इन्दौरा : मुख्यमंत्री ने 2018 में सीएचसी इंदौरा को दिया था सिविल अस्पताल का दर्जा
सीएचसी इन्दौरा को 2018 में सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया था। इसकी अधिसूचना भी साथ के साथ हो गई थी मगर अब तक इन्दौरा वासियों को सिविल अस्पताल की सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के चलते स्वास्थ्य सेवाओं के लिए लगातार परेशान होना पढ़ रहा है। अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट का कोई भी विशेषज्ञ नहीं है। इसके अभाव के कारण लोगों को टेस्ट करवाने के लिए सिविल अस्पताल पठानकोट या फिर सिविल अस्पताल नुरपुर या फिर निजी अस्पताल पठानकोट जाना पड़ता है। अस्पताल के नए भवन निर्माण के लिए भी अभी तक कोई प्रावधान नहीं हो पाया है। 2018 में मुख्यमंत्री के दौरे पर इसे सिविल अस्पताल का दर्जा दिया गया था। उसके 4 सालों के बाद 2022 में मुख्यमंत्री के द्वारा इसका शिलान्यास किया गया। लोगों का कहना है कि अगर सरकार चाहती तो 4 सालों में अस्पताल का भवन निर्माण होकर लोगों की सुविधाओं के लिए तैयार हो जाता और लोगों को सुविधाओं से वंचित नहीं रहना पड़ता।
