मंडी के गोहर में पीलिया का प्रकोप, 19 वर्षीय नवविवाहिता की PGI में मौत
मंडी जिले के उपमंडल गोहर में पीलिया का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। ताजा मामले में नेहरा पंचायत के रौडी गांव की 19 वर्षीय नवविवाहिता शानिया (पत्नी सौरव) की PGI चंडीगढ़ में इलाज के दौरान देर रात मौत हो गई। इस घटना के बाद पीलिया से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है, जबकि संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 210 के पार पहुंच चुका है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा ने बताया कि युवती की मौत चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही हैं और लोगों को उबला व स्वच्छ पानी पीने के निर्देश दिए गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, शानिया बासा महाविद्यालय में द्वितीय वर्ष की छात्रा थी और हाल ही में उसका विवाह हुआ था। करीब एक सप्ताह पहले उसमें पीलिया के लक्षण दिखाई दिए, जिसके बाद उसे सिविल अस्पताल गोहर में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर चिकित्सकों ने उसे मेडिकल कॉलेज नेरचौक रेफर किया।
नेरचौक में भी स्थिति गंभीर बनी रहने पर डॉक्टरों ने उसे चंडीगढ़ स्थित पीजीआई भेजा, जहां विशेषज्ञों की निगरानी में उपचार जारी रहा, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। जैसे ही युवती की मौत की खबर क्षेत्र में पहुंची, पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल फैल गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर समय रहते प्रभावी कदम न उठाने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल और सफाई व्यवस्था की कमी के चलते हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
इधर, स्वास्थ्य विभाग के लिए भी यह स्थिति बड़ी चुनौती बनती जा रही है। 210 से अधिक संक्रमित मामलों ने संकेत दिया है कि बीमारी तेजी से फैल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं, पेयजल स्रोतों की जांच की जाए और स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए, ताकि इस बीमारी पर जल्द नियंत्रण पाया जा सके।
