जोगिंदरनगर: नगर परिषद के उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने जेसीसी की बैठक को बताया सरकार का झूठा ढ़कोसला
नगर परिषद के उपाध्यक्ष अजय धरवाल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई कर्मचारी संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक को ड्रामा करार दिया है। धरवाल कहा कि जयराम सरकार ने चार साल के पश्चात पहली बार संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक बुलाई और कर्मचारियों को लालीपॉप पकड़ा दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों को पंजाब वेतन आयोग के अनुसार हर दस वर्षों के पश्चात संशोधित वेतनमान दिया जाता है जोकि पंजाब सरकार के लागू करने के पश्चात स्वभाविक रूप से हिमाचल प्रदेश के कर्मचारियों को मिलना ही होता है। इस मुद्दे को संयुक्त सलाहकार समिति में लाने का प्रश्न ही उत्पन्न नहीं होता जिसका सरकार क्रडिट ले रही है। धरवाल ने कहा कि नया वेतनमान फरवरी में देने की बात तो कही लेकिन एरियर और डीए का जिक्र भी नहीं किया। दूसरा जिस फैमिली पेन्शन की बात की जा रही है उस फैमिली पेंशन घोषणा तत्कालीन धूमल सरकार ने 2009 में की हुई थी। जिसका क्रियान्वयन करने के लिए बारह वर्ष लग गए। अनुबन्ध अवधि को तीन साल से घटाकर दो साल किया गया है जोकि भारतीय जनता पार्टी के दृष्टि दस्तावेज में था कि हम सरकार में आते ही अनुबंध अवधि को तीन साल से घटाकर दो साल कर देंगे। उन्होंने कहा कि इतिहास में पहली बार पुलिस के कर्मचारियों को बावर्दी अपने हक के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा, हिमाचल परिवहन के कर्मचारी टूल डाऊन हड़ताल कर रहे हैं और आशा वर्करज अपनी मांगों के लिए भटक रही हैं।
