हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार को बड़ा झटका लगा है। पर्यटन स्थल सूने हैं। हिमाचल में अब तक ढाई हजार सैलानियों ने बुकिंग रद्द या होल्ड कर दी है। इसके अलावा ट्रैकिंग ट्रिप पर जाने का कार्यक्रम भी सैलानियों ने स्थगित कर दिया है। हालांकि बरसात के चलते हिमाचल में इन दिनों ऑफ सीजन चल रहा है, लेकिन इन दिनों में भी होटलों में 30 से 40 फीसदी तक एक्यूपेंसी रहती है। लेकिन प्राकृतिक आपदा के आपदा वीकेंड पर भी ऑक्यूपेंसी 10 फीसदी से कम है। हिमाचल की राजधानी शिमला के अलावा मनाली, धर्मशाला, मैक्लोडगंज, चंबा और डलहौजी में होटलों के कमरे खाली चल रहे हैं। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में बीते साल 2023 में प्राकृतिक आपदा के चलते पर्यटन कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हुआ था। उस समय कारोबारियों को करोड़ों की चपत लगी थी। आपदा के चलते कुल्लू-मंडी और मनाली में तबाही के डर से सैलानी पर्यटन नगरी धर्मशाला-मैक्लोडंगज आने से भी कतरा रहे हैं। वीकेंड पर एक आध कमरे की ही बुकिंग हो रही है। धर्मशाला का पर्यटन स्थल मैक्लोडगंज और भागसूनाग भी वीकेंड पर सूना है। हालांकि पर्यटन कारोबारियों को 15 अगस्त की छुट्टियों के दौरान तीन-चार दिन के लिए अच्छे कारोबार की उम्मीद है। होटल एसोसिएशन धर्मशाला के अध्यक्ष अश्विनी बांबा का कहना है कि बरसात में होटलों में एक-दो कमरे ही लग पा रहे हैं। ऑफ सीजन में सैलानियों को होटलों में 30 फीसदी तक छूट भी दी जा रही है, लेकिन फिर भी वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 15 फीसदी भी नहीं पहुंच रही। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के एजीएम नवदीप थापा ने बताया कि बरसात के मौसम में प्रदेश में हो रही तबाही के कारण सैलानियों में डर का माहौल है। पर्यटन कारोबार काफी कम हो गया है। निगम के होटलों में सैलानी बुकिंग रद्द करवा रहे हैं। सैलानी हिमाचल आने से डर रहे हैं। टूरिस्टों ने ट्रैकिंग ट्रिप होल्ड कर दिए हैं। अगर भारी बारिश का क्रम थम जाता है तो करीब 15 दिन बाद स्थिति सुधरने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश ने कहर बरपाया है। बादल फटने से नालों में आई बाढ़ से कई लोग लापता हुए हैं। वहीं, भारी बारिश के साथ आए तेज तूफान ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। प्रदेश में सेब की फसल तैयार है। इस बीच तेज तूफान के कारण पेड़ों से झड़ कर सेब के खेतों में ढेर लग गए हैं। ऐसे में सरकार ने बागवानों की पीड़ा को समझते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का फैसला लिया है। इसके लिए एपीएमसी ने निर्धारित समय से पहले झड़े हुए सेब को खरीदने का फैसला लिया है, ताकि बागवानों का नुकसान होने से बचाया जा सके। बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा कि दो दिन पहले मौसम बिगड़ने की वजह से सेब की फसल को नुकसान हुआ है। ऐसे में आपदा प्रभावित क्षेत्रों में एचपीएमसी को बागवानों से सेब की खरीद करने को कहा गया है, जिसके लिए बागवानी को एचपीएमसी के केंद्र प्रभारियों से लिखित में आवेदन करना होगा। एचपीएमसी ने शुरुआती तौर पर अभी 20 केंद्रों पर सेब की खरीद शुरू कर दी है। इसके अलावा अगले कुछ दिनों में आपदा प्रभावित क्षेत्रों सहित कम ऊंचाई वाले सेब बहुल क्षेत्रों में 40 के करीब क्षेत्रों में सेब खरीद शुरू हो जाएगी।
हिमाचल प्रदेश के तीन जिलों में बादल फटने से आई बाढ़ के बाद लापता हुए 45 से अधिक लोगों का पता लगाने के लिए बचावकर्मियों ने ड्रोन तैनात किये हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी शुक्रवार को दी। बुधवार रात तीन जिलों- कुल्लू, मंडी और शिमला में बादल फटने से अचानक बाढ़ आने के बाद मंडी के राजबन गांव से दो शव और कुल्लू के निरमंड से एक शव बरामद किया गया। जानकारी के अनुसार तीन शवों की बरामदगी के साथ, कुल्लू, मंडी पधर और शिमला के रामपुर उपमंडल के निरमंड, सैंज और मलाणा क्षेत्रों में अचानक आई बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। 45 लोग अभी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने शिमला और कुल्लू जिले की सीमा पर स्थित समेज जाकर हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि लापता लोगों में 17-18 महिलाएं और 8-9 बच्चे शामिल हैं। उन्होंने पीड़ितों के लिए 50 हजार रुपये की तत्काल राहत और अगले तीन महीने तक 5,000 रुपये प्रति माह किराया देने की भी घोषणा की। इसके अलावा, गैस, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्री भी मुहैया कराई जाएगी।
बादल फटने और बाढ़ आने से प्रदेश में 17 पुल ढहे और क्षतिग्रस्त हुए है। प्रदेश सरकार ने जरूरत के मुताबिक इन जगहों पर बेली ब्रिज लगाने के निर्देश दिए हैं। सेब बहुल क्षेत्रों की सड़कें दुरुस्त करने को कहा है। जिन सड़कों को ज्यादा नुकसान हुआ है और समय रहते ठीक नहीं हो सकती हैं, उन क्षेत्रों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाने के निर्देश दिए हैं। प्रभावित क्षेत्रों के लिए डोजर और जेसीबी लगाए गए हैं। प्रदेश सरकार ने विभाग से प्रतिदिन रिपोर्ट मांगी है। बीते साल आई आपदा से सबक लेते हुए सरकार ने पहले ही बेली ब्रिज खरीद रखे थे। जोन स्तर पर इन ब्रिजों को रखा गया था। अब इन वेली ब्रिज को जिला शिमला, मंडी, कुल्लू के लिए भेजा जाएगा। हालांकि इससे पहले लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर क्षतिग्रस्त पुलों का निरीक्षण करेंगे। अगर कोई पुल रिपेयर करने योग्य होगा तो उसकी मरम्मत होगी। जो पुल ढह गया है, वहां तुरंत बेली ब्रिज लगाने का काम शुरू हो जाएगा। लोक निर्माण विभाग का दावा है कि जिला कुल्लू के निरमंड में सबसे ज्यादा 9 पुल ढहे व क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते 455 सड़कें यातायात के लिए प्रभावित हुई हैं। कई सड़कें ऐसी हैं, जिनका नामोनिशान मिट गया है। हालांकि विभाग का दावा है कि 100 से ज्यादा सड़कें यातायात के लिए बहाल की गई हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर इन चीफ नरेंद्र पॉल ने कहा कि विभाग का हर कर्मचारी मुस्तैदी के साथ सड़कों को बहाल करने में डटा है। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के चलते विभाग को अब तक 300 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है। सड़कें और पुुल टूटने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। ऐसे में जहां जहां पुल ढह गए हैं, वहां बेली ब्रिज लगाए जाएंगे।
इन्दौरा/ मनीष ठाकुर: आयुष्मान कार्ड को लेकर हिमाचल प्रदेश में हुई ईडी की रेड पर कैबिनेट मंत्री रैंक एवं नगरोटा बगवां के विधायक आरएस बाली ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुई कहा कि ये प्रेस कॉन्फ्रेंस पिछले दो दिन के घटनाक्रम को लेकर की जा रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि ईडी रेड को लेकर मेरे पास नगरोटा बगवां समेत हिमाचल प्रदेश के कोने-कोने से लोगों के फोन आ रहे था. ऐसे में ये प्रेस कॉन्फ्रेंस करना बहुत जरूर हो गया था। आरएस बाली बोले विकास पुरुष श्री जीएस बाली के जन्मदिवस के उपलक्ष में बाल मेला आयोजित किया गया था। जिस बाल मेला में रोजगार से लेकर मेडिकल कैंप का लाभ प्रदेश भर से आए लोगों ने लिया। इस बाल मेला से हम अभी फ्री हुए थे कि एक चीज सामने आ गई। उन्होंने कहा हिमाचल में कई जगह जांच एजेंसी गईं और सुबह साढ़े 8 बजे मुझे मेरी बुआ जी का फोन आया. मैं अपनी धर्मपत्नी और अपने बेटे को लेकर छुट्टियों में एक दिन पहले मैक्लोडगंज आया था। आरएस बाली आगे बोले प्रेस में कई तरह की खबरें छपी जिसे क्लियर करना जरूरी है. किसी ने छापा कि मैं दिल्ली से आया और मुझे एयरपोर्ट से ईडी के साथ घर लाया गया, लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। मेरी बुआ जी का फोन आया कि यहां कुछ जांच एजेंसी के अधिकारी आए हैं। तो मैंने कहा कि आप इनको पूरा सपोर्ट करिए, ये लोग जहां जाना चाहें वहां जाने दीजिए। आरएस बाली ने कहा मैं खुद अपने आप वहां पहुंच रहा हूं, सिर्फ मैंने अपने बेटे से कहा था कि हमने मंदिर जाना है, तो मैं मैक्लोडगंज से बैजनाथ मंदिर गया और अपनी पत्नी और अपने बेटे के साथ मैंने भोलेनाथ जी के दर्शन किए, मैंने माथा टेका और ये सबकुछ सीसीटीवी पर है, सबकुछ कैमरे में है, क्योंकि वहां पर भी कैमरे लगे हैं। आरएस बाली बोले वहां पर दर्शन करने के बाद मैंने एक और वादा किया था हमारे ब्लॉक के अध्यक्ष चौधरी मान सिंह जी उनके बेटे की तबीयत बहुत खराब है. मुझे लगा कि अब जब ये जांच एजेंसियां काम करेंगी तो हो सकता है मेरे दो तीन दिन लग जाएं. उनका बेटा जो था उसकी हालत बहुत गंभीर थी तो मैंने सोचा कि मैं पहले अपने ब्लॉक अध्यक्ष चौधरी मान सिंह जी के घर जाऊंगा. मैं उनके घर पहुंचा और अपनी पत्नी और बेटे के साथ उनके बेटे से मिला। आधे घंटे उनसे मिलने के बाद मैंने कहा मैं आधे घंटे में घर पहुंच जाऊंगा। आरएस बाली ने कहा मैं खुद बिना किसी दबाव के जांच में सहयोग देने के लिए अपनी पत्नी और बेटे साथ अपने घर पहुंचा। मैं जब घर पहुंचा तो वहां जांच एजेंसी के लोग अपना काम कर रहे थे. पूरे देश में आयुष्मान भारत योजना में बहुत सी अनियमितताएं पाई गई हैं। उन्होंने कहा आयुष्मान भारत में एक गरीब और जरूरतमंद मरीजों का इलाज होता है. किसी मरीज के साथ धोखाधड़ी होना संगीन मामला है। अगर किसी अस्पताल ने धोखाधड़ी की है तो जांच होना बहुत जरूरी है और उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. इसमें कुछ भी राजनीति से प्रेरित नहीं है। देश के बहुत से अस्पतालों में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत अनियमितताएं और धोखाधड़ी पाई गई हैं और यह बहुत गंभीर मामला है। आरएस बाली ने कहा इस कड़ी में कांगड़ा समेत हिमाचल के अलग-अलग जगह यह छापामारी हुई है.कांगड़ा के अंतर्गत हमारा एक भवन है, जिसे फोर्टिस कंपनी को अस्पताल चलाने के लिए पिछले तेरह सालों से दिया हुआ है। मेरे परिवार का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं है। फिर भी उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2020 से यह अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा है। उन्होंने आगे कहा कि फोर्टिस अस्पताल में आयुष्मान भारत पीएम केयर योजना में महज 22 लोगों का उपचार हुआ और इस पर 4,85,500 रुपये खर्च हुए हैं। ईडी की टीम मरीज से संबंधित रिकॉर्ड लेने के लिए यहां आई थी। मरीजों के फोन नंबर, आधार कार्ड, पैन नंबर समेत जो-जो जानकारी ईडी के अधिकारियों ने मांगीं थी, वह प्रत्येक जानकारी उन्हें उपलब्ध करवाई गई हैं। घर पर राशन समेत अन्य जरूरतें पूरा करने के लिए जितना पैसा चाहिए होता है, उतना ही पैसा मेरे आवास पर भी रहता है। सारे भुगतान बैंक चेक से होते हैं। आरएस बाली ने कहा कि इसके अलावा जांच एजेंसियों को कुछ भी बरामद नहीं हुआ। मुझे न तो ईडी के किसी अधिकारी का फोन आया और न ही किसी अन्य तरह कोई दबाव था।
कागंड़ा /इंदौरा : मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन इंदौरा में बी.एड प्रथम सत्र के परीक्षा परिणाम में अव्वल आए छात्रों का शानदार प्रदर्शन रहा। इसमें सभी प्रशिक्षु अध्यापकों ने प्रथम श्रेणी में आकर कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसमें से 25 छात्रों ने 81से 85% और 47छात्रों ने 76से 80 % एवं 26 छात्रों ने 71 से 75% और 65 से 70%अंक प्राप्त किए हैं। यह परीक्षा परिणाम शैक्षणिक योग्यता की सफलता को दर्शाता है। सभी बच्चों ने प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त करके मिनर्वा कॉलेज का नाम रोशन किया है। इसके अलावा कोई भी विद्यार्थी किसी भी विषय में अनुत्तीर्ण नहीं है। आंचल सोनी, काजल और मिनाक्षी ने 82.2% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान व शीतल और तनीषा शर्मा ने 82.% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा अविनाश डडवाल, अक्षय,दिवांशी और अदिति सुपहिया ने 81.7% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया है । मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष चेयरमैन जे. एस पटियाल ने सभी छात्रों और अध्यापक वर्ग को बधाई दी और कहा कि यह हमारे लिए बहुत ही गर्व की बात है कि हमारे कॉलेज के छात्रों ने हर साल की तरह अच्छे अंक प्राप्त करके प्रदेश भर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। यह हमारे लिए बहुत ही सौभाग्य की बात है। मिनर्वा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के प्रिंसिपल डॉ प्रशांत कुमार ने सभी विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए सम्मानित किया। कहा कि हमें अपने विद्यार्थियों पर गर्व है जो लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे है तथा महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे है। और उन्होंने बताया कि वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह में अव्वल आए मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।
मनीष ठाकुर/इन्दौरा: पूर्व छात्र संघ (OSA) सदस्यों की प्राचार्या डॉक्टर सुमीक्षा गुप्ता तथा सलाहकार समिति के साथ बैठक हुई। बैठक में महाविद्यालय में नैक के संदर्भ के बारे में कार्य करने के बारे मे बताया गया और उसके समाधान हेतु विभिन्न पहलुओं से अवगत करवाया तथा विचार विमर्श किया गया। इस संदर्भ में सदस्यों ने कार्य प्रणाली की प्रशंसा की। तथा नेक कार्य करने में सहयोग करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर OSA के प्रधान एडवोकेट पंकज शर्मा ने ₹21000 का अनुदान दिया OSAनिधि में ₹21000 का दियाl इस इस बैठक में OSA के सदस्य कुलदीप शर्मा अजीज ,अभिनय शुभम मोहन कुलदीप उपस्थित रहे। अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर समीक्षा गुप्ता, OSAके सचिव डॉक्टर कमल सिंह ने सभी का स्वागत किया तथा महाविद्यालय की सलाहकार समिति के सदस्यों में डॉक्टर अवस्थी ,प्रोफेसर योगेश, प्रोफेसर कुलवंत परमार प्रोफेसर अंजना तथा राजेंद्र पाल उपस्थित रहे।
काँगड़ा: उपमंडल ज्वालामुखी के गांव करयाडा निवासी 93 वर्षीय पूर्व सैनिक सिपाही शक्ति चंद का अल्प बीमारी के उपरांत शुक्रवार सुबह देहांत हो गया। पूर्व सैनिक लीग खुंडियां ज्वालामुखी के अध्यक्ष रिटायर्ड कर्नल एम एस राणा ने बताया कि शक्ति चंद इक्कीस वर्ष की आयु में अगस्त 1954 में सेना में भर्ती हुए थे। 1962 भारत चीन युद्ध और 1965 व 1971 के भारत पाक युद्ध का हिस्सा रहे शक्ति चंद 1973 में 15 डोगरा से सेवानिवृत हुए थे। इलाके में अच्छी पैठ रखने वाले दिवंगत पूर्व सैनिक ने तदोपरांत खेती में हाथ आजमाया और अपनी पंचायत के वार्ड पंच भी रहे। शुक्रवार को स्टेशन हेडक्वार्टर योल के सैन्य दल ने सेना प्रमुख की ओर से श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा अंतिम सलूट दिया गया। इस अवसर पर इलाके के रिटायर्ड कर्नल हेम राज, कैप्टन रणवीर, कैप्टन विजय, सूबेदार जगदीश, हवलदार रविंद्र, हवलदार धनी राम के इलावा अनेक गणमान्य लोग शामिल हुए तथा परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद आई भारी तबाही ने सभी को चौंका कर रख दिया। गुरूवार देर रात आई बारिश ने किसी को आपनो से दूर किया तो किसी के आशियानों की उजाड़ कर रख दिया लेकिन बारिश का ये कर्म अभी यही नहीं रखने वाला। मौसम विभाग केंद्र शिमला ने आगामी पांच दिनों के लिए भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 2 से 7 अगस्त तक कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना ज़ाहिर की है। जिसमें मंडी , शिमला , सिरमौर ,कांगड़ा, बिलासपुर और हमीरपुर शामिल है। मौसम विभाग ने लोगों को नदी नालो से दूर रहने की भी अपील की है। मौसम विभाग के इस पूर्वानुमान के बाद प्रदेश के लोगों डर भी बैठ गया है। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर से ऐसी ऐसी खबरे सामने आई कि लोग अभी भी डरे और सहमे हुए है।
**प्रदेश में अभी जारी रहेगा बारिश का दौर हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी बारिश से तबाही का मंजर देखने को मिला है। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के कुछ भागों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के विज्ञानिक संदीप कुमार ने बताया कि बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश में अधिकांश क्षेत्रों में बारिश हुई है, कुछ जिलों में भारी बारिश रिकॉर्ड की गई है। चंबा, कांगड़ा, बिलासपुर हमीरपुर, सोलन शिमला में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। आज चंबा कांगड़ा कुल्लू मंडी में एक दो स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। 2 से 6 अगस्त तक कुछ स्थानों में भारी बारिश का येलो अलर्ट है। इस दौरान ऊना, बिलासपुर, सोलन, मंडी, सिरमौर, शिमला, चंबा, कांगड़ा में एक दो स्थानों पर भारी बारिश की संभावना हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में लोगो को नदी नालों के नजदीक न जाने की सलाह है क्योंकि भारी बारिश के बाद फ्लैश फ्लड की स्थिति बन सकती है।
हिमाचल प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान भारी बारिश से तबाही हुई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भारी बारिश से हुई तबाही को लेकर सचिवालय में आपात बैठक की और सभी जिलों से नुकसान की रिपोर्ट लेने के साथ सभी संबंधित जिलों के उपायुक्तों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। अभी तक की जानकारी के मुताबिक शिमला, कुल्लू और मंडी में 50 लोग बादल फटने की घटनाओं से लापता हैं, जबकि तीन लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं और 3 लोग सुरक्षित निकाले गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि भारी बारिश से तीन जिलों ने नुकसान हुआ है। रामपुर के झाखड़ी समेज खड्ड में 36 लोग लापता हैं जिसमें दो लोगों के शव बरामद हो गए हैं, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इसी तरह मंडी पधर में 9 लोग लापता हैं एक शव बरामद हो गया है एक व्यक्ति को जख्मी हालत में बाहर निकाल लिया है। कुल्लू के मलाणा में पॉवर प्रॉजेक्ट के डैम को भी भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री ख़ुद मौके के लिए रवाना हो रहे हैं। मौके पर राहत बचाव कार्य के लिए NDRF,SDRF, ITBP सहित स्थानीय प्रशासन जुटा हुआ है और रेस्क्यू ऑपरेशन में तेजी के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्मी को भी अलर्ट पर रहने को कहा गया है। केन्द्र सरकार में मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा से फोन पर बात हुई और हर संभव मदद का आश्वासन दिया गया है।
रामपुर: श्रीखंड महादेव यात्रा के रास्ते में बीती रात के समय बादल फटने की घटना सामने आई है। बीती रात करीब एक बजे कुर्पन खड्ड में बादल फटने से फ्लैश फ्लड आ गया और खड्ड का जलस्तर बढ़ गया, जिससे श्रीखंड महादेव यात्रा के पहले पड़ाव बेस कैंप सिंह गाड में दर्जनों दुकानें चपेट में आने की सूचना है। वहीं, बागीपुल में बस स्टेंड, करीब 10 मकान और 20 गाड़ियां बाढ़ में बह गई हैं, जबकि केदस और ढरोपा तक जगह-जगह पुल बहने से लोगों के आवागमन का संपर्क पूरी तरह से कट गया है। तहसीलदार निरमंड जय गोपाल शर्मा ने बताया कि बीती रात को श्रीखंड महादेव यात्रा मार्ग पर कुर्पन खड्ड में बदल फटने से बेस कैंप सिंह गाड में भरी नुकसान हुआ है। वहीं, बागीपुल में निरमंड और बागीपुल को जोड़ने वाला पुल भी बह गया है और नया पुल भी बह गया है। बाढ़ में छोटे बड़े मकान बह गए हैं। इसमें होटल दुकानें, पटवारखाना भी बह गया है और 7 से 10 लोगों के लापता होने की सूचना है ,जिसमें एक परिवार के 5 लोगों और एक बुजुर्ग महिला, दो नेपाली मूल के लोगों के लापता होने की सूचना है। तहसीलदार जय गोपाल शर्मा ने बताया कि केदस में एक मकान बाढ़ की चपेट में आया है और केदस पुल भी बह गया है। वहीं, कोयल पुल के बहने से निथर का रामपुर निरमंड से संपर्क कट गया है। तहसीलदार ने बताया कि राहत और बचाव कार्य के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं और रेस्क्यू टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी है।
**अब तक 11 अभ्यर्थियों की बिगड़ी तबियत **1 को हुआ डेंगू सिस्टम के आगे बेबस हो गए है और दो वक्त की रोटी के मोहताज हो गए है, यह कहना है JOA IT पोस्ट कोड 817 के उन अभियर्थियों का जो परिणाम घोषित होने का इंतज़ार कर रहे है और धरने पर बैठे है। इन अभियर्थीओं का कहना है कि उनकी आस अब ख़त्म हो रही है, अभियर्थी बीमार हो रहे है। आपको बता दे कि धरने पर बैठे इन अभ्यर्थियों में से अभी तक 11 अभ्यर्थी बीमार हो चुके हैं, जिनमे से एक अभ्यर्थी तो डेंगू का शिक्कार हो गया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि 2020 में विज्ञापित पदों पर JOA IT पोस्ट कोड 817 का अभी तक अंतिम परिणाम जारी नहीं हो पाया। आयोग से बीते सालों से तमाम कानूनी लडाई लड़ने के बाद भी अभ्यर्थी सड़को पर बैठने के लिए मजबूर है। पहले 36 दिन तक कड़ी ठण्ड में शिमला के चौड़ा मैदान में बैठे रहे अब फिर से जब चयन आयोग हमीरपुर ने तारीख पर तारीख दी तो बच्चो को मजबूरी में इस बरसात के मौसम में आयोग के बाहर बैठने के लिए मजबूर कर दिया। इन अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर हम में से किसी को भी कुछ होता है तो उसकी जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ सरकार होगी।
हिमाचल प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। प्रदेशभर में अगस्त में आने वाले बिजली के बिल पहले की ही तरह आएगें यानी अगर आपने 125 यूनिट से काम बिजली खर्च की है तो आपके बिजली के बिल इस बार भी पिछले महीनो की तरह ही जीरो आने वाले है और अगर आपने 125 यूनिट से ज्यादा बिजली खर्च की है तो आपको सब्सिडाइज्ड रेट पर ही बिल आएगा। हाल में ही कैबिनेट की बैठक में ये निर्णय लिया गया था कि प्रदेश में मिल रही मुफ्त बिजली का लाभ अब सभी को नहीं मिलेगा, बल्कि इसके लिए कुछ शर्ते राखी गई है लेकिन इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है की आखिर कौन-कौन इसके दायरे में आएगें। सरकार मुफ्त बिजली योजना में कुछ अमेंडमेंट करने पर विचार कर रही है। इसको लेकर लाभार्थियों के लिए कुछ शर्ते में लागू होनी है, लेकिन वो शर्ते क्या होगी और कब से शुरू होगी इसको लेकर अभी कोई आदेश जारी नहीं हुए है। उम्मीद जताई जा रही है मॉनसून सत्र के बाद इसमें कोई बड़ा बदलाव हो सकता है। फिलहाल निश्चिंत रहिए इस महीने भी आपको योजना के पुराने शर्तों के आधार पर ही बिल आएंगें।
ज्वालामुखी उपमंडल के तहत खुंडियां के जरुडी में रस्सी का फंदा लगाकर कमरें में पंखे के लिए लगाए गए कुंडे से झूलकर एक पोस्टमास्टर की मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान अजित सपुत्र विक्रम बाबनियाँ उम्र 24 वर्ष निवासी महेंद्रगढ़ हरियाणा के रूप में हुई है, जोकि खुंडिया के तहत पड़ते गांव जरूडी तहसील मझींन में एक किराए के कमरें में रहता था और डाकघर में पोस्टमास्टर के पद पर कार्यरत था। बहरहाल पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज कर आगामी कारवाई शुरू कर दी है, साथ ही युवक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए देहरा अस्पताल भेज दिया है। मामले की पुष्टि डी एस पी ज्वालाजी आर पी जसवाल ने की है। जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली की तहसील मझींन के जरूडी में एक युवक ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी खुंडियां रंजीत परमार के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने मौके पर जाकर इस मामले को लेकर मकान मालिक सहित अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है की पुलिस को मृतक के पास से किसी भी तरह का कोई सुसाइड नोट बरामद नही हुआ है, जिससे इस मामले पर पर्दा उठ सके। बहरहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ज्वालामुखी और खुंडियां में हफ्ते भर के अंदर ही फंदे पर झूलने से ये तीसरी मौत होने का मामला सामने आया है। आखिर नौजवान इस तरह के कदम क्यूं उठा रहे है, ऐसे में पुलिस भी पूरे मामले की तह से जानकारी हासिल कर रही है।बता दें की ज्वालामुखी के बाद खुंडियां का ये तीसरा मामला पेश आया है जहां एक और युवक ने रस्सी का फंदा लगाकर पंखे के लिए बनाए कुंडे से लटककर अपना जीवन समाप्त कर लिया। इससे पहले ज्वालामुखी और खुंडियां के युवक ने फंदा लगाकर अपनी इहलिला समाप्त की थी और अब ये तीसरा मामला फिर से सामने आया है।
लॉरेट फार्मेसी शिक्षण संस्थान ने हर आँगन एक पौधा अभियान के सहयोग से किया पौधरोपण, इस अभियान के मुख्यसंचालक मिस्टर विवेक शर्मा है। शिक्षण संसथान के प्राचार्य डॉ. एम एस आशावत ने कहा कि जिस प्रकार शरीर को पोषण के लिए भोजन की आवश्यकता होती है, ठीक उसी प्रकार पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए पेड़-पौधों की आवश्यकता होती है। पेड़-पौधे पर्यावरण की अशुद्धियों को सोख लेते हैं और हमें शुद्ध वायु देते हैं। इसकी निरंतरता बनाए रखने के लिए हमें अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने चाहिए। पेड़-पौधे लगाने के बाद उनका संरक्षण करना भी बहुत अनिवार्य है। इस मौके पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. सी पी एस वर्मा और हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट डॉ. विनय पंडित ने भी पौधरोपण करते हुए सभी को सन्देश दिया की पेड़-पौधे हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। इनसे पृथ्वी पर ऋतु चक्र बना रहता है। ऋतु चक्र को संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाना और उनका संरक्षण करना अनिवार्य है। हमें पौधे का पेड़ बनने तक बच्चों की तरह संरक्षण करना चाहिए। पौधा पेड़ बनकर हमें फल देता है। वहीं एक पेड़ सैकड़ों जिंदगियां बचाने में सक्षम होता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अज्ञानता और स्वार्थ के चलते पेड़ों की कटाई कर देते हैं। इससे पर्यावरण को नुकसान होता है।
जयसिंहपुर : कंवर दुर्गा चंद राजकीय महाविद्यालय जयसिंहपुर में आज वनस्पति विज्ञान विभाग तथा पर्यावरण क्लब (इको क्लब) के संयुक्त तत्वावधान में महाविद्यालय परिसर में स्थित हर्बल उद्यान में पौधारोपण किया गया। इस उद्यान में बहुत सारे औषधीय पौधे और जड़ी बूटियों का पौधारोपण किया गया। इस पौधारोपण में अश्वगंधा, घृतकुमारी, तुलसी, नीम, कपूर, वनप्षा, केलालिली आदि जैसे औषधीय फूल व पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण अभियान प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा के द्वारा पौधारोपण करने के साथ शुरू किया गया। इस अभियान में महाविद्यालय के समस्त शिक्षक व गैर शिक्षक वर्ग शामिल रहे तथा सभी ने पौधारोपण में अपना योगदान दिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्राचार्य महोदय ने वनस्पति विज्ञान विभाग की प्रो. पूनम शर्मा व ईको कल्ब के सभी सदस्यों को बधाई दी व आभार व्यक्त किया। इस पौधारोपण अभियान के दौरान प्राचार्य प्रो. उपेन्द्र शर्मा, प्रो रविंद्र जग्गी, डॉ अर्पित कायस्थ, प्रो विकास कलोत्रा, डॉ इंद्र कुमार, डॉ खुशी राम भगत, प्रो सुमिक्सल सूद, प्रो किरण शर्मा, प्रो सचिन कुमार, प्रो अंशु देवी, प्रो हरजिंद्र सिंह, प्रो ललिता शर्मा, डॉ आस्था गुप्ता, प्रो सरजनी नेगी, प्रो शिवानी शामिल रहे।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदव्यास परिसर में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति की बैठक हुई, जिसका आयोजन परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी की अध्यक्षता में किया गया। समिति के संयोजक डॉ. मनोज ने बैठक का आरंभ किया। इस बैठक में परिसर के आंतरिक गुणवत्ता हेतु विभिन्न पक्षों पर गंभीरता से चर्चा हुई, जिसमें मुख्य रूप से परिसर की आधारभूत संरचना के सुधार एवं निर्माण पर आम सहमति नजर आई। वहीं परिसर में छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुस्तकालय के नए भवन निर्माण हेतु भी विस्तार पूर्वक चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त छात्रों की सुविधाओं के लिए प्रत्येक क्लास रूम में डिजिटल बोर्ड एवं नए पंखे लगवाने पर भी विचार किया गया। बैठक के समापन पर समिति के सचिव विक्रमजीत ने सबका धन्यवाद किया। बैठक के दौरान आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन समिति के समस्त सदस्य, समस्त विभागाध्यक्ष,अनुभाग अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
कांगड़ा जिला के मुख्यालय धर्मशाला में अब हुड़दंग करने वालों और ओवरस्पीड राइडर्स की खैर नहीं, क्योंकि इन पर अब पुलिस की निगरानी बढ़ने वाली है। हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स पर निगरानी के लिए धर्मशाला में 6 इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) इंस्टॉल किए जा रहे हैं, जिन्हें जल्द ही शुरू किया जाएगा। वहीं, आईटीएमएस के जरिए शहर और शहर से आने-जाने वाले रास्तों पर यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर पुलिस की कड़ी नजर रहेगी। बता दें कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत कांगड़ा पुलिस धर्मशाला में आईटीएमएस इंस्टॉल कर रही है, जिससे शहर को हुड़दंगियों और ओवरस्पीड राइडर्स से राहत मिल सके। अभी तक कांगड़ा जिले में 2 आईटीएमएस संचालित किए गए हैं, जिनमें एक धर्मशाला सिविल लाइन में है और दूसरा ज्वालामुखी में इंस्टॉल किया गया है। एएसपी कांगड़ा वीर बहादुर ने बताया कि शहर में 6 नए आईटीएमएस में से 3 पालमपुर रोड में कचहरी के साथ, सिद्धबाड़ी में और शीला चौक से पास्सू को जाने वाले मार्ग पर लगाए जाएंगे, जबकि बाकी तीन चीलगाड़ी, सकोह और धर्मशाला-सुधेड़ रोड पर इंस्टॉल किए जाएंगे। आईटीएमएस इंस्टॉल होने के बाद शहर में ओवर स्पीड करने वालों की तादाद में भी कमी आएगी और गाड़ियों की स्पीड भी नियंत्रित होगी, जबकि मौजूदा समय में कई दोपहिया और चौपहिया गाड़ियां तेज रफ्तार से दौड़ती हुई दिखाई देती हैं। एएसपी वीर बहादुर ने बताया कि धर्मशाला शहर में अब बड़ी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 25 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, जबकि छोटी गाड़ियों की स्पीड लिमिट 40 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। वहीं, मैदानी इलाके में ये स्पीड 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है। आईटीएमएस लगने के बाद शहर में रोड किनारे जगह-जगह पर स्पीड लिमिट के बोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे लोग ट्रैफिक रूल्स का पालन करें, गाड़ियों को ओवरस्पीड में न चलाएं और हुड़दंग न मचाएं।
** डीएफओ को 25 पेड़ कटवाने की पॉवर हिमाचल में अब जंगलों में गल-सड़ रहे सूखे पेड़ों को आसानी से काटा जा सकेगा। सरकार ने सूखे पेड़ों पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत अब वन रक्षक अपने स्तर पर दो पेड़ और वन मंडल अधिकारी 25 पेड़ काटने की अनुमति दे सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मंगलवार को इस संबंध में एसओपी जारी की है। हालांकि राज्य सरकार ने पिछले साल ही जंगलों में सूख रहे पेड़ों को काटने संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस अवधि के दौरान वन विभाग और निगम ने बीते वर्ष 15 हजार क्षतिग्रस्त पेड़ों को प्रसंस्कृत किया। इससे लकड़ी की बिक्री से राजस्व प्राप्त हुआ। इसके परिणामस्वरूप राज्य सरकार की रॉयल्टी आय मात्र डेढ़ वर्ष में 35 से बढक़र 70 करोड़ रुपए हो गई। प्रदेश सरकार ने एक रणनीतिक फैसला लेते हुए वन विभाग की निर्माण शाखा को बंद करने का निर्णय लिया। इसे वानिकी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा वन बीट से सर्किल तक योजना में बेहतर काम करने पर वन विभाग के कर्मचारियों को नवाजा जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी विभागों में बड़े बदलाव के फैसले लिए हैं। इनमें वन विभाग भी शामिल है। अब डीएफओ जंगलों में गले-सड़ेे पेड़ों को बेचने और काटने की अनुमति दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि एफसीए में स्टेज वन की अनुमति प्राप्त होने के बाद वन मंडल अधिकारी वनों को काटने की अनुमति दे सकता है। इसका बड़ा फायदा फोरलेन के प्रोजेक्ट में मिलेगा। वन विभाग खुद पेड़ों को काटने की प्रक्रिया शुरू कर पाएगा और इसे ठिकाने भी लगाएगा।
** मुख्यमंत्री बोले, बच्चों में देशभक्ति की भावना जगाने का रहेगा प्रयास प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रात:कालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य बच्चों में राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। सीएम ने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों को जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा।
** ट्रांसप्लांट और अंगदान के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण उपलब्धि पर किया जाएगा सम्मानित डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल को उभरते राष्ट्रीय प्रत्यारोपण और अंग पुनप्र्राप्ति केंद्र पुरस्कार(इमर्जिंग नेशनल ट्रांसप्लांट एंड ऑर्गन रेट्रीवाल सेंटर अवार्ड) के लिए पूरे भारत में श्रेष्ठ पुरस्कार से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) की ओर से 14 वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव और अनुप्रिया पटेल द्वारा टांडा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल को तीन अगस्त को नई दिल्ली में पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इस तरह पूरे भारत में श्रेष्ठ रहने पर डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान चिकित्सा महाविद्यालय टांडा अस्पताल के नाम एक और कीर्तिमान स्थापित हो जाएगा। राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के निदेशक डा. अनिल कुमार की ओर से टीएमसी को इस समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है। टीएमसी के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा शनिवार को दिल्ली में भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा के हाथों से यह पुरस्कार प्राप्त करेंगे। यह हिमाचल प्रदेश के लिए गौरव के क्षण होंगे। यह सब टांडा मेडिकल कालेज व अस्पताल के प्रधानाचार्य डा. मिलाप शर्मा के बेहतरीन निर्देशन व नेफ्रोलॉजी विभाग के एचओडी विभागाध्यक्ष डा. अभिनव राणा, विषेशज्ञ किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डा. अमित शर्मा के अथक प्रयासों से संभव हो पाया हैै।
हिमाचल प्रदेश में बैचवाइज आधार पर चयनित 221 टीजीटी के स्कूल बदल दिए गए हैं। बुधवार को ही इन शिक्षकों को स्कूलों में पद ग्रहण करना होगा। बीते सप्ताह प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने विद्यार्थियों के कम दाखिलों वाले स्कूलों में कई शिक्षकों को नियुक्तियां दे दी थीं। एक ही स्कूल भी दो-दो नवनियुक्त शिक्षकों को आवंटित कर दिए गए। इन गलतियों के सामने आने के बाद निदेशालय ने कुछ नियुक्तियों को रोक लगाई और मंगलवार को इस बाबत संशोधित अधिसूचना जारी की गई। टीजीटी आर्ट्स में 127, मेडिकल में 37 और नॉन मेडिकल में 57 शिक्षकों को अब नए स्कूलों में तैनाती दी गई है। 23 जुलाई को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने अधिसूचनाएं जारी कर कई शिक्षकों के स्कूलों में बदलाव किए थे। 24 जुलाई की सुबह इन संशोधित आदेशों को रोक दिया गया। स्कूल आवंटित करने की प्रक्रिया में कई खामियां रहने के चलते यह राेक लगाई गई थी। कुछ शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में भी भेज दिया गया जहां पहले से पर्याप्त संख्या में टीजीटी नियुक्त थे। मामला ध्यान में आते ही निदेशालय ने नवनियुक्त शिक्षकों के संशोधित नियुक्ति निर्देशों को आगामी फैसले तक रोक दिया था। अब इन शिक्षकों को नए सिरे से स्कूल आवंटित कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने बीते दिनों 1049 टीजीटी का बैचवाइज आधार पर चयन किया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर पांच से अधिक विद्यार्थियों की संख्या वाले स्कूलों में ही बैचवाइज आधार पर चयनित जेबीटी को नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को अतिरिक्त निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि जिन स्कूलाें में विद्यार्थियों की संख्या 20 से अधिक है और वहां प्रतिनियुक्ति पर शिक्षक हैं तो ही नियुक्ति की जाए। जिन स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या अधिक है और शिक्षकों की तैनाती कम है, वहां भी शिक्षकों को नियुक्तियां देने में प्राथमिकता दी जाए। शिक्षकों को ऐसे स्कूलों में नियुक्त न किया जाए जहां विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम हो। ऐसे स्कूलों को जल्द ही नजदीकी स्कूलों में मर्ज किया जाना है। प्रदेश में शिक्षकों का युक्तिकरण करने के साथ ही अब गैर शिक्षकों के युक्तिकरण की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों से उनके कार्यालयों सहित स्कूलों में आवश्कता से अधिक तैनात गैर शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है। इसके लिए एक परफार्मा भी जारी किया गया। स्कूल में कितने विद्यार्थियों के दाखिले हैं, गैर शिक्षकों के कितने पद सृजित हैं, कितने पदों पर नियुक्तियां हैं, कितने पद रिक्त हैं, गैर शिक्षक यहां पर कितने समय से कार्यरत है। इसकी जानकारी निदेशालय को देने के लिए कहा गया है।
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर स्थित वेदव्यास परिसर में वेदांत विभाग की एक संगोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें "भगवान दास आदर्श संस्कृत महाविद्यालय" हरिद्वार के वेदांत विभाग के सहायकाचार्य आदित्य प्रकाश ने वेदांत में जीव स्वरूप पर अपना विचार पस्तुत किया। वेदांत विषय के सहायकाचार्य डा रघु बी राज ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। अदित्य प्रकाश ने जीवात्मा की आत्मा के स्वरूप की एकता का प्रतिपादन करते हुए आस्तिक नास्तिक दर्शनों में जीव का क्या स्वरूप है, इसका सम्यक रूप से प्रतिपादन किया। उन्होंने बताया कि वेदांत जीव ब्रह्म की एकता का प्रतिपादन करता है जीव ब्रह्म भाव को कैसे प्राप्त होता है इसका भी उन्होंने उल्लेख किया। इस संगोष्ठी में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय वेदव्यास परिसर के निदेशक प्रो.सत्यम कुमारी ने सर्व दर्शनों में जीव संप्रत्यय मोक्ष प्राप्ति के साधन पर विशेष रूप से चर्चा की। इस संगोष्ठी का क्रियान्वयन वेदान्त विभाग के अध्यक्ष प्रो मंजूनाथ भट्ट ने किया। संगोष्ठी के इस कार्यक्रम का संचालन डा प्रिंस चक्रवर्ती ने किया। कार्यक्रम के अंत में डा राजन मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर परिसर निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी सहित वेदांत विभागाध्यक्ष प्रो. मंजूनाथ भट्ट, शिक्षा शास्त्री विभागाध्यक्ष प्रो शीशराम व वेदांत विभाग के समस्त सहायकाचार्य एवं छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहे।
राज्य सरकार के प्रयासों से विद्यार्थियों में जागृत होगी देशभक्ति की भावनाः मुख्यमंत्री प्रदेश सरकार विद्यार्थियों का समग्र एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विद्यार्थियों में राष्ट्रीयता और देशभक्ति की भावना जागृत करने के लिए राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के साथ प्रातःकालीन प्रार्थना सभा आयोजित का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, सभी उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में प्रतिदिन अनिवार्य रूप से राष्ट्रीय ध्वज फहराने का भी निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियों से युवा पीढ़ी में एकता और देशभक्ति की भावना जागृत हो। इससे विद्यार्थी भविष्य में राष्ट्र के जिम्मेदार नागरिक बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार ने कार्यभार ग्रहण करने के उपरांत शिक्षा प्रणाली में विभिन्न सुधारात्मक कदम उठाए हैं और शिक्षा प्रणाली में इन निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। प्रदेश सरकार ने विद्यार्थियों का शारीरिक विकास सुनिश्चित करने के लिए शारीरिक शिक्षा और योग को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाने का निर्णय लिया है। इससे सभी स्कूलों में विद्यार्थी प्रतिदिन कम से कम 15 मिनट शारीरिक व्यायाम करेंगे। इस दौरान शारीरिक शिक्षक एवं अन्य अध्यापक विद्यार्थियों को व्यायाम करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य एवं आयुष विभाग के सहयोग से विद्यार्थियों को सीपीआर एवं प्राथमिक उपचार का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों कोे जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार राज्य सरकार की समग्र शिक्षा प्रदान करने की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हैं। प्रदेश सरकार की पहल से विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने और उनमें आदर्श नागरिक की जिम्मेदारियां पैदा करने में सहायता मिलेगी। सरकार का लक्ष्य विद्यार्थियों की दिनचर्या में इन गतिविधियों को शामिल कर उनमें राष्ट्रीयता की भावना जागृत कर अखंड भारत के निर्माण के लिए तैयार करना है।
घुमारवीं में इंटक से संबंधित ऑल हिमाचल पीडब्ल्यूडी-आईपीएच एंड कांट्रैक्चुअल वर्कर्ज यूनियन की राज्य स्तरीय कार्यकारणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष दीप धीमान की अध्यक्षता मे हुई। इसमें जल शक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की मांगों पर चर्चा की गई। बैठक में वाटर गार्ड संघ के प्रधान भूपेंद्र चंदेल ने कहा कि वाटर गार्डों को प्रत्येक माह उनका मासिक वेतन नहीं मिल रहा है और उन्हे रेगलुर के बाद बकाया राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया है। इंटक महासचिव जगतार सिंह बैंस ने कहा कि यूनियन जलशक्ति विभाग और लोक निर्माण विभाग के प्रत्येक अनुभाग में कर्मचारियों को सदस्य बनाएगी और उनकी समस्याओं का निवारण करवाने का प्रयास करेगी। हिमाचल प्रदेश के सभी निर्माण प्रोजेक्टों मे भी कामगारों को युनियन का सदस्य बनाकर उन्हें हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण श्रम कल्याण बोर्ड से मिलने वाली सुविधाओं को दिलाएगी। उन्होंने कहा कि हर वर्ष में चार बार यूनियन की राज्य कार्यकारणी की चार बैठके होंगी।
बेरोजगार कला अध्यापक संघ ने कड़ा ऐतराज करते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश सरकार उन गरीब बच्चों और गरीब अभिभावकों के साथ भदा मजाक कर रही है, जिस सरकार ने बेरोजगारों को बड़े-बड़े सपने दिखाए थे कि हम सत्ता में आते ही ऐसे काम करेंगे जो पूर्व सरकार ने नहीं किए थे। लेकिन उसके विपरीत सरकार कर रही है। संघ के अध्यक्ष बलवंत सिंह ने कहा है कि सरकार स्कूलों को बंद कर रही है और कुछ मर्ज कर रही है। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि स्कूल में बच्चे ना होने का कारण टीचरों की भर्ती न होना है । हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में लगभग 17000 से ज्यादा पद खाली चल रहे हैं। और जिन स्कूलों में टीचर नहीं थे उसमें अभिभावक बहुत बार अपना विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं और कई जिलों में उपयुक्त के मध्य और एसडीएम के मध्य से मांग पत्र दे चुके हैं। और मंत्री विधायकों के द्वारा भी अपने मांग पत्र दे चुके हैं। एसएमसी कमेटीयां भी टीचर भर्ती को लेकर धरना-प्रदर्शन और चका जाम तक कर चुकी हैं। तथा टीचर रखने को लेकर कई स्कूलों के बच्चे अपना विरोध कर चुके हैं और स्कूल में टीचर ना होने पर सोशल मीडिया प्रींट मिडिया में भी कभी बार दिखाया गया है, लेकिन सरकार ने उन स्कूलों में टीचर रखने के बजाय स्कूलों को बंद करने तथा मर्ज करने का फैसला लिया है। जो निंदनीय है राज्य कार्यकारिणी संघ के अध्यक्ष बलवंत, उपाध्यक्ष जगदीश ठाकुर, महासचिव विजय चौहान, सहसचिव पाल सिंह, कोषाध्यक्ष शक्ति प्रसाद , संगठनमंत्री संतोष नांटा मुख्य सलाहकार सुखराम मिडिया प्रभारी अशोक कुमार और सीमा कुमारी और समस्त सदस्यों तथा जिला के समस्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों ने माननीय मुख्यमंत्री, माननीय शिक्षा मंत्री तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों से आग्रह किया है कि स्कूल बंद करने की बजाय स्कूलों में टीचर तथा अन्य स्टाफ रखने पर बल दें। न कि स्कूलों को बंद करने का निर्णय लें संघ ने कहा है कि सरकार को 2 साल का कार्यकाल खत्म होने पर है लेकिन रोजगार देने की बजाय बेरोजगारों को मानसिक तनाव में डाला जा रहा है। संघ ने कहा है कि अभी तक जो भी रिजल्ट घोषित नहीं हुए हैं उनको जल्द से जल्द घोषित किया जाए और नई भर्तियों को जल्द से जल्द भरा जाए। संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के बेरोजगारों ने सरकार बनाने में अपनी एहम भुमिका निभाई है। क्योंकि बेरोजगार दवका पूर्व सरकार से तंग आ चुका था और उनको उम्मीद थी कि कांग्रेस सरकार आते ही बेरोजगार युवाओं के साथ न्याय करेगी, लेकिन वर्तमान सरकार ने तो पूर्व सरकार की तरह राह पकड़ रखी है संघ के पदाधिकारी ने मुख्यमंत्री से और शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया है कि हिमाचल प्रदेश के जितने भी सरकारी स्कूलों में कर्मचारी हैं उनको निर्देश करें कि वह अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में डालें अन्यथा उनको किसी भी तरह का सरकारी लाभ नहीं दिया जाएगा। संघ ने कहा है कि जब सरकार सरकारी नौकरी वाले टीचरों को इतनी बड़ी सैलरी दे रही है तो क्यूं ना सरकार ऐक्शन ले कि वो अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाए। खुद सरकारी नौकरी पर लगे हैं और खुद के बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाए जा रहे हैं। जब मुख्यमंत्री जी इतने बड़े पैमाने पर फैसले ले रहे हैं तो फिर ऐसा फैसला लेने में देरी क्यूं । संघ ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में सभी कर्मचारियों पर सरकार को निर्देश करना चाहिए। क्योंकि सरकार कर्मचारियों की हर एक बात को पुरा करने पर बचनबद्ध है। संघ ने कहा है कि इस बात को सभी एजुकेशन संगठनों को सरकार से उठाना चाहिए। कि सरकारी स्कूलों को बंद ना करे। बल्कि टीचर भर्ती करें। संघ के पदाधिकारी ने कहा है कि चार-पांच साल पहले सरकारी स्कूलों में अच्छी एनरोलमेंट थी लेकिन जैसे-जैसे स्कूलों में टीचरों की संख्या कम होती गई वैसे-वैसे स्कूलों में पढ़ाने के लिए कोई भी टीचर नहीं रहा तो मजबूरी में लोगों को प्राइवेट स्कूलों का रुख करना पड़ा, लेकिन हिमाचल प्रदेश के लोगों के पास इतनी बड़ी इनकम नहीं है कि वह भारी भरकम फीस प्राइवेट स्कूलों में भरकर अपने बच्चों को शिक्षा दें। हिमाचल प्रदेश के अभी भी ऐसे कई स्कूल हैं जहां पर अभिभावक अपने पैसे देकर और उन सरकारी स्कूलों में अपनी तरफ से टीचर रखकर बच्चों को शिक्षा ग्रहण करवा रहे हैं। संघ ने कहा है कि कोविड के टाइम भारी मात्रा में प्राइवेट स्कूलों से बच्चे निकाल कर सरकारी स्कूलों में डाले गए थे। लेकिन जब अभिभावकों को इस बात का पता चला कि सरकारी स्कूलों में तो टीचर ही नहीं है तो 2 साल के बाद फिर बच्चों को दोबारा से अभिभावकों को प्राइवेट स्कूलों में डालना पड़ा। बेरोजगार कलाध्यापक संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री और समस्त मंत्रीयों विधायकों से निवेदन किया है कि ऐसा कदम ना उठाएं जिससे कांग्रेस सरकार को इसका नुकसान उठाना पड़े, लेकिन जैसा इलेक्शन के समय प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने बेरोजगारों से वादा किया था उस वादे के मुताबिक मुख्यमंत्री और सरकार फैसले लें। संघ ने कहा है कि मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश के सरकारी मिडिल स्कूलों में 100 की लगी शर्त को हटाने का कई बार विश्वास दे चुके हैं। लेकिन अभी तक 100 बच्चों की कंडीशन को समाप्त नहीं किया गया है। संघ मुख्यमंत्री से अनुरोध करता है कि इसकी अधिसूचना जारी करें और कला अध्यापकों की 1600 पोस्टें प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में खाली चल रही है उन्हें जल्द से जल्द भरे।
पटवारियों और कानूनगो के हड़ताल पर होने से प्रदेश में लोगों के 1.30 लाख से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन लंबित हैं, मगर आज भी ये मसला हल नहीं हो पाया। दरअसल आज हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और पटवारी-कानूनगो के बीच सचिवालय में हड़ताल से सम्भंदित एक महत्वपूर्ण बैठक हुई मगर इस बैठक में दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई। पटवारी-कानूनगो जिला से बाहर ट्रांसफर के लिए तैयार नहीं है, जबकि सरकार ने इसी मंशा से इन्हें स्टेट कैडर बनाया है। मीटिंग में सहमति नहीं बनने के बाद हिमाचल संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी संघ ने अपना विरोध जारी रखने का ऐलान कर दिया है। इनकी हड़ताल से प्रदेश के लोग परेशान हैं। पटवारी-कानूनगो राज्य कैडर बनाए जाने के विरोध में 15 दिनों से ऑनलाइन काम नहीं कर रहे। इन्होंने सरकारी ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप से भी एग्जिट कर रखा है। यही नहीं एडिशनल चार्ज वाले पटवारी-कानूनगो सर्किल दफ्तर की चाबियां भी ये लोग संबंधित एसडीएम और तहसीलदार को सौंप चुके हैं। इनकी हड़ताल के कारण बोनाफाइड सर्टिफिकेट, चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र, ओबीसी प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, कृषि प्रमाण पत्र, बेरोजगारी प्रमाण पत्र, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र और पीएम किसान सम्मान निधि योजना की ऑनलाइन रिपोर्टिंग जैसे काम 15 दिन से नहीं हो पा रहे। बीते 6 दिन से एडिशनल चार्ज वाले दफ्तरों में भी काम ठप हो गया है। इससे लोगों के राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण काम नहीं हो पा रहे हैं।वहीं इस मसले पर राजस्व मंत्री जगत नेगी का कहना है कि सरकार ने जनहित को देखते हुए इन्हें स्टेट कैडर बनाया है और पटवारी-कानूनगो इसके विरोध की सही वजह नहीं बता पा रहे है। ऐसे में अब नियमों के तहत इनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश शिक्षा बोर्ड ने टेट परीक्षा की फीस में बढ़ोतरी की है, जिस पर प्रदेश के जेबीटी वा बी एड प्रशिक्षु काफी नाराज है ,फीस बढ़ोतरी पर जेबीटी / डी एल एड प्रशिक्षित बेरोजगार संघ के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश परयाल ने बताया कि इस प्रकार अचानक टेट की फीस दुगनी करना छात्र हित में नही हैं ,जहाँ उन्हें पहले 500 या 800 फीस देनी पड़ती थी वही अब 1000 ओर 1600 कर दी गई है, जिस से प्रदेश के प्रशिक्षु आर्थिक रूप के साथ-साथ मानसिक रूप से भी परेशान हैं । उन्होंने कहा कि आज कल का दौर प्रदेश के युवाओं के लिए बहुत मानसिक तनाव भरा है, क्योंकि 4,5 वर्षो से जेबीटी भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नहीं हुई है । पिछली बार 2019 में ही जेबीटी कमिश्नन हुआ है ,उसके बाद कोई भर्ती कमिश्नन के माध्यम से नही हुई, जिसकी वजह से प्रदेश के युवा मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं , उस पर यह अचानक टेट फीस में बढ़ोतरी करना उनके जले पर नमक छिड़कने जैसा हो गया है। जगदीश परयाल ने बताया कि प्रदेश सरकार अब पूर्ण बहुमत की सरकार बन चुकी है प्रदेश के युवाओं ने जब सरकार मुश्किल में थी तो उन्हें समझा है और उनका साथ दिया है ,अब मुख्यमंत्री को प्रदेश के युवाओं की ओर भी अपना ध्यान देने की जरूरत है ,उन्होंने कहा कि अगर सरकार आर्थिक रूप से कमजोर है तो इसका बोझ प्रदेश के बेरोजगारो के कंधों पर ना डाले, इसका समाधान निकाले ओर जल्द ही कमिश्नन के माध्यम से भर्ती करवाना शुरू करें । प्रदेश के 12 लाख से अधिक बेरोजगार युवाओ को मुख्यमंत्री से बहुत उम्मीदें है मुख्यमंत्री इनके बारे में भी कुछ सोचे क्योंकि भर्ती की अधिसूचना सिर्फ अखबारों तक ही सीमित रह गईं है आए दिन सरकार की तरफ से खबर आती है भर्तियों की परन्तुं अभी तक कोई भी भर्ती कमीशन के माध्यम से शुरू नहीं हुईं है। साथ ही उन्होंने कहा कि जेबीटी लगभग 9 महीनों से लंबित बैच वाइज भर्ती का परिणाम जल्द से घोषित किया जाए ,जिसके लिए लोग 15-15 सालों से नोकरी लगने का इंतजार कर रहे हैं । सरकार अगर समय पर भर्ती कराती है तभी प्रदेश की शिक्षा में गुणवत्ता आएगी । उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड धर्मशाला अपने टेट की फीस बढ़ोतरी पर पुनः विचार करे और जो फीस पहले ली जाती थी वही फीस ली जाए अन्यथा प्रदेश के युवाओं को मजबूरन सड़को पर उतरना पड़ेगा ।
उपमंडल देहरा के अन्तर्गत पड़ते ख़बली के लोगों ने सीएम सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर से मांग की है कि पटवार वृत्त पाइसा का नाम ख़बली किया जाए। लोगों का कहना है कि यह पटवार वृत 100 वर्षों से पूर्व ब्रिटिश काल में अस्तित्व में आया था। कालान्तर में पटवार वृत पाइसा का विभाजन हुआ और एक नया पटवार वृत अम्ब अस्तित्व में आया व पटवार वृत पाइसा के विघटन के कारण महाल पाइसा पटवार वृत अम्ब के अन्तर्गत आ गया, जबकि जो पुर्नगठन उपरान्त पटवार वृत पाइसा रह गया। उसमें पाइसा नाम का कोई महाल नहीं है। दूसरे पटवार वृत पाइसा का भवन भी गांव खबली में निर्मित है। इसलिए पटवार वृत पाइसा का नाम बदलकर पटवार वृत खबली किया जा सके । इस मांग को लेकर समूची ख़बली की जनता लामबंद हो गई है और वाकायदा पंचायत सचिव के माध्यम से एक प्रस्ताव पारित कर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू व विधायक देहरा कमलेश ठाकुर को भेज कर मांग की है कि सरकार इस विसंगति को दूर करके पटवार व्रत पाइसा का नाम बदलकर पटवार व्रत ख़बली किया जाए।
राजकीय महाविद्यालय ढलियारा के इग्नू अध्ययन केंद्र -1140 ने जनवरी-2024 सत्र के छात्रों के लिए प्रेरणा सभा का आयोजन किया गया इग्नू केंद्र -1140 के सह-समन्वयक डॉ. संजीव कुमार ने इग्नू के छात्रों को दूरवर्ती शिक्षा माध्यम से सबसे बड़े विश्वविद्यालय द्वारा संचालित स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के बारे में जानकारी दी तथा छात्रों को इग्नू के साल भर चलने वाले कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन सुविधाएं जो इग्नू की वेबसाइट पर मिलती हैं उनके बारे में छात्रों को विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों की शंका का भी समाधान किया और इग्नू अध्ययन केंद्र से निरंतर जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इग्नू एक प्रतिष्ठित संस्था है। यह हर साल दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से हजारों विद्यार्थियों को शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए भी प्रेरित किया। ताकि वह जीवन में एक सफल मुकाम हासिल कर सकें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अगर कोई समस्या आ रही है तो वह एक निश्चित समय पर फोन द्वारा या स्वयं भी केंद्र पर आकर जानकारी हासिल कर सकते हैं।
पूर्व सैनिक संघ एवं वीर नारी संघ का चुनाव ज्वालामुखी उपमंडल के तहत खुंडिया के बाजार में सम्पन्न हुआ। जिस मे सर्वसम्मति से कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष चुना गया। इस चुनाव मे सौ से अधिक पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों ने हिस्सा लिया वहीं चुनाव के लिए तीन व्यक्तियों ने नामांकन किया था, लेकिन चुनाव के वक़्त अन्य लोगों ने अपना नाम वापिस ले लिया और कैप्टन रमेश राणा को अध्यक्ष निर्विरोध चुन लिया गया, साथ में सुबेदार राय सिंह पुखरू पंचायत और सूबेदार हरभजन सिंह देहरु पंचायत को उपाध्यक्ष एवं कैप्टन सुभाष चंद राणा बारी कलां पंचायत को महा सचिब और कैप्टन दिलबाग सिंह अलुहा पंचायत को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया साथ मे नायक ए डी शर्मा खुंडियां को मीडिया प्रभारी चुना गया, साथ ही संस्था के पूर्व अध्यक्ष कैप्टन देश राज राणा ने अपना कार्यभार कैप्टन रमेश राणा को सौंपा। ये संस्था 1984 से पूर्व सैनिकों एवं सैनिक विधवाओं एवं वीर नारियों की सेवा करती आ रही है, ये चुनाव कर्नल एम एस राणा की अध्यक्षा मे सम्पन्न हुआ। आखिर मे जिन पूर्व सैनिकों ने इस संस्था को खड़ा किया था और जो आज इस संसार मे नही हैं साथ ही इलाके के वीर सैनिक जो देश के लिए शहीद हुए हैं उन की याद मे दो मिनट का मौन रख के उनको श्रधांजलि दी है।
ऊना मुख्यालय के साथ लगते लालसिंगी में पास लेने को लेकर पंजाब रोडवेज के बस चालक व परिचालक ने पिकअप चालक के साथ मारपीट की है। यहीं नहीं, मारपीट के दौरान पिकअप का शीशा तक तोड़ दिया। पुलिस ने पीडि़त सुरेंद्र सिंह निवासी बरनोह की शिकायत पर पंजाब रोडवेज बस के चालक शमशेर सिंह व परिचालक हैप्पी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वह अपनी गाड़ी में कुल्लू से सामान लेकर जालंधर गया था। जालंधर में सामान उतारकर अपने घर बरनोह आ रहा था तो पंडोगा में एक रोडवेज की बस से पास लेने की कोशिश की, ड्राइवर पास नहीं दे रहा था। ईसपुर मोड़ के पास बड़ी बस से पास ले लिया। इसके बाद वह बार-बार हॉर्न मारकर इसे परेशान करने लगा। लालसिंगी के पास पहुंचा तो उपरोक्त बस के ड्राइवर ने बस पिकअप के आगे लगा दी और कंडक्टर ने लोहे की रॉड से हमला कर गाड़ी का फ्रंट का शीशा तोड़ दिया। इस दौरान मेरी जेब से 17 हजार रुपए किराया कहीं गिर गया। एसपी राकेश सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
**पंजाब के अफसरों के साथ चर्चा कर संशोधित किए जाएंगे रूट पंजाब सरकार के परिवहन विभाग के अधिकारी शिमला पहुंच गए हैं। वहां के परिवहन सचिव और परिवहन आयुक्त के साथ शिमला में सोमवार को बैठक होगी, जिसमें इंटर स्टेट बस रूट परमिट को लेकर समीक्षा की जाएगी। इसमें पंजाब की ओर से कुछ आपत्तियां हैं, जिनको दूर करने का प्रयास होगा। रूट परमिट की निर्धारित सीमा से ज्यादा पंजाब की सडक़ों पर हिमाचल के प्राइवेट बस ऑपरेटर चल रहे हैं, जिनको लेकर पंजाब सरकार शिकायत कर रही है। जो समझौता हिमाचल और पंजाब के बीच में हुआ है उसके तहत पांच हजार किलोमीटर एरिया तक रूट परमिट वैद्य हैं, लेकिन यहां पंजाब की सीमा से सटे क्षेत्रों से प्राइवेट बसें दूसरी ओर जा रही हैं और वो लगातार सरकार के साथ हुए समझौते का उल्लंघन कर रही हैं। ऐसे में पंजाब के परिवहन अधिकारी इस मामले पर चर्चा करने और रूट परमिट को रिवाइज करने की बात कर रहे हैं, जिसे लेकर आज बैठक हैं । हिमाचल की तरफ से प्रदेश के प्रधान सचिव परिवहन आरडी नजीम इस बैठक में हिस्सा लेंगे, जिनके साथ निदेशक डीसी नेगी व अन्य अधिकारी मौजूद होंगे। रूट परमिट की वर्तमान लिमिट से पंजाब को नुकसान हो रहा है ऐसा पंजाब सरकार का मानना है। लिहाजा इसे संशोधित करने की मांग हो रही है और देखना होगा कि इसमें हिमाचल क्या कहता है। पंजाब के अधिकारी अपने आंकड़े रखेंगे जिन पर हिमाचल के अधिकारी सहमत होते हैं, तो बात आगे बढ़ेगी। प्रधान सचिव परिवहन इस बैठक से पहले रविवार शाम को शिमला पहुंचे। उन्होंंने कहा कि यह बैठक दोनों राज्यों के रूट परमिट से जुड़े मसले को लेकर अहम है और आपस में मिलकर हम समाधान निकालेंगे।
सरकारी खर्च पर नियंत्रण और वित्तीय प्रबंधन में सुधार के लिए हिमाचल प्रदेश के वित्त विभाग ने सभी विभागों को निर्देश जारी किए हैं। विभागों को 31 अक्तूबर तक विस्तृत व्यय रिपोर्ट वित्त विभाग को प्रस्तुत करनी होगी। इसमें बचतों और निर्धारित से अधिक बजट व्यय का ब्योरा देना होगा। वित्तीय वर्ष की पहली छमाही के लिए वास्तविक खर्च और शेष महीनों के लिए अनुमानित खर्च की रूपरेखा देनी होगी। दूसरी आधिक्य एवं बचत विवरणिका में आठ महीनों यानी 30 नवंबर तक का वास्तविक व्यय और शेष चार महीनों के संभावित व्यय की जानकारी देनी होगी। अनुपूरक बजट अनुरोध इस जानकारी पर आधारित होंगे। वित्त विभाग के प्रधान सचिव देवेश कुमार ने सभी प्रशासनिक सचिवों को इन आदेशों का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के अनुसार सरकार ने देखा है कि हाल के वर्षों में कई विभाग जरूरत से ज्यादा खर्च कर रहे हैं और संभावित बचत का आकलन कम कर रहे हैं। वे आधिक्य और बचत के भी अनुमानित आंकड़े दे रहे हैं। इससे गलत वित्तीय योजना और अनावश्यक बजट अनुरोध सामने आए हैं। इस विषय के समाधान के लिए विभागों को अब किसी भी अधिक खर्च या बचत के लिए स्पष्ट और उचित कारण बताने होंगे। वित्त विभाग ने सटीक वित्तीय आंकड़ों के महत्व पर जोर दिया है। किसी भी विसंगति को जांचा जाएगा। इन निर्देशों के अनुसार प्रथम आधिक्य एवं अभ्यर्पण विवरणिकाएं 31 अक्तूबर तक वित्त विभाग को उपलब्ध हो जाना चाहिए। इसके अंतर्गत चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों यानी 30 सितंबर तक के वास्तविक व्यय और बकाया महीनों के संभावित व्यय के आंकड़े दर्शाए जाने चाहिए। इसी जिन लेखा शीर्षों और मानकों में बचतें दर्शाई जा रही हैं, उनमें विभागध्यक्ष डीडीओ से पहले ही सरेंडर लेना सुनिश्चित किया जाए। वित्त विभाग को इन बचतों को ई-बजट सॉफ्टवेयर में लेना होता है। इन निर्देशों की अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा गया है।
**भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक जारी किया अलर्ट हिमाचल प्रदेश में मानसून की शुरुआत से लेकर अब तक बारिश के कारण हुई दुर्घटनाओं में 56 लोगों की मौ*त हो चुकी है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार 27 जून को मानसून ने हिमाचल में दस्तक देने से लेकर अब तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 56 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं, इस मानसून सीजन में अब तक राज्य को ₹410 करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं, एक बार फिर से मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, 21 लोगों की मौ*त ऊंचाई से गिरने से, 18 की डूबने से, 8 लोगों की सांप काटने और आठ लोगों की बिजली के झटके लगने से मौ*त हुई है, जबकि एक व्यक्ति की मौ*त अचानक आई बाढ़ में हुई है, जबकि भूस्खलन या बादल फटने से किसी की मौ*त नहीं हुई है। आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार इ, मानसून सीजन में अब तक करीब 100 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा ₹172 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बाद बागवानी विभाग को ₹139 करोड़ का नुकसान हुआ है। शिमला मौसम विभाग ने 31 जुलाई तक राज्य के आठ जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश में भारी बारिश होने की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है । प्रदेश में 2 अगस्त तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं के कारण बागानों, खड़ी फसलों, कमजोर संरचनाओं और कच्चे घरों को नुकसान पहुंचने और निचले इलाकों में जलभराव की चेतावनी दी है । राज्य के कुछ हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रही। सिरमौर जिले के धौला कुआं में 123 मिमी बारिश हुई, जबकि नाहन में 74.5 मिमी, कटौला में 40.2 मिमी, पालमपुर में 32 मिमी, पांवटा साहिब में 31.2 मिमी, धर्मशाला में 27.6 मिमी, सुंदरनगर में 26.8 मिमी और बैजनाथ में 25 मिमी बारिश हुई। राज्य में 1 जून से 27 जुलाई तक 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिसमें औसत 321.2 मिमी के मुकाबले 194 मिमी बारिश हुई है। इस बीच अकेले जुलाई महीने में बारिश की कमी 33 प्रतिशत रही। क्योंकि राज्य में 1 से 27 जुलाई तक 220.1 मिमी की सामान्य बारिश के मुकाबले 147.5 मिमी बारिश हुई।
आज सोमवार को एक बार फिर से सोने के भाव में गिरावट आई है। सावन महीने के दूसरे सोमवार को सोना सस्ता हुआ है। बता दें कि देश के ज्यादातर राज्यों में पिछले एक हफ्ते के अंदर सोना 6000 रुपये तक सस्ता हुआ है। 29 जुलाई को भारत में सोने की कीमतें 70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इस रेट में हाई प्योरिटी वाले सोने के लिए प्रीमियम शामिल है, जिसमें 24 कैरेट सोने की कीमत 68,990 रुपये प्रति 10 ग्राम है। 22 कैरेट सोना की कीमत 63,240 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इस बीच, चांदी की कीमत 84,400 रुपये प्रति किलोग्राम रही। सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी सहित विभिन्न उत्पादों पर सीमा शुल्क में कटौती की है। कीमती धातुओं के सिक्कों, सोने/चांदी की खोज और सोने और चांदी की छड़ों पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) 15 फीसदी से घटाकर 6 फीसदी कर दिया गया। सोने और चांदी के डोर के लिए इसे 14.35 फीसदी से घटाकर 5.35 फीसदी कर दिया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी के भाव में तेजी देखने को मिल रही है। शनिवार को एक औंस सोने की कीमत 2387 डॉलर थी, सोमवार तक इसमें 7 डॉलर की तेजी आई और यह 2394 डॉलर पर पहुंच गई। फिलहाल एक औंस चांदी की कीमत 28.06 डॉलर है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस विभाग में कांस्टेबल भर्ती के नियमों में कई बदलाव किए हैं। पहली बार उम्मीदवार को लंबाई के अतिरिक्त अंक मिलेंगे। भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों को ट्रेनिंग के बाद पहली बार कमांडो कोर्स करवाया जाएगा। प्रदेश में 1,226 पदों को लेकर जल्द भर्ती प्रकिया शुरू होने वाली है। लोकसेवा आयोग के माध्यम से यह भर्ती की जानी है। पुलिस मुख्यालय ने भर्ती नियम की शर्तें लागू की हैं। भर्ती में एक जनवरी 2024 के आधार पर अभ्यर्थियों की आयु सीमा को गिना जाएगा। भर्ती नियमों की शर्तों के अनुसार पुरुष उम्मीदवार को 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर कोई अंक नहीं मिलेगा। 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई होने पर 1 अंक, 5 फुट 8 इंच से ज्यादा और 5 फुट 9 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 9 इंच से ज्यादा और 5 फुट 10 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक और 5 फुट 10 इंच से ज्यादा और 5 इंच 11 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 11 इंच से ज्यादा और 5 फुट 12 इंच से कम लंबाई के 5 और 6 या इससे अधिक इंच लंबाई होने पर 6 अंक मिलेगें। इसी तरह महिला उम्मीदवारों को 5 फुट 3 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 4 इंच से कम लंबाई पर 1 अंक, 5 फुट 4 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 5 इंच से कम लंबाई पर 2 अंक, 5 फुट 5 इंच से ज्यादा लेकिन 5 फुट 6 इंच से कम लंबाई पर 3 अंक, 5 फुट 6 इंच से ज्यादा और 5 फुट 7 इंच से कम लंबाई पर 4 अंक, 5 फुट 7 इंच से ज्यादा और 5 फुट 8 इंच से कम लंबाई पर 5 अंक और 5 फुट 8 इंच से ज्यादा लंबाई होने पर 6 अंक मिलेंगें। पुरुष उम्मीदवारों को 5 मिनट 30 सेकंड में 1,500 मीटर दौड़ और महिला उम्मीदवारों को 800 मीटर दौड़ 3 मिनट 45 सेकंड में पूरी करनी होगी। दौड़ के लिए अलग से मौका नहीं मिलेगा। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को 1.35 मीटर ऊंची कूद और महिला उम्मीदवारों को 1.10 मीटर की ऊंची कूद लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके मिलेंगे। पुरुष उम्मीदवारों को 14 सेकंड में 100 मीटर और महिला उम्मीदवारों को 17 सेकंड में दौड़ पूरी करनी होगी। इसी तरह पुरुष उम्मीदवारों को चार मीटर और महिला उम्मीदवारों को तीन मीटर लंबी छलांग लगानी होगी। इसके लिए तीन मौके दिए जाएंगे। पुलिस भर्ती के लिए 18 से 26 वर्ष की उम्र के सामान्य उम्मीदवार, 18 से 28 वर्ष के अनुसूचित जाति-जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा और प्रतिष्ठित खिलाड़ी और 20 से 29 वर्ष की उम्र के होमगार्ड पात्र होंगे।
**पहाड़ में सुक्षित सफर को लेकर किया जाएगा ट्रक ऑपरेटर को जागरूक बीते दिनों हिमाचल सरकार ने सेब सीजन को मद्देनज़र रखते हुए बाहर से आने वाले ट्रक ऑपरेटरों को स्पेशल टैक्स से छूट देने का फैसला किया था अब इसके साथ बाहर से आने वाले ट्रक आपरेटरों को सडक़ सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया जाएगा। इस बार विशेष रूप से ट्रक आपरेटरों के लिए सडक़ सुरक्षा जागरूकता अभियान प्रदेश में चलेगा, जिसके लिए बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने परिवहन विभाग के अधिकारियों एक बैठक की थी जिसमे ये निर्देश दिए गए हैं कि ट्रक चालकों को सडक़ सुरक्षा के बारे में बताएं। प्रदेश की सभी मंडियों में सडक़ सुरक्षा जागरूकता को लेकर प्रचार किया जाएगा। मंडियों में पहुंचने वाले ट्रक आपरेटरों से चर्चा की जाएगी, उनको बताया जाएगा कि पहाड़ में वह कैसे सुरक्षित सफर करें। मंडियों में विशेष रूप से प्रचार सामग्री लगाई जाएगी जहां जागरूकता को लेकर सभी तरह की जानकारियां दी जाएंगी। इसके अलावा सीजन के दौरान नेशनल हाई-वे पर भी सडक़ सुरक्षा का पाठ पढ़ाने के लिए इंतजाम किए जाएंगे।
विधायक के मसरूर पहुंचने पर गदगद हुए क्षेत्रवासी, ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत देहरा: युवाओं के लिए घर के नजदीक रोजगार के संसाधान उपलब्ध हों, इसके लिए मसरूर मंदिर क्षेत्र को आने वाले समय में विकसित किया जाएगा। मसरूर मंदिर क्षेत्र में पर्यटन के साथ-साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकते हैं। इस दृष्टि से सरकार आने वाले समय में इस स्थान को विकसित करेगी। विधायक बनने के बाद आज पहली बार मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने यह बात कही। चुनाव जीतने के बाद पहली दफा मसरूर पहुंची विधायक बेटी को देखकर क्षेत्रवासी गदगद हो गए। स्थानीय लोगों ने फूल मालाएं पहनाकर, ढोल-नगाड़ों के साथ कमलेश ठाकुर का गर्मजोशी से स्वागत किया। मसरूर पहुंचने पर कमलेश ठाकुर ने सबसे पहले प्रसिद्ध मसरूर मंदिर में शीश नवाकर अपने दौरे की शुरुआत की। क्षेत्र की जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मसरूर का ऐतिहासिक मंदिर हमारी प्रसिद्ध धरोहर होने के साथ-साथ पर्यटन के लिहाज से भी काफी महत्वपूर्ण है। इसको देखते हुए मसरूर मंदिर और उसके साथ लगते क्षेत्र को भी सरकार योजनाबद्ध तरीके के विकसित करेगी। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना और उसके अनुरूप व्यवस्थाओं को खड़ा करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में पौंग के साथ लगता क्षेत्र, मसरूर मंदिर सहित अनेक ऐसे महत्वपूर्ण स्थान हैं जिन्हें योजनाबद्ध ढंग से विकसित किया जाए तो पर्यटन और रोजगार के अपार अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। कमलेश ठाकुर ने कहा कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए देहरा विधानसभा को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करते हुए युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाने की दिशा में वे काम करेंगी। विधायक कमलेश ठाकुर से बड़ी संख्या में मिलने आए स्थानीय लोगों ने जहां उनका स्वागत कर उनके विचारों को सुना, वहीं अपनी समस्याओं को भी उनके समक्ष रखा। लोगों की समस्याओं को सुनते हुए कमलेश ठाकुर ने मौके पर ही अधिकतम का निपटारा किया तथा शेष के समयबद्ध निवारण हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करना उनकी प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में लोग सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहें, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान राज्य औद्योगिक विकास निगम के उपाध्यक्ष विशाल चम्बियाल, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग सुरेश वालिया, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति विभाग अनीश ठाकुर, आरएम देहरा कुशल कुमार, प्रधान ग्राम पंचायत मसरूर प्रवेश, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष हरिओम शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
** प्रदेश सरकार के 18 माह के कार्यकाल में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सत्ता में आने के बाद से हिमाचल प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राज्य में पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 2022 की पहली छमाही में राज्य ने 86.42 लाख पर्यटकों का स्वागत किया, जबकि जून 2024 के अंत तक यह संख्या बढ़कर 1,00,87,440 हो गई। प्रदेश सरकार राज्य में पर्यटन अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर नवोन्मेषी प्रयास कर रही है। सरकार के प्रयासों से राज्य में पर्यटन को पंख लगे हैं। पर्यटकों की संख्या में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का श्रेय क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई सफल पहलों और प्रयासों को जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने राज्य में पर्यटन उद्योग के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा सुनिश्चित करने के साथ कई कदम उठाए हैं। सड़क नेटवर्क और हवाई सम्पर्क सुविधा को सुदृढ़ किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तारीकरण जारी है, जबकि बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए राज्य के हर जिला मुख्यालय में हेलीपोर्ट का निर्माण किया जा रहा है। पांच हेलीपोर्ट का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शिमला से बेहतर हवाई संपर्क सुनिश्चित करने के लिए संजौली हेलीपोर्ट को जल्द ही कार्यशील किया जाएगा। पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार 2018 की पहली छमाही में 89 लाख पर्यटक, 2019 में 99.57 लाख, 2020 में 22.04 लाख, 2021 में 19.75 लाख और 2022 में 86.42 लाख पर्यटकों ने प्रदेश का भ्रमण किया। दिसंबर 2022 में सत्ता में आने के बाद कांग्रेस सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानते हुए पर्यटन विकास को प्राथमिकता दी है। लाहौल-स्पीति के चंद्रताल, काजा और तांदी व किन्नौर के रकछम, नाको, चांगो और खाब में नए पर्यटन स्थलों को विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा कुफरी के समीप हसन वैली में स्काई वॉक ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का वार्षिक 5 करोड़ पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य है, इसके लिए सरकार साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित कर रही है, वहीं धार्मिक और ग्रामीण पर्यटन सैलानियों के अनुभव को चिरस्मरणीय बना रहा है। वर्ष 2024-25 के बजट में मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश को अगले 10 वर्षों में समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य बनाने के लिए अपने दृष्टिकोण को रेखांकित किया है, जिसमें प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह दृष्टिकोण एक खुशहाल, सांस्कृतिक रूप से समृद्ध, स्वस्थ, सक्षम, सुदृढ़ और आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश के लक्ष्य को रेखांकित करता है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा जिले को राज्य की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। पर्यटकों के अनुभव को अविस्मरणीय बनाने के लिए यहां अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है। बिलासपुर के गोबिंद सागर और ऊना के अंदरौली में जलक्रीड़ा पर्यटन गतिविधियां शुरू की जा रही हैं। स्थानीय लोगों की आर्थिकी को सुदृढ़ करने के लिए पौंग बांध में गर्म हवा के गुब्बारों से पर्यटन गतिविधियां संचालित करने की तैयारी है। पर्यटकों की आमद को ध्यान में रखते हुए, पर्यटन के चरम सीजन के दौरान दुकानों को 24 घंटे खुला रखने की अनुमति देने का निर्णय लिया गया है।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने आज चंबा के ऐतिहासिक मिंजर मेले में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने मधुर कुंजड़ी-मल्हार गीतों की धुनों के बीच मिंजर ध्वज फहराकर मेले का औपचारिक शुभारम्भ किया। इस मौके पर लेडी गवर्नर जानकी शुक्ला, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और अन्य लोग भी उपस्थित रहे। राज्यपाल ने कहा कि अपनी समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध मिंजर मेला हिमाचल प्रदेश की अनूठी संस्कृति को प्रदर्शित करता है और भाईचारे और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देता है। राज्यपाल ने मिंजर उत्सव को प्राचीन लोक परंपराओं, विश्वासों और आस्थाओं के साथ गहरे संबंधों का प्रतीक बताया। उन्होंने प्रदेश में बढ़ रही नशे की लत को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इस बुराई के खिलाफ सामूहिक जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि सभी को बुराई का एकजुट होकर सामना करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी सामाजिक संरचना नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों का मुकाबला करने के लिए संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने इस अवसर पर पूर्व सैनिकों को उनकी अनुकरणीय सेवाओं तथा वीर-नारियों को भी सम्मानित किया। मेला कमेटी के अध्यक्ष एवं जिला चंबा के उपायुक्त मुकेश रेप्सवाल ने आयोजन समिति की ओर से राज्यपाल का स्वागत किया। उन्होंने मिंजर मेले के दौरान आयोजित की जाने वाली गतिविधियों और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के बारे में भी विस्तार से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों के नाम समर्पित की गई है। पुलिस अधीक्षक और मिंजर मेला खेल कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक यादव ने भी कमेटी की ओर से राज्यपाल को सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल और लेडी गवर्नर को मिंजर भेंट की गई। मेला कमेटी की ओर से उपायुक्त ने विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया और विधायक नीरज नैय्यर तथा डीएस ठाकुर को भी समानित किया। इससे पहले राज्यपाल ने प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर में मिंजर अर्पित कर माथा टेका और आशीर्वाद प्राप्त किया। राज्यपाल ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों द्वारा सरकार की कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया। राज्यपाल ने मिंजर मेला खेल प्रतियोगिता के शुभारम्भ की औपचारिक घोषणा की। उन्होंने लड़कियों की टीमों के बीच खेला गया कबड्डी मैच भी देखा। उन्होंने जिला रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से जरूरतमंदों को स्वास्थ्य उपकरण वितरित किए तथा रक्तदाताओं को सम्मानित भी किया। इस अवसर पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
**नगरोटा में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री का ऐलान धर्मशाला बस अड्डे की घोषणा स्व. जीएस बाली ने की थी उस निर्माण को उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री पूरा करेंगें । यह शब्द शनिवार को नगरोटा में स्व. जीएस बाली की स्मृति में आयोजित चार दिवसीय मेले के समापन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहे । उन्होंने कहा कि जीएस बाली ने राज्य के विकास में अमूल्य योगदान दिया है तथा सरकार में काबीना मंत्री रहते हुए अपने से संबंधित विभागों के आधुनिकीकरण के लिए पहल की है। मैं यह घोषणा करता हूं कि धर्मशाला बस अड्डे का नाम स्व. जीएस बाली के नाम पर रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि अगर बाली न होते तो टांडा में शिमला के बराबर टांडा मेडिकल कालेज न होता और न ही राजीव गांधी इंजीनियरिंग कालेज होता। राजीव गांधी स्वरोजगार योजना लागू की है। इस योजना के तहत परिवहन विभाग ने ई-टैक्सी स्कीम लागू की है, जिसमें ई-टैक्सी खरीदने पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। वाहन पंजीकरण के नंबरों को आम जनता के लिए खोल दिया गया है, विभिन्न विशेष पंजीकरण नंबरों के लिए ई-नीलामी के माध्यम से 11 करोड़ से भी ज्यादा खजाने में जमा हुआ है। एचआरटीसी बसों के रखरखाव से संबंधित खर्चों को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीयकृत इनवेंटरी प्रबंधन प्रणाली लागू की गई है। परिवहन निगम ने गत वर्ष अपने बेड़े में 210 नई बसें, 11 वोल्वो बसें, 18 इनोवा क्रिस्टा तथा 12 टैम्पों शामिल किए हैं। इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी, आयुष मंत्री यादवेंद्र गोमा, सीपीएस किशोरी लाल, सीपीएस आशीष बुटेल, विधायक मलेंद्र राजन, जगजीवन पाल, भवानी पठानिया , राकेश कालिया, प्रकाश चौधरी व अजय महाजन सहित गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी स्व. जीएस बाली को याद करते हुए कहा कि जीएस बाली एक दूरदृष्टा नेता थे, जो हमेशा आम जनता की सेवा के लिए तत्पर रहते थे । इस अवसर पर मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी जीएस बाली को नमन करते हुए उनके कार्यों को याद किया।
**62 हजार के स्टॉक में से अब तक मात्र दस हजार बिके **मार्केट से कम दरों पर कार्टन खरीद रहे बागबान, क्वालिटी घटिया **एचपीएमसी ने सभी स्थानों पर पहुंचा दिए हैं बॉक्स हिमाचल प्रदेश में सेब सीजन शुरू हो गया है और यूनिवर्सल कार्टन में ही सेब मंडियों में लाया जाने लगा है। सेब सीजन की शुरुआत में ही बागबान कार्टन खरीदकर रखते हैं, ताकि जैसे-जैसे तुड़ान शुरू हो उसे कार्टन में भरना शुरू कर दें। सरकार ने अच्छी क्वालिटी का कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए एचपीएमसी को निर्देश दे रखे हैं, जिसने कार्टन मंगवा भी लिया और नजदीक के स्थानों तक पहुंचा भी दिया है, मगर उनसे कार्टन खरीदने के लिए कोई नहीं आ रहा। जानकारी के अनुसार एचपीएमसी ने बागबानों को यूनिवर्सल कार्टन उपलब्ध करवाने के लिए 62 हजार कार्टन जुटाए हैं। जिन कंपनियों को टेंडर के बाद एचपीएमसी ने काम दिया है उनसे कार्टन की खरीद की जा रही है और बढिय़ा क्वालिटी का कार्टन लिया है। इन कंपनियों से आने वाले कार्टन की बाकायदा टेस्टिंग करवाई जा रही है और यह टेस्टिंग बागबानी विभाग अपनी लैब में कर रहा है। टेस्टिंग के बाद पहुंच रहे कार्टन को लेने के लिए बागबान तैयार नहीं है, जिसकी जगह वह मार्केट से यूनिवर्सल कार्टन खरीद रहे हैं। बताया जाता है कि एचपीएमसी ने जो 62 हजार कार्टन मंगवाया है उसमें से केवल 10 हजार के करीब कार्टन ही बिक पाया है। इससे साफ है कि बागबान किसी भी तरह का रूझान नहीं दिखा रहे हैं। यहां तक की नजदीक के क्षेत्रों में एचपीएमसी ने कार्टन पहुंचा दिया है। मार्केट से एचपीएमसी का कार्टन डेढ़ रुपए महंगा मिल रहा है मगर इसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी खुद एचपीएमसी की है। मार्केट के कार्टन की गुणवत्ता को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि यदि बागबान कार्टन एचपीएमसी से लेंगे तो उसकी गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी एचपीएमसी की होगी। अब मार्केट से किस क्वालिटी का ले रहे हैं इसमें कुछ नहीं किया जा सकता। इसे लेकर चाहे कोई जितनी भी शिकायत करे सरकार कुछ नहीं कर सकती है। सेब पेटियों की गुणवत्ता को लेकर विपक्षी दल भाजपा के नेता भी सवाल उठा रहे हैं, परंतु जब एचपीएमसी से लोग कार्टन ले ही नहीं रहे तो इसमें सरकार क्या कर सकती है। सरकार बागबानों को कार्टन मुहैया करवाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन बागबान अपनी मर्जी से कार्टन ले रहे हैं। ऐसे में विपक्ष के सवाल भी सरकार गंभीरता से नहीं ले रही। बता दें कि एचपीएमसी का कार्टन 53 रुपए से लेकर 65 रुपए तक मिल रहा है। यह अलग-अलग श्रेणी का कार्टन है, जिसमें व्हाइट और ब्राउट कार्टन अलग-अलग क्वालिटी का है। इसमें एचपीएमसी डेढ़ रुपए ज्यादा वसूल रही है, लेकिन गुणवत्ता की जिम्मेदारी भी ले रही है।
जवाली-जसूर मार्ग पर बस और स्कूटी की टक्कर में घाय*ल स्कूटी चालक नीरजा (45) पत्नी प्रदीप कुमार निवासी भरमाड़ की देर शाम अस्पताल में मौ*त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार नीरजा शनिवार सायंकालीन अपनी स्कूटी से मायके राजा का तालाब की तरफ जा रही थी कि जवाली की तरफ आ रही बस ने हरनोटा फाटक के नजदीक स्कूटी को टक्कर मार दी। टक्कर होने पर महिला घाय*ल हो गई। घाय*ल महिला को साथ के निजी अस्पताल लाया गया और वहां से परिजन उसको पठानकोट के निजी अस्पताल ले गए लेकिन देर रात को महिला ने दम तोड़ दिया। नीरजा जिला चंबा के सरकारी स्कूल में बतौर टीजीटी कार्यरत थी। जवाली पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। एसपी नूरपुर अशोक रतन ने बताया कि पुलिस ने बस चालक के खिलाफ केस दर्ज करके श*व को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, जबकि आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।
**अस्वस्थता के चलते थे अस्पताल में भर्ती, इलाज के दौरान ही हो गया निधन पंचरुखी : ग्राम पंचायत भरवाना के वार्ड भुआणा नरेलू के 26 वर्षीय सैनिक अजय राणा की बीमारी के कारण मौ*त हो गई। पंचायत के उपप्रधान आदर्श सूद ने बताया कि अजय 2018 में भर्ती हुए थे। मौजूदा समय में अजय 8 डोगरा रैजीमैंट जम्मू के बड़ी ब्राह्मणा में तैनात थे। पिछले एक माह के करीब अजय पीलिया की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका उपचार आर्मी अस्पताल आरआर दिल्ली में हो रहा था, जहां उनकी मौ*त हो गई। इनके पिता भी फौजी थे। उनकी मौ*त भी ड्यूटी के दौरान किसी हादसे में हो गई थी। अजय की सगाई भी हो चुकी थी। अजय का पार्थिव शरीर रविवार को पैतृक गांव पहुंचेगा। अजय के परिवार में उनकी दो बहने थी जिनकी शादी हो चुकी है। बुजुर्ग मां का इकलौता सहारा भी छिन गया। अभी कुछ महीने पहले ही अजय राणा की रिंग सरमनी हुई थी और ग्राम पंचायत भरवाना के उप प्रधान आदर्श सूद ने बताया कि जनवरी 2025 में ही उनकी शादी होना तय हुई थी। रविवार को अजय राणा का अंतिम संस्कार भरवाना में किया जाएगा।
आईटीआई नैहरनपुखर में डिजिटल साक्षरता को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस जागरूकता शिविर मे साइबर क्राइम, सोशल मीडिया, कृत्रिम बुद्धिमता,(एआई) , साइबर पूलिंग, ऑनलाइन ठगी, धोखाधड़ी वाली फोन कॉल्स बारे संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक किया गया । इस मौके पर नाइब तहसीलदार अश्वनी कुमार व उनके साथ आए आईटी एक्सपर्ट राहुल चौधरी, संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन, आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया, व संस्थान के अनुदेशक उपस्थित रहे। आईटी एक्सपर्ट रवि गुलेरिया साइबर क्राइम के सभी विषयों पर बारीकी से जानकारी दी। इस मौके पर नाइब तहसीलदा अश्वनी कुमार जी ने बताया की साइबर क्राइम और ग्राहकों के साथ बैंक धोखाधड़ी के साथ साथ अन्य ऑनलाइन व सोश्ल आपराधिक गतिविधियां दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं व इस प्रकार के जागरूकता शिविरों से अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस मौके पर संस्थान प्रधानाचार्य ई॰ ललित मोहन ने इस डिजिटल साक्षारता को लेकर जागरूकता शिविर के सफल आयोजन को लेकर सभी संस्थान प्रशिक्षणार्थिओं को जागरूक रहकर सपने आस पास भी सभी को जागरूक रहने को कहा व इस शिविर के आयोजन मे आए हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद किया।
जयसिंहपुर: हिमाचल में रोजगार देने के नाम पर कांग्रेस हर दिन युवाओं के रोजगार के रास्ते बंद कर रही है। सरकार की स्टार्टअप गारंटी पूरी तरह फ्लॉप हो चुकी है। जयसिंहपुर भाजयुमो अध्यक्ष शिवा कटोच ने सुक्खू सरकार पर सवाल उठते हुए कहा कि सरकार की स्टार्टअप योजना का क्या हुआ? सरकार बने डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है पर अब तक इस योजना से प्रदेश के कितने युवाओं को लाभ मिला। चुनाव के समय कांग्रेस ने जो गारंटी दी थी कि हर विधानसभा क्षेत्र के युवाओं के लिए 10 करोड़ के हिसाब से 680 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड का प्रबंध कर दिया जाएगा, जिससे युवा अपने लिए रोजगार के साधन जुटाएंगे और अन्य लोगों को रोजगार भी देंगे। कांग्रेस के नेताओं ने स्टार्टअप योजना के लिए युवाओं से चुनाव से पूर्व ही फॉर्म भी भरवा लिए थे। चुनाव हुए डेढ़ साल से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन अभी तक इस योजना के तहत एक भी व्यक्ति इसका लाभ नहीं उठा पाया है। अब बहुत समय हो गया है सुक्खू सरकार सालों से लंबित पड़े प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम घोषित करें और उन्हें रोजगार दे। सरकार इस तरह से युवाओं के भविष्य की अनदेखी नहीं कर सकती। पहले से चल रही स्वावलंबन योजना को बंद कर स्वीकृत प्रोजैक्ट रोक दिए गए हैं। पूर्व मे जयराम सरकार ने स्वावलंबन योजना के तहत प्रदेश में कुल 721 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सरकार की इस योजना के अंतर्गत ₹200 करोड़ की अनुदान राशि प्रदान की गई है। इसमे कुल 4377 इकाइयां स्वीकृत हुई, इनमे 11674 लोगो को रोजगार मिला।अगर इस योजना को बंद नहीं किया जाता तो प्रदेश में रोजगार के हजारों साधन और राजस्व पैदा होते, लेकिन सुक्खू सरकार की बदले की भावना से काम करने की वजह से प्रदेश के युवाओं को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
युवा कांग्रेस ने विकास पुरुष जी.एस.बाली की जयंती पर दी श्रद्धांजलि प्रदेश में विभिन्न ज़िलों में युवा कांग्रेस ने पूर्व मंत्री स्व. जी.एस.बाली की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की I इस दिन जगह-जगह रक्तदान शिविर, अस्पतालों और बाल आश्रमों में फल वितरण, स्कूली छात्रों में एजुकेशन किट जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए I हिमाचल के दिग्गज नेता रहे स्व. जी.एस.बाली के जन्मदिन पर हर वर्ष कांगड़ा में बाल मेला मनाया जाता रहा है, जहां बड़े स्तर पर रोज़गार मेला आयोजित किया जाता रहा है I उनके स्वर्गवास के बाद भी उनके सपुत्र एवं केबिनेट रेंक पर्यटन कार्पोरेशन के चेयरमेन रघुवीर सिंह बाली ने इस परम्परा को जारी रखते हुए इस वर्ष भी नगरोटा में बाल रोज़गार मेला आयोजित किया है I युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी ने कहा कि स्व जी.एस बाली का हिमाचल और हिमाचल के युवाओं के लिए योगदान हमेशा याद किया जाएगा I सरकार में केबिनेट मंत्री रहते हुए बाली हमेशा युवा कांग्रेस के युवाओं के कामों को तरजीह देते थे I निगम भंडारी ने बताया कि समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करने बाली का समाजिक जीवन में अविस्मरणीय योगदान रहा है I कोविड महामारी के दौरान अपनी जान की परवाह किए बगैर भी जी.एस.बाली ने पूरे प्रदेश में कोरोना किट बाँट कर सैंकड़ों परिवारों की सेवा की I
शिमला: पुरुष एवं महिला वार्डर के पदों की भर्ती के लिए 28 जुलाई 2024 को तीन केन्द्रों में परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। जिला शिमला, सोलन, सिरमौर और किन्नौर के 421 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय, संजौली (शिमला), जिला मंडी, कुल्लू, बिलासपुर व हमीरपुर के 1050 अभ्यर्थियों के लिए वल्लभ राजकीय महाविद्यालय मंडी में परीक्षा का आयोजन होगा। जिला मंडी, कांगड़ा, चंबा और ऊना के 1149 अभ्यर्थियों के लिए राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला जिला कांगड़ा में परीक्षा का आयोजन होगा। कामगार एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग के डीजीपी एसआर ओझा ने बताया कि बताया कि दोपहर 12 बजे परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने अभ्यर्थियों को सूचित किया कि निर्धारित परीक्षा केन्द्रों में लिखित परीक्षा आरम्भ होने से दो घंटे पूर्व प्रातः 10 बजे पहुंचना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि सभी अभ्यर्थी अपने प्रवेश पत्र कारागार की वेबसाइट https://hpprisons.nic.in/ से एवं अपने पंजीकृत ई-मेल के माध्यम से डाउनलोड कर सकते हैं। प्रवेश पत्र डाउनलोड करना सभी अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। परीक्षा हॉल में पेन, कार्डबोर्ड, एडमिट कार्ड एवं पहचान पत्र के अतिरिक्त कोई भी सामग्री ले जाने की सख्त मनाही है। इसके साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, वायरलेस डिवाइस, ब्लूटुथ, इयरफोन, इलेक्ट्रॉनिक गेजेट्स और बैग इत्यादि ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केन्द्र परिसर में अपना वाहन साथ लाने की अनुमति नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नम्बर-0177-2628852 पर सम्पर्क किया जा सकता है। बत दें कि जेल वॉर्डर के 91 पदों (पुरुष 77, महिला 14) पर 23-11-2-23 के लिए सरकार ने नोटिफिकेशन जारी की थी। इसके लिए 22 दिसंबर 2023 तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। फ़िज़िकल टेस्ट पास करने के बाद अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा रविवार को आयोजित होगी। लिखित परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के लिए 50 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग के लिए 40 प्रतिशत अंक लाना आवश्यक है।


















































