इंदौरा : आयुवेर्दिक अस्पताल डैंक्वा के भवन की हालत खस्ता, नशेड़ियों का बना अड्डा
उपमंडल इंदौरा के अंतर्गत पड़ते डैंक्वा में बना दो मंजिला आयुर्वेदिक अस्पताल का भवन मरम्मत के अभाव के कारण खंडहर में तब्दील हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले सरकारों द्वारा इस अस्पताल की कोई सुध नहीं ली गई जिस कारण ऐसे परिस्थिति उत्पन्न हुई है। जनता का कहना है कि अगर सरकार इस इमारत की मरम्मत सही तरीके से करवाती तो क्षेत्र की जनता को भी स्वास्थ्य सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलता। स्थानीय निवासियों ने बताया कि भवन के कमरों में लगे हुए पंखे चोरी हो गए हैं और शाम को अंधेरा होते हैं, इस भवन में नशेड़ी अपना जमावड़ा लगा लेते है। वहीं इस बारे में जब इंदौर के विधायक मलेन्द्र राजन से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर इमारत मरम्मत करने योग्य होगी तो मरम्मत करवाकर लोगों को अस्पताल की सुविधा मुहैया करवाई जाएगी। इसके लिए टेक्निकल टीम को भेजकर इमारत की जांच करवाई जाएगी।
1976 में बना है भवन किन्तु अब है नशेडियों का अड्डा-उमेश बंदराल
डैंक्वा के स्थानीय निवासी उमेश बंदराल ने बताया कि 1976 में इस आयुर्वेदिक अस्पताल का निर्माण किया गया था, किंतु उसके बाद शायद ही इस भवन की कभी मुरम्मत की गई हो, जिस कारण यह भवन आज खस्ता हालत में है। आजकल यह भवन नशेडियों का अड्डा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भवन की हालत इतनी खस्ता है कि यह कभी भी गिर सकता है।
स्वास्थ्य संस्थानों की समय समय पर होनी चाहिए मुरम्मत -राजीव वशिष्ठ
राजीव वशिष्ठ स्कूल डैंक्वा के प्रिंसिपल ने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों की समय-समय पर जाँच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह अस्पताल इतनी खस्ता हालत में है कि इसके अंदर जाने में भी डर लगता है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेदिक अस्पताल का यह भवन किसी बड़े हादसे को न्योता दे रहा है।
