कांगड़ा : स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग ने आयोजित किया एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर
क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ट्रेनिंग सेंटर छेब कांगड़ा में स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के सौजन्य से मानसिक स्वास्थ्य पर स्वास्थ्य विभाग तथा पुलिस विभाग के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल ने किया। अपने शुरुआती संबोधन में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा डॉक्टर गुरु दर्शन गुप्ता ने कहा आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में मानसिक तनाव एक आम समस्या हो गई है जब यह तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। आज का युवा वर्ग मानसिक समस्याओं से ज्यादा जूझ रहा है जब बह इन समस्याओं से सामंजस्य नहीं बिठा पा रहा है तो वह या तो मानसिक रोगी बन रहा है। या असमय मौत को गले लगा रहा है। इन सारी समस्याओं से खासकर युवा वर्ग को जागरूक करने के लिए इस प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया है । ताकि स्वास्थ्य और पुलिस विभाग मिलकर युवा वर्ग को जागरूक करें। और युवा वर्ग मानसिक रूप से स्वस्थ हो तथा आने वाली किसी भी समस्या का डटकर सामना कर सके। उन्होंने कहा इसके साथ साथ मानसिक रोगियों से भेदभाव को कम करना उनके मनोबल को बढ़ाना तथा इलाज लेने में मदद करना हम हम सबकी जिम्मेवारी है। प्रशिक्षण के दौरान डॉ अनीता ठाकुर ने आत्महत्या को रोकने व आदत प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही डॉ अभिनव आदित्य ने मानसिक स्वास्थ्य एक्ट 2017 के अनुसार मानसिक रोगियों के स्वास्थ्य सुविधा व जांच के प्रावधानों की जानकारी दी। डॉ गुरमीत कटोच जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मशाला ने बताया की मानसिक स्वास्थ्य के लिए सरकार ने जागरूकता अभियान तथा कई कार्यक्रम चलाए हैं जिसमें हम सभी को मिलजुल तथा एकजुट होकर कार्य करना होगा ताकि मानसिक रोगी अपने आपको अलग थलग न समझे और उनके स्वास्थ्य में जल्दी सुधार हो सके। तथा वह अपनी दिनचर्या ठीक से चलाएं ।जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल ने स्वास्थ्य तथा पुलिस विभाग के संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए कहा की मानसिक स्वास्थ्य खराब होने पर परिवार तथा सभी रिश्तेदारों एवं समाज को बहुत पीड़ा होती है यह पीड़ा को समझते हुए सभी को मानसिक रोगियों से सहानुभूति रखनी चाहिए तथा स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने में मदद करनी चाहिए। ताकि वह भी समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सके।
