ज्वालामुखी: भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ की बैठक ज्वालामुखी में संपन्न
भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ हिमाचल प्रदेश की राज्य स्तरीय बैठक ज्वालामुखी में महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घनश्याम शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष ब्रह्मानंद,अतिरिक्त महामंत्री सुभाष पठानिया, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम व्यास, प्रदेश पथ परिवहन के अध्यक्ष बलरामपुरी, जिला अध्यक्ष चमन पुंडीर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आरके धीमान, किशोरीलाल महासंघ के खंड देहरा के अध्यक्ष रामस्वरूप शर्मा और अन्य संगठनों के पदाधिकारियों पेंशनर आदि ने हिस्सा लिया। घनश्याम शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के गुरुकुल में केवल झूठ की पीएचडी करवाई जाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता केवल मात्र झूठ के सहारे राजनीति करते हैं। उन्होंने झूठ बोलकर सत्ता हासिल की और झूठ बोलकर 10 गारंटी देकर प्रदेश की जनता को ठगा है।
उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की प्रशासनिक पकड़ खत्म हो चुकी है मुख्यमंत्री जो घोषणा करते हैं, प्रशासनिक अधिकारी उस पर अमल नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक, जिन्होंने सरकारी नौकरी में अपनी जवानी प्रदेश की तरक्की के लिए लगा दी, आज अपनी छोटी मोटी मांगों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।
कर्मचारियों के एरियर नहीं मिल रहे हैं, पेंशनर का एरियर नहीं मिल रहा है। कर्मचारियों को डीए के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है । प्रदेश में कर्मचारियों को 34 फीसदी डीए मिल रहा है, जबकि अन्य राज्यों में 44त्न डीए मिल रहा है उन्होंने कहा कि मैं ओपीएस का समर्थक हूं। सरकार इसे ठीक ढंग से लागू करें, ताकि कर्मचारियों को लाभ मिले। परंतु इससे उल्टा सरकार राजस्थान और छत्तीसगढ़ जहां कांग्रेस की सरकारें हैं। उसी तर्ज पर प्रदेश में ओपीएस को लागू करने जा रही हैं। कैबिनेट में पास कर दिया है परंतु उसको कर्मचारियों के हित को देखते हुए लागू नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस के नेता दिल्ली में लड़ाई लड़ने की बातें करने लगे हैं। उन्होंने कांग्रेसियों से पूछा है कि 10 गारंटी उन्होंने क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछ कर लोगों को दी थी। उन्होंने सरकार को 15 अगस्त तक का अल्टीमेटम दिया है। यदि 15 अगस्त तक कर्मचारियों की सभी मांगे ंपूरी नहीं होती हैं तो पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
