जसवां प्रागपुर: भाजपा मंडल अध्यक्ष विनोद शर्मा ने सरकार पर किया सड़क स्वीकृति में भेदभाव का आरोप
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भारतीय जनता पार्टी जसवां प्रागपुर मंडल प्रागपुर अध्यक्ष विनोद शर्मा ने अक्तूबर माह की बैठक में नाबार्ड के माध्यम से स्वीकृत राशि 35 सड़कों में से प्रागपुर को एक भी सड़क की स्वीकृति ना देने पर सरकार की आलोचना की है यहाँ तक की कुल पैंतीस सड़को में भाजपा विधायकों द्वारा दी गई प्राथमिकताओं में मात्र तीन सड़को को स्वीकृति दी गई भाजपा पूर्व उपाध्यक्ष सुदेश कुमारी के आवास पर मंडल अध्यक्ष मनोनीत होने के उपरांत अपनी पहली भेंट में उन्होंने कहा कि प्रागपुर तो छोड़ो जिला कांगड़ा के 15 विधानसभा क्षेत्रों की एक भी सड़क स्वीकृत ना करना मुख्यमंत्री जी का जिला कांगड़ा के प्रति भेद भाव पूरण रवैया दर्शाता है। जिला कांगड़ा से सड़कों की स्वीकृति को लेकर सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने नौरी पुल का शिलान्यास किया इसका स्वागत है लेकिन अगर इसी स्थान नौरी से मात्र एक किलोमीटर नीचे की सड़क जिसकी 9 करोड़ 60 लाख की डीपीआर विधायक विक्रम सिंह ने अपने कार्यकाल में विधायक प्राथमिकता में दी थी की स्वीकृति मिल जाती तो सरकार के 5 करोड़ बच सकते थे। विनोद शर्मा ने कहा कि इसी तरह से कलोहा से सलेटी की डीपीआर 9 करोड़ 20 लाख की व सरड वम्मी व मांगली को जोड़ने वाली सड़क की डीपीआर 6 करोड़ 20 लाख की भी नाबार्ड में पहुंच चुकी है । आगामी माह में सरकार द्वारा विधायक प्राथमिकता के लिए विधायकों से अपनी बिधान सभा की नई सकीमो की परपोजल मांगी हैं मगर सरकार ने जब पिछली नाबार्ड में पहुंची सकीमो को ही बज़ट का प्रावधान नहीं किया तो फिर बो अगले साल की विधायक प्राथमिकताओं को मांगने का नाटक क्यों कर रही है । ज्ञात रहे इन तीनों सड़को के लिए लोगों ने सालों पहले स्वेच्छा से अपनी भूमि लोक निर्माण विभाग के नाम दान की है ।
उन्होंने सरकार के उपेक्षापूर्ण व्यवहार की आलोचना करते हुए इन तीनो सड़कों को अप्रैल माह की नाबार्ड की बैठक में स्वीकृति देने की मांग की है।
