कांगड़ा: केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में वेदांत की संगोष्ठी का हुआ आयोजन
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में वेदांत विभाग की एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें "भगवान दास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय" हरिद्वार के वेदांत विभाग के सहायकाचार्य आदित्य प्रकाश ने वेदांत में जीव स्वरूप पर अपना विचार पस्तुत किया। वेदांत विषय के सहायकाचार्य डा रघु बी राज ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। अदित्य प्रकाश ने जीवात्मा की आत्मा के स्वरूप की एकता का प्रतिपादन करते हुए आस्तिक नास्तिक दर्शनों में जीव का क्या स्वरूप है, इसका सम्यक रूप से प्रतिपादन किया। उन्होंने बताया कि वेदांत जीव ब्रह्म की एकता का प्रतिपादन करता है जीव ब्रह्म भाव को कैसे प्राप्त होता है इसका भी उन्होंने उल्लेख किया। इस संगोष्ठी में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी ने सर्व दर्शनों में जीव संप्रत्यय मोक्ष प्राप्ति के साधन पर विशेष रूप से चर्चा की। इस संगोष्ठी का क्रियान्वयन वेदान्त विभाग के अध्यक्ष प्रो मंजूनाथ भट्ट ने किया। संगोष्ठी के इस कार्यक्रम का संचालन डा प्रिंस चक्रवर्ती ने किया। कार्यक्रम के अंत में डा राजन मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित वेदांत विभागाध्यक्ष प्रो. मंजूनाथ भट्ट, शिक्षा शास्त्री विभागाध्यक्ष प्रो शीशराम व वेदांत विभाग के समस्त सहायकाचार्य एवं छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
