भागेगा' नारे का महत्व रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों की भागीदारी से तंबाकू की रोकथाम की दिशा में एक सराहनीय पहल ली गई। जागरुकता रैली में कुल 200 विद्यार्थियों समेत समस्त स्कूल स्टाफ ने भाग लिया।
नाडा इंडिया युवा नेटवर्क के सदस्यों ने इसमें बढ़ चढ़कर साथ दिया। कोटपा अधिनियम 2003 एवम विश्व तंबाकू निषेध दिवस के तहत नाडा इंडिया फाउंडेशन ने युवाओं के माध्यम से प्रदेश स्तरीय इस कैंपेन की शुरुआत शिक्षा विभाग के सहयोग से की है। इसका मुख्य उद्देश्य कैंपस में स्वास्थ को सुनिश्चित करना है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के संदेश जन जन में ले जाने का काम हो रहा है। स्वास्थ मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आगामी 31 मई विश्व तंबाकू निषेध दिवस के मौके पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है।
