काँगड़ा: सरकारी आईटीआई नैहरनपुखर में जिला स्तरीय टूर्नामेंट जारी, पानी की भारी किल्लत बनी चुनौती
सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैहरनपुखर में इन दिनों जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन जोरों पर है। इस आयोजन में जिले भर के विभिन्न क्षेत्रों से आई 22 टीमों के करीब 700 छात्र खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। खेलों में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का माहौल बना हुआ है, लेकिन संस्थान में मूलभूत सुविधाओं की कमी आयोजन की सफलता पर सवाल खड़े कर रही है। सबसे गंभीर समस्या पानी की है, जिसकी एक बूंद तक आईटीआई परिसर में उपलब्ध नहीं है। आयोजकों को रोजाना एक या दो पानी के टैंकर मंगवाकर खिलाड़ियों और अन्य लोगों की जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं। पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता की अनुपलब्धता ने न केवल आयोजन समिति को परेशान किया है, बल्कि बाहर से आए खिलाड़ियों को भी असुविधा झेलनी पड़ रही है। हालांकि, आयोजक इस बात के लिए सतर्क हैं कि किसी भी खिलाड़ी को किसी प्रकार की दिक्कत न हो। संस्थान के प्राचार्य ललित मोहन ने बताया कि खिलाड़ियों के ठहरने, भोजन और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। लेकिन पानी की आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई है, जिससे कार्यक्रम के संचालन में कठिनाइयाँ आ रही हैं। उन्होंने कहा कि हम हर दिन एक-दो पानी के टैंकर मंगवा रहे हैं ताकि खिलाड़ियों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। पानी की इस समस्या के बावजूद हमने आयोजन को सफल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि यह हमारी प्राथमिकता है कि दूर-दराज़ से आए खिलाड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे आयोजन के दौरान संस्थान का स्टाफ, शिक्षक और स्थानीय प्रशासनिक सहयोगी लगातार कार्य कर रहे हैं, ताकि खेल प्रतियोगिता सुचारू रूप से चलती रहे। यह जिला स्तरीय टूर्नामेंट 25 अप्रैल तक चलेगा। इस आयोजन से स्थानीय युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ रही है और खिलाड़ियों को एक मंच मिल रहा है जहाँ वे अपने हुनर को प्रदर्शित कर सकें। लेकिन पानी की समस्या ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य में इस तरह के बड़े आयोजनों से पहले बुनियादी सुविधाओं की पुख्ता तैयारी अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल प्रतिभागियों की सुविधा के लिए जरूरी है, बल्कि आयोजन की गरिमा और सफलता के लिए भी अनिवार्य है।
संस्थान प्रशासन की तत्परता और टीम भावना प्रशंसनीय है, लेकिन यह घटना आने वाले आयोजनों के लिए एक सीख है कि खेलों के साथ-साथ सुविधाओं की तैयारी भी समान रूप से ज़रूरी होती है।
