जुब्बल कोटखाई : रोहित ठाकुर की जीत से विपक्ष का कुनबा बढ़ा, सत्तापक्ष का एक विधायक हुआ कम
उप-चुनावों के परिणाम के बाद जयराम सरकार के कार्यकाल का तेहरवां विधानसभा सत्र 10 दिसम्बर, 2021 को शुरू होने जा रहा हैं। तपोवन में पिछले वर्ष कोरोना के चलते विधानसभा का शीतकालीन सत्र नहीं करवाया गया था। विधानसभा चुनाव से एक वर्ष पहले शुरू होने जा रहा विधानसभा सत्र बेहद ख़ास रहने वाला है। कांग्रेस विधायकों के निधन से खाली हुई अर्की और फतेहपुर सीट फ़िर से कांग्रेस को मिली जबकि रोहित ठाकुर की जुब्बल-कोटखाई विधानसभा क्षेत्र में सरकार से सीधी टक्कर के बाद भाजपा पर जीत से कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं। विधानसभा चुनाव से एक वर्ष पहले कांग्रेस का जोश तपोवन के सदन में देखने को मिलेगा। इस सत्र में जुब्बल-कोटखाई से नवनिर्वाचित विधायक रोहित ठाकुर की जीत से कांग्रेस विधायकों का संख्याबल बढ़ेगा तो दूसरी ओर भाजपा की एक सीट कम होगी। रोहित ठाकुर की जीत से अब कांग्रेस विधायकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है जिससे कांग्रेस को संवैधानिक तौर से विधानसभा में विपक्षी दल का दर्ज़ा मिल गया हैं। विधानसभा के उप-चुनाव में सबसे हॉट सीट जुब्बल-कोटखाई को माना जा रहा था और भाजपा सरकार ने इसे जीतने के लिए एड़ी-चोटी का ज़ोर लगाया और घोषणाओं की झंडी लगा दी। निर्दलीय उम्मीदवार द्वारा दोहरी सहानुभूति लेने के बावजूद भी रोहित ठाकुर के जन-सम्पर्क अभियान, कांग्रेस की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की मेहनत से कांग्रेस को जीत हासिल हुई। वहीं भाजपा अपनी जमानत तक नही बचा पाई। नवनिर्वाचित विधायक रोहित ठाकुर तीसरी मर्तबा विधानसभा पहुँचे हैं। रोहित ठाकुर जिला शिमला में मौजूदा कांग्रेस विधायकों में सबसे वरिष्ठ हैं। इससे पहले रोहित ठाकुर 2003 और 2012 में विधायक रह चुकें हैं जबकि 2012 में वीरभद्र सरकार में उन्हें मुख्य संसदीय सचिव बनाया गया था।
