**एक हफ्ते तक भारी बारिश की दी चेतावनी **लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की दी हिदायत **शिमला, सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग केंद्र शिमला की ओर से जारी किए गए ताजा पूर्वानुमान के तहत प्रदेश में 8 जुलाई तक भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, सोलन, सिरमौर, चंबा, कुल्लू, मंडी व शिमला के लिए बारिश की चेतावनी जारी की है। इस दौरान कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की भी संभावना है। बारिश की संभावना के चलते पर्यटकों सहित आम लोगों को नदी-नालों के किनारे ना जाने की हिदायत दी गई है। बारिश के बाद जगह-जगह लैंडस्लाइड हो रहे हैं तो वहीं बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप है। इसके अलावा शिमला सहित सोलन और अन्य इलाकों में बीती रात से ही बारिश का दौर जारी है।
**राज्य सरकार ने मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में किया बदलाव हिमाचल प्रदेश के स्कूल-कॉलेजों के 10,000 मेधावी इस बार अपनी पसंद का कोई भी एक इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले सकेंगे। दसवीं, बारहवीं और कॉलेजों के मेधावियों को पुरस्कृत करने की योजना में राज्य सरकार बदलाव करने जा रही है। चयनित दुकानों से 15 से 18 हजार रुपये तक के पसंदीदा गैजेट लेने को मेधावियों को कूपन दिए जाएंगे। कौन-कौन से गैजेट योजना में शामिल होंगे, इस पर उच्च शिक्षा निदेशालय विचार कर रहा है। राज्य इलेक्ट्राॅनिक्स काॅरपोरेशन के माध्यम से गैजेट्स की कॉन्फ़िगरेशन तय करवाई जाएगी। योजना के तहत टैबलेट, स्मार्टफोन, आईपैड और किंडल देने का अभी प्रारंभिक स्तर पर विचार चल रहा है। एक माह के भीतर योजना तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड के नतीजों में अव्वल रहने वाले दसवीं और बारहवीं कक्षा तक और कॉलेजों में फर्स्ट, सेकेंड और थर्ड ईयर के 10 हजार विद्यार्थियों को सरकार हर साल पुरस्कृत करती है। वर्ष 2007 में तत्कालीन धूमल सरकार के समय में लैपटॉप देने के साथ इस योजना को शुरू किया गया था। 2012 में वीरभद्र सरकार ने इस योजना को जारी रखते हुए विद्यार्थियों की संख्या का दायरा इस योजना में बढ़ाया। 2017 में जयराम सरकार योजना को बंद करने और जारी रखने की पसोपेश में फंसी रही। बाद में सरकार ने योजना जारी रखते हुए लैपटॉप दिए। बाद में टैबलेट दिए गए। अब सुक्खू सरकार योजना में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इलेक्ट्राॅनिक्स गैजेट्स की एक बास्केट तैयार करने का फैसला लिया गया है। इस बास्केट के तहत कई गैजेट्स शामिल किए जाएंगे। मेधावी विद्यार्थियों को सरकार सम्मानित करते हुए एक कूपन देगी। इस कूपन के माध्यम से मेधावी अपनी पसंद की कंपनी का गैजेट ले सकेंगे। इसके तहत कंपनियों और दुकानों को चयनित किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय इन दिनों गैजेट्स की बास्केट में शामिल करने वाली चीजों को चुनने में जुटी है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा और इलेक्टानिक्स कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक निपुण जिंदल ने बताया कि जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर सरकार की मंजूरी को भेजा जाएगा। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि 15 से 18 हजार की कीमत के गैजेट्स देने पर विचार चल रहा है। क्या राशि तय होगी, इसको लेकर मंथन जारी है। अगर कोई मेधावी तय राशि से अधिक कीमत का गैजेट लेना चाहेगा तो इसकी मंजूरी मिलेगी। कूपन के तहत तय राशि के अलावा शेष राशि मेधावी को स्वयं दुकानदार को देनी होगी।
भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) की ओर से जारी देश की टॉप-50 केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैकिंग में वर्ष 2023 की अपेक्षा 2024 में ए++ ग्रेड प्राप्त हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय का स्तर सात पायदान नीचे खिसक गया है। हालांकि बीते साल के मुकाबले अंक ज्यादा हासिल किए हैं। वर्ष 2023 में रैंकिंग में 42वां स्थान था, जबकि इस वर्ष जारी रैकिंग में सात पायदान नीचे लुढ़क कर सीयू 49वें नंबर पर पहुंच गई है। भारतीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (आईआईआरएफ) ने देश के केंद्रीय विश्वविद्यालयों की रैंकिंग जारी की है। आईआईआरएफ ने यह रैंकिंग सात विभिन्न मानदंडों को आधार बना कर दी है। टॉप पर रहने वाले दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के ओवरआल 989.28 अंक हैं, जबकि 49वें स्थान पर रहने वाले केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश को 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं। इसी संस्था की ओर से वर्ष 2023 में किए सर्वे के अनुसार हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय को 876.51 अंक प्राप्त हुए थे और उसे टॉप-50 में से 42वें स्थान मिला था। वहीं जेएनयू 983.12 अंकों के साथ पहले स्थान पर रही थी। आईआईआरएफ ने यह सर्वे सात विभिन्न मानकों को आधार बना कर किया था। इसमें यूनिवर्सिटी का प्लेसमेंट परफॉरमेंस, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी, रिसर्च, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट, फ्यूचर ओरिएंटेशन और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक शामिल था। प्लेसमेंट परफॉरमेंस में 217.3, टीचिंग लर्निंग रिसोर्सेस एंड पेडागोजी में 199.2, रिसर्च में 179.9, इंडस्ट्री इनकम एंड इंटीग्रेशन में 142.2, प्लेसमेंट स्ट्रैटेजी एंड सपोर्ट 62, फ्यूचर ओरिएंटेशन में 54.8 और एक्सटर्नल परसेप्शन एंड इंटरनेशनल आउटलुक में 37.9 अंक प्राप्त हुए हैं, जबकि सीयूएचपी को ओवरऑल 894.36 अंक प्राप्त हुए हैं।
** मार्केट यार्ड, कोल्ड स्टोर निर्माण के लिए विश्व बैंक से चार माह बढ़ी मियाद हिमाचल प्रदेश में 1,134 करोड़ के बागवानी विकास प्रोजेक्ट को चार माह का विस्तार मिल गया है। विश्व बैंक की ओर से विस्तार को मंजूरी से संबंधित पत्र प्रदेश सरकार को मिला गया है। अब यह प्रोटेक्ट अक्तूबर में पूरा होगा। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश में 7 नए कोल्ड स्टोर का निर्माण और 8 कोल्ड स्टोर के उन्नयन किया गया है। प्रोजेक्ट के विस्तार से महेंदली में मार्केट यार्ड का काम पूरा होगा और जरोल टिक्कर में बनाए जा रहे कोल्ड स्टोर का निर्माण कार्य भी पूरा होगा। इसके अलावा करोेड़ों की सिंचाई योजनाओं का काम भी पूरा होगा। दो महीने पहले प्रोजेक्ट की समीक्षा के लिए विश्व बैंक की टीम हिमाचल आई थी। प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट की मियाद आगे बढ़ाने का आग्रह किया था, जिसे विश्व बैंक ने स्वीकृति दे दी है। प्रोजेक्ट के तहत अब तक विदेशों से उन्नत किस्म के करीब 30 लाख सेब, नाशपाती, चेरी, प्लम, बादाम व आड़ू के पौधे और रूट स्टॉक आयात किए जा चुके हैं। 500 विभागीय अधिकारियों और 5000 से अधिक किसानों-बागवानों को विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा 70 विभागीय अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
देशभर में आज रात 12 बजे से तीन नए आपराधिक कानून लागू हो गए हैं। 51 साल पुराने सीआरपीसी की जगह भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) लेगी। भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय अधिनियम (BNS) लेगा और इंडियन एविडेंस एक्ट की जगह भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के प्रावधान लागू होंगे। महिलाओं से जुड़े ज्यादातर अपराधों में पहले से ज्यादा सजा मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक सूचना से भी FIR दर्ज हो सकेगी। एक जुलाई से पहले दर्ज हुए मामलों में नए कानून का असर नहीं होगा। यानी जो केस 1 जुलाई 2024 से पहले दर्ज हुए हैं, उनकी जांच से लेकर ट्रायल तक पुराने कानून का हिस्सा होगी। एक जुलाई से नए कानून के तहत एफआईआर दर्ज हो रही है और इसी के अनुसार जांच से लेकर ट्रायल पूरा होगा। BNSS में कुल 531 धाराएं हैं। इसके 177 प्रावधानों में संशोधन किया गया है, जबकि 14 धाराओं को हटा दिया गया है। 9 नई धाराएं और 39 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले CrPC में 484 धाराएं थीं। भारतीय न्याय संहिता में कुल 357 धाराएं हैं। अब तक आईपीसी में 511 धाराएं थीं। इसी तरह भारतीय साक्ष्य अधिनियम में कुल 170 धाराएं हैं। नए कानून में 6 धाराओं को हटाया गया है। 2 नई धाराएं और 6 उप धाराएं जोड़ी गई हैं। पहले इंडियन एविडेंस एक्ट में कुल 167 धाराएं थीं। नए कानून में ऑडियो-वीडियो यानी इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य पर जोर दिया गया है। फॉरेंसिक जांच को अहमियत दी गई है। कोई भी नागरिक अपराध के सिलसिले में कहीं भी जीरो FIR दर्ज करा सकेगा। जांच के लिए मामले को संबंधित थाने में भेजा जाएगा। अगर जीरो एफआईआर ऐसे अपराध से जुड़ी है, जिसमें तीन से सात साल तक सजा का प्रावधान है तो फॉरेंसिक टीम से साक्ष्यों की जांच करवानी होगी। अब ई-सूचना से भी एफआईआर दर्ज हो सकेगी। गंभीर धाराओं में भी ई-एफआईआर हो सकेगी। वॉइस रिकॉर्डिंग से भी पुलिस को सूचना दे सकेंगे। E-FIR के मामले में फरियादी को तीन दिन के भीतर थाने पहुंचकर एफआईआर की कॉपी पर साइन करना जरूरी होंगे। फरियादी को एफआईआर, बयान से जुड़े दस्तावेज भी दिए जाने का प्रावधान किया गया है। फरियादी चाहे तो पुलिस द्वारा आरोपी से हुई पूछताछ के बिंदु भी ले सकता है। FIR के 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी जरूरी होगी। चार्जशीट दाखिल होने के 60 दिनों के भीतर कोर्ट को आरो तय करने होंगे। मामले की सुनवाई पूरी होने के 30 दिन के भीतर जजमेंट यानी फैसला देना होगा। जजमेंट दिए जाने के बाद 7 दिनों के भीतर उसकी कॉपी मुहैया करानी होगी। पुलिस को हिरासत में लिए गए शख्स के बारे में उसके परिवार को लिखित में बताना होगा। ऑफलाइन और ऑनलाइन भी सूचना देनी होगी। महिलाओं-बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों को BNS में कुल 36 धाराओं में प्रावधान किया गया है। रेप का केस धारा 63 के तहत दर्ज होगा। धारा 64 में अपराधी को अधिकतम आजीवन कारावास और न्यूनतम 10 वर्ष कैद की सजा का प्रावधान है। धारा 65 के तहत 16 साल से कम आयु की पीड़ित से दुष्कर्म किए जाने पर 20 साल का कठोर कारावास, उम्रकैद और जुर्माने का प्रावधान है। गैंगरेप में पीड़िता यदि वयस्क है तो अपराधी को आजीवन कारावास का प्रावधान है। 12 साल से कम उम्र की पीड़िता के साथ रेप पर अपराधी को न्यूनतम 20 साल की सजा, आजीवन कारावास या मृत्युदंड का प्रावधान है। शादी का झांसा देकर संबंध बनाने वाले अपराध को रेप से अलग अपराध माना गया है। यानी उसे रेप की परिभाषा में नहीं रखा गया है। पीड़ित को उसके केस से जुड़े हर अपडेट की जानकारी हर स्तर पर उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के जरिए दी जाएगी। अपडेट देने की समय-सीमा 90 दिन निर्धारित की गई है। राज्य सरकारें अब राजनीतिक केस (पार्टी वर्कर्स के धरना-प्रदर्शन और आंदोलन) से जुड़े केस एकतरफा बंद नहीं कर सकेंगी। धरना- प्रदर्शन, उपद्रव में यदि फरियादी आम नागरिक है तो उसकी मंजूरी लेनी होगी। गवाहों की सुरक्षा के लिए भी प्रावधान है। तमाम इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी कागजी रिकॉर्ड की तरह कोर्ट में मान्य होंगे। मॉब लिंचिंग भी अपराध के दायरे में आ गया है। शरीर पर चोट पहुंचाने वाले अपराधों को धारा 100-146 तक बताया गया है। हत्या के मामले में धारा 103 के तहत केस दर्ज होगा। धारा 111 में संगठित अपराध के लिए सजा का प्रावधान है। धारा 113 में टेरर एक्ट बताया गया है। मॉब लिंचिंग के मामले में 7 साल की कैद या उम्रकैद या फांसी की सजा का प्रावधान है। चुनावी अपराध को धारा 169-177 तक रखा गया है। संपत्ति को नुकसान, चोरी, लूट और डकैती आदि मामले को धारा 303-334 तक रखा गया है। मानहानि का जिक्र धारा 356 में किया गया है। दहेज हत्या धारा 79 में और दहेज प्रताड़ना थारा 84 में बताई गई है।
हिमाचल प्रदेश में रविवार को मानसून कमजोर पड़ गया। खराब माैसम के ऑरेंज अलर्ट में भी धूप खिली रही। 1 और 2 जुलाई तक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि 3 से 6 जुलाई तक यलो अलर्ट है। इस दौरान गर्जना के साथ बारिश और कई जगह बिजली गिर सकती है। हिमाचल प्रदेश में मानसून के प्रवेश के बाद से कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश हो रही है। ऊना का पारा रविवार को भी 36 डिग्री सेल्सियस के पार रहा।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में राशन कार्डों की eKYC करवाने की अन्तिम तिथि 31 जुलाई, 2024 तक बढ़ा दी गई है। यह सुविधा देश के सभी लोकमित्र केन्द्रों में उपलब्ध है। उन्होंने बाहरी राज्यों में रहने वाले हिमाचल प्रदेश के सभी राशन कार्ड उपभोक्ताओं से भी आग्रह किया है कि वह अपने निकटतम लोक मित्र केन्द्र में जाकर eKYC करवाना सुनिश्चित करें।
हिमाचल में मानसून रविवार से फिर रफ्तार पकड़ेगा। 30 जून से 2 जुलाई तक प्रदेश में भारी बारिश का ऑरेंज, 3 से 5 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी हुआ है। शनिवार को मंडी और शिमला में बूंदाबांदी हुई। अन्य क्षेत्रों में हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। अधिकतम तापमान में सामान्य से दो डिग्री की बढ़ोतरी हुई। ऊना में अधिकतम तापमान 37 और बिलासपुर में 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार से फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई है। निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि दो दिन के दाैरान प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मानसून का प्रवेश हो जाएगा। पहाड़ी राज्यों में जहां बारिश के चलते भूस्खलन से सड़कें बंद हैं, वहीं मैदानी राज्यों में सड़कों पर पानी भर गया है। अरुणाचल प्रदेश में टेलीफोन की लाइनें टूट गई हैं। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अगले चार दिन भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्व राजस्थान, पूर्वी और उत्तर-पश्चिमी यूपी के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बनी हुई है।
हिमाचल के सरकारी स्कूलों में अगले साल से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम लागू होगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है। नए सत्र के लिए अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकों की छपाई शुरू हो गई है। वर्ष 2024-25 से पहली-दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम शुरू हो गया है। अब तीसरी से पांचवीं कक्षा में इसे लागू किया जा रहा है। तीसरी से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी भाषा में गणित और पर्यावरण विषय पढ़ाए जाएंगे। प्रदेश के 10,300 प्राथमिक स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 से नई व्यवस्था के लागू होने के बाद हिंदी माध्यम में पढ़ाई बंद हो जाएगी। निजी स्कूलों का मुकाबला करने और सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों का पलायन रोकने को सरकार ने पहली से पांचवीं कक्षा तक अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाने का फैसला लिया है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से करवाए गए सर्वेक्षण से पता चला कि सरकारी स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई न होने के चलते ही अभिभावक निजी स्कूलों को अधिक तवज्जो दे रहे हैं। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में सरकार ने पहली और दूसरी कक्षा में अंग्रेजी माध्यम लागू किया है। पहली और दूसरी कक्षा में हिंदी, अंग्रेजी और गणित विषय पढ़ाए जाते हैं। इन कक्षाओं में गणित को अंग्रेजी में पढ़ाया जाता है। तीसरी से पांचवीं कक्षा में गणित, पर्यावरण, हिंदी और अंग्रेजी विषय पढ़ाए जाते हैं। नए सत्र से गणित और पर्यावरण विषय अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाए जाएंगे। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश में लागू होने वाली नई व्यवस्था को सफलतापूर्वक चलाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 20 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दे दिया है। ये अध्यापक पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाएंगे। बीते दिनों ही जिला और ब्लाॅक स्तर पर प्रशिक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य सरकार ने नई व्यवस्था को शुरू करने की अनुमति दे दी है। राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड को अंग्रेजी माध्यम की किताबें छापने को कह दिया है। नए शिक्षा सत्र से सभी प्राइमरी स्कूलों की कक्षाएं इंग्लिश मीडियम पर चलेंगी। शिक्षा विभाग को उम्मीद है कि इस प्रक्रिया से एनरोलमेंट भी बढ़ेगी।
हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू जिला मुख्यालय के समीप गांधीनगर में बीती रात आग की एक घटना सामने आई है। यहां पर पार्किंग में खड़ी छह गाड़ियां जलकर राख हो गई हैं। आज की इस घटना में करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सूचना मिलने के बाद दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। अग्निशमन विभाग के सब फायर ऑफिसर प्रेम भारद्वाज ने कहा कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।
शिमला: हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से 30 जून को हिमाचल प्रशासनिक सेवा (HAS) का एग्जाम होगा। सभी अभ्यर्थियों को एग्जाम शुरू होने से एक घंटे पहले पहुंचना होगा। सुबह और शाम को दो सत्र में ये एग्जाम होगा। इस बार आयोग की ओर से अभ्यर्थियों को ये भी निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा में केवल काले या नीले रंग के पेन का ही प्रयोग करना होगा। एचएएस एग्जाम के लिए अभ्यर्थी अधिकारिक वेबसाइट www.hppsc.hp.gov.in से ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा एग्जाम सेंटर में फोन और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट ले जाने पर पूरी तरह से मनाही है। इसके साथ ही एग्जाम सुबह 10 बजे से शुरू होगा। वहीं, शाम के सत्र की परीक्षा 2 बजे से शुरू होगी। हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा (HAS) की प्रीलिमिनरी परीक्षा में 32,371 उम्मीदवार बैठेंगे। इस परीक्षा के लिए हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग ने लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। एचएएस एग्जाम के लिए कुल 119 एग्जाम सेंटर स्थापित किए हैं। इन परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए जाएंगे, इसके लिए लोक सेवा आयोग ने तैयारियां कर ली है। वहीं, एग्जाम सेंटर में जैमर लगाए जाएंगे। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी एग्जाम सेंटरों पर नजर रखी जाएगी. इस दौरान सीसीटीवी फुटेज को मॉनिटर किया जाएगा, ताकि एग्जाम के दौरान कोई गड़बड़ी न हो। एग्जाम सेंटर उन्हीं स्कूलों में बनाए गए हैं, जहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। आयोग की ओर से एचएएस की प्रीलिमिनरी एग्जाम के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. एग्जाम सेंटरों पर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं।
**पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी हिमाचल प्रदेश में बरसात के चलते साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से दो माह के लिए रोक लग जाएगी। प्रदेश के कुल्लू-मनाली, बीड़ बिलिंग, धर्मशाला, बिलासपुर, डलहौजी के खज्जियार और अन्य क्षेत्रों में साहसिक खेल गतिविधियों पर 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रतिबंध रहेगा। दो माह न तो पैराग्लाइडिंग कर सकेंगे और न ही नदियों में रिवर राफ्टिंग का लुत्फ सैलानी उठा पाएंगे। सैलानियों को पैराग्लाइडिंग और रिवर राफ्टिंग के लिए दो माह तक इंतजार करना पड़ेगा। बरसात में बारिश और भूस्खलन, बाढ़ आदि को ध्यान में रखते हुए दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाती है। वहीं, नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ पर्यटन विभाग की ओर कार्रवाई की जाती है। विश्व प्रसिद्ध पैराग्लाइडिंग साइट बीड़-बिलिंग, धर्मशाला के इंद्रूनाग, कुल्लू-मनाली सहित अन्य पर्यटन स्थलों में सैलानियों को साहसिक गतिविधियों का आनंद लेने के लिए 2 माह का इंतजार करना होगा। अगर 15 जुलाई से पहले ही भारी बरसात होती है तो इन साहसिक गतिविधियों पर पहले भी रोक लगाई जा सकती है। उधर, जिला पर्यटन अधिकारी जिला कांगड़ा विनय धीमान ने बताया कि बरसात के मौसम में दो माह के लिए साहसिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया जाता है। 15 जुलाई से 15 सितंबर तक प्रदेशभर में पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग सहित अन्य गतिविधियां पूरी तरह से प्रतिबंधित रहती हैं।
शिमला: हिमाचल में मौसम की बेरुखी का असर फसलों की पैदावार पर पड़ा है, जिससे मांग अधिक होने से बाजार में खाने पीने की वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं। इन दिनों खाद्य वस्तुओं सहित सब्जियां भी बहुत अधिक महंगी हो गई हैं। ऐसे में प्रदेश के लाखों परिवारों के लिए उचित मूल्य की दुकानें ही सस्ते राशन खरीदने के लिए एकमात्र सहारा बची है, जिसके तहत सरकार ने जुलाई महीने के लिए सस्ते राशन का आवंटन कर दिया है। हिमाचल प्रदेश के पांच लाख से अधिक डिपुओं में एपीएल परिवारों को अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल कोटा प्रति राशन कार्ड मिलेगा। सरकार ने अगस्त 2023 से एपीएल परिवारों दिए जाने वाले आटे और चावल के कोटे में कोई कट नहीं लगाया है। उससे पहले हर दो तीन महीने में राशन के कोटे को घटाया और फिर से बढ़ाया जाता रहा है, लेकिन अब करीब एक साल से आटे और चावल की मात्रा से कोई फेरबदल नहीं किया गया है। हालांकि अधिक सदस्यों वाले परिवारों के लिए राशन की मात्रा अभी कम है। ऐसे उपभोक्ता राशन का कोटा बढ़ाए जाने की भी लंबे समय से मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार ने जुलाई माह के लिए राशन कोटे का आवंटन कर दिया हैं। इस बारे में सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को निर्देश जारी किए गए हैं। वहीं, उचित मूल्यों की दुकानों में उपभोक्ताओं को समय पर सस्ता राशन उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। जुलाई महीने के लिए एपीएल परिवारों के लिए 25 हजार मीट्रिक टन से अधिक चावल और आटे के कोटे का आवंटन हुआ है। अब तय की गई मात्रा के हिसाब से डिपो धारकों को परमिट जारी होंगे। ऐसे में लाखों उपभोक्ताओं को डिपुओं में एक जुलाई से सस्ता राशन मिलना शुरू हो जाएगा।डिपो में समय पर सस्ता राशन उपलब्ध हो, इसके लिए सरकार ने पहले ही जरूरी दिशा निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में राशन धारकों को आटे की तर्ज पर फोर्टिफाइड चावल दिया जा रहा है। इस चावल में आयरन के साथ विटामिन 12, फोलिक एसिड समेत शरीर के लिए जरूरी कई पोषक तत्व मिलाए गए हैं। प्रदेश में एपीएल परिवारों की संख्या 12,24,448 है। इसमें एपीएल कार्ड धारकों की संख्या 11,52,003 है। वहीं, एपीएल टैक्स पेयर की संख्या 72,445 है. इसमें एपीएल कार्ड धारकों की कुल आबादी 44,19,312 है, जिसमें एपीएल आबादी 41,26,583 है। वहीं, टैक्स पेयर की आबादी 2,92,729 है, जिन्हें अगले महीने 14 किलो आटा और 6 किलो चावल प्रति राशन कार्ड के दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के 3 जिलों में आज भारी बारिश का अनुमान है। मानसून के साथ पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए मौसम विभाग ने शनिवार के लिए तीन और रविवार को चार जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। चंबा, कांगड़ा और कुल्लू जिलों के लिए आज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि कल के लिए मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों के कुछ इलाकों में एक-दो बार भारी बारिश हो सकती है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी सतर्क रहने का आग्रह किया है। लोगों को ऊंचाई वाले, भूस्खलन वाले इलाकों और नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है। आईएमडी के मुताबिक अगले छह दिन यानी 4 जुलाई तक राज्य में लगातार बारिश की संभावना है। प्रदेश के ऊना, शिमला और सोलन जिला में मानसून ने धमाकेदार एंट्री की है। अन्य जिलों में हल्की बारिश हुई है। बारिश के बाद प्रदेशभर में लोगों ने गर्मी से राहत की सांस ली है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक डॉ. सुरेंद्र पाल ने बताया, इस बार मई माह में 'रेमल' चक्रवात के कारण थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि हिंद महासागर और अरब सागर से चलने वाली हवाओं का दबाव नहीं बन पाया। इस कारण मानसून बीच में ही रुक गया था।
ब्यास व पार्वती नदी में फोटो खींचने के लिए सैलानी अपनी जान को भी जोखिम में डाल रहे हैं। ताजा मामले में मणिकर्ण के कटागला में हरियाणा का एक दंपती नदी किनारे फोटो शूट कर रहा था कि अचानक महिला का पांव फिसल गया और उफनती पार्वती नदी में जा गिरी। नदी में गिरने के बाद महिला लापता है। घटना बुधवार देर शाम की है। लापता पर्यटक की पहचान कविता(31) पत्नी अजय निवासी झज्जर हरियाणा के रूप में हुई है। एसपी कुल्लू डॉ. कार्तिकेयन ने कहा कि पुलिस स्थानीय लोगों के साथ तलाश कर ही है।
कुल्लू जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर वैष्णो माता मंदिर के समीप ब्यास नदी में एक ट्रक गिर गया। ट्रक मनाली से कुल्लू की तरफ आ रहा था। रात करीब 12:30 बजे जैसे ही चालक बाशिंग के समीप पहुंचा तो चालक नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधा ब्यास नदी के बीच जा गिरा। हादसे के बाद चालक लापता है। इसके साथ ही ट्रक में और लोगों के होने का भी अंदेशा जताया जा रहा है। एसपी डॉ. कार्तिकेयन गोकुल चंद्रन ने कहा कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। लापता चालक की तलाश की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश में कल से अगले छह दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है। भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट खास तौर पर 29 और 30 जून के लिए जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर को छोड़कर नौ जिलों में आज और कल के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक, जब खतरा कम होता है तो येलो अलर्ट जारी किया जाता है। जब सावधानी की जरूरत होती है और खतरा ज्यादा होता है तो ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है और जब खतरा बहुत ज्यादा होता है तो रेड अलर्ट जारी किया जाता है। इस दौरान बारिश के साथ-साथ कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इस सीजन में मौसम विभाग ने पहली बार बारिश का ऑरेंज अलर्ट दिया है। इसे देखते हुए प्रदेशवासियों को सावधानी बरतनी होगी। स्थानीय लोगों सहित पर्यटकों को भी अधिक ऊंचाई वाले, लैंड स्लाइड संभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के आसपास नहीं जाना चाहिए। प्रदेश के कई क्षेत्रों में प्री-मानसून की बारिश बीते तीन दिन से हो रही है। इससे प्रदेशवासियों ने भीषम गर्मी से राहत की सांस जरूर ली है। मगर ऊना सहित दूसरे शहरों का तापमान अभी भी नॉर्मल से ज्यादा चल रहा है।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बैचवाइज आधार पर नियुक्त होने वाले जेबीटी और टीजीटी को स्कूल जाने से पहले पढ़ाई करवाने के तरीकों का 15 दिन तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कई वर्षों से नौकरी का इंतजार कर रहे इन शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने यह फैसला लिया है। जुलाई में 1,100 जेबीटी और 1,023 टीजीटी की बैचवाइज आधार पर स्कूलों में नियुक्तियां होनी हैं। लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव के चलते आदर्श चुनाव आचार संहिता लगने से टीजीटी और जेबीटी की भर्तियां लटक गई हैं। चुनावों की घोषणा से पहले शिक्षा विभाग ने 1023 टीजीटी का बैचवाइज भर्ती के माध्यम से चयन कर लिया था। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के चलते इन शिक्षकों को नियुक्तियां नहीं दी जा सकी थीं। शिक्षा मंत्री ने नियुक्तियों से संबंधित सभी औपचारिकताओं को इस माह पूरा करने को कहा है। इसके अलावा करीब 1,100 पदों पर जेबीटी की बैचवाइज भर्ती भी पूरी कर ली गई है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने 13 मार्च 2024 को अक्तूबर-नवंबर 2023 के दौरान हुई बैचवाइज काउंसलिंग का परिणाम घोषित किया है। इसमें टीजीटी आर्ट्स में 496, नॉन मेडिकल में 333 और मेडिकल में 194 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। शिक्षा विभाग ने जेबीटी शिक्षकों के बैचवाइज 1,161 पद भरने के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मांगी थी। कोर्ट ने कुछ भर्तियों के परिणाम नहीं निकालने के आदेश देते हुए करीब 1,100 पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने को हरी झंडी दे दी है। अब इन शिक्षकों को नियुक्तियां देने से पहले निदेशालय ने प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि बैचवाइज भर्ती होने वालों को स्कूलों में पढ़ाने के नए तरीकों से अवगत करवाना आवश्यक है। चयनित होने वाले कई शिक्षक बीते कुछ वर्षों में शिक्षण के अलावा अन्य काम भी कर रहे होंगे। ऐसे में इन्हें 15 दिन का प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है।
जीएसटी छह फीसदी कम होने के बाद बागवानों को अब सेब कार्टन तीन रुपये तक सस्ता मिलेगा। सेब कार्टन पर पहले जीएसटी 18 फीसदी था। कुछ दिन पहले दिल्ली में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में कार्टन पर जीएसटी छह फीसदी कम कर 18 से 12 फीसदी किया गया। इस बार प्रदेश में सेब की ढाई से तीन करोड़ पेटियों के उत्पादन का अनुमान लगाया गया है। उद्योगपतियों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार सेब यूनिवर्सल कार्टन में ही बिकेगा। प्रदेश सरकार की ओर से इसको लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। यूनिवर्सल कार्टन के अलावा अन्य कार्टन में बागवान सेब नहीं बेच सकेंगे। जीएसटी कम होने से गत्ता उत्पादकों को भी इसका फायदा होगा। अगले माह से सेब सीजन शुरू होने वाला है। तीन रुपये बॉक्स सस्ता होने से सेब उत्पादकों को फायदा होगा। कई बागवानों के 2 से 3 हजार तक बॉक्स प्रतिवर्ष सेब के लगते हैं। ऐसे में उन्हें 6 से 9 हजार रुपये तक का फायदा मिलेगा। गत्ता उद्योग संघ के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि इस बार उत्पादकों ने यूनिवर्सल कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस कार्टन की क्वालिटी काफी बेहतर होगी। यह कार्टन विदेशों से आयात होने वाले सामान के कार्टन की तरह होगा। इसमें एक महीने तक कार्टन खराब नहीं होगा। गत्ता उद्योग संघ के प्रदेशाध्यक्ष आदित्य सूद ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से अधिसूचना जारी होती है तो गत्ता उत्पादक कार्टन के दाम कर देंगे। सेब का सीजन शुरू होने वाला है और गत्ता उत्पादकों ने कार्टन बनाना शुरू कर दिया है। इस बार यूनिवर्सल कार्टन ही बनाए जाएंगे। इस बार गर्मी अधिक होने से सेब की फसल कम बताई जा रही है लेकिन उसके बावजूद भी ढाई से तीन करोड़ कार्टन तैयार किए जा रहे हैं।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज बताया कि प्रदेश के तीन विधानसभा क्षेत्रों देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव के लिए मतदान के मद्देनजर इन क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाताओं के लिए सरकार के सभी विभागों, बोर्डों, निगमों, शैक्षणिक संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए 10 जुलाई, 2024 को राजपत्रित अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन इन क्षेत्रों के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी सवैतनिक अवकाश मिलेगा। उन्होंने बताया कि पंजाब के जालंधर विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव के चलते ऊना, कांगड़ा, चंबा और सोलन जिलों में सेवाएं दे रहे पंजाब के पंजीकृत मतदाताओं और उत्तराखंड के बद्रीनाथ और मंगलौर विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के चलते सिरमौर और शिमला में सेवाएं दे रहे उत्तराखंड के पंजीकृत मतदाताओं के लिए भी 10 जुलाई को विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इन राज्यों में पंजीकृत मतदाता जो सरकारी, अर्ध-सरकारी और औद्योगिक इकाइयों में कार्यरत हैं, उनके लिए भी विशेष सवैतनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके अलावा इन विधानसभा क्षेत्रों के मतदाता जो अन्य स्थानों में काम कर कर रहे हैं, उनके लिए भी विशेष आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है।
हिमाचल प्रदेश में 28 जून को मानसून पहुंचने का पूर्वानुमान है। 26 जून से प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू होगा। रविवार को कई क्षेत्रों में मौसम खराब बना रहने के आसार हैं। 24 और 25 जून को धूप खिली रहने की संभावना है। शनिवार को राजधानी शिमला सहित प्रदेश के कई क्षेत्रों में बादल छाए रहे। बारिश नहीं होने से मौसम में उमस बढ़ गई है। राजधानी शिमला में शनिवार को दिन भर बादल छाए रहे। प्रदेश के मैदानी जिलों में भी हल्के बादल छाए रहने के साथ धूप खिली। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक सुरेंद्र पाल ने बताया कि 26 जून से प्रदेश में बारिश शुरू होगी। 27 और 28 जून को अधिक बारिश होने के आसार हैं। 28 जून तक प्रदेश में मानसून के दस्तक देने की संभावना है। मानसून इस वर्ष सामान्य तारीख को ही हिमाचल में प्रवेश कर सकता है। उन्होंने बताया कि रविवार को कई जगह बादल बरसेंगे। 24 और 25 जून को मौसम साफ बना रहेगा।
**सरकार बनाने के सपने छोड़ दे जयराम! **अपने नौ विधायकों की करें चिंता आने वालो दिनों में बीजेपी के 9 विधायकों की सदस्यता जा सकती है। ये बयान प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज हमीपुर में दिया है। दरअसल सीएम सुक्खू आज हमीरपुर में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नामांकन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी के नौ विधायकों ने बीते बजट सत्र के दौरान विधानसभा में गुंडागर्दी की थी, स्पीकर के सामने सदन पटल पर रखे कागजात को फाड़कर हवा में लहराया था। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की ओर से दी गई याचिका पर स्पीकर को फैसला लेना है और कांग्रेस विधायक दल ने इस मामले में जल्दी फैसला लेने का आग्रह किया है। अगर ये नौ विधायक अयोग्य घोषित हुए तो दोबारा चुनाव में एक-दो ही गलती से जीतकर आएंगे। इससे कांग्रेस विधायकों की संख्या 50 तक पहुंच सकती है। अब ऐसा होता है या नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा लेकिन अगर ऐसा हुआ तो भारतीय जनता पार्टी की परेशानी बढ़ सकती है।
हिमाचल में बनी 22 दवाओं के सैंपल फेल हो गए हैं। हिमाचल समेत देश में निर्मित 52 दवाएं मानकों पर खरा नहीं उतरी हैं। पांवटा साहिब की दवा कंपनी जी लेबोरेटरी के तीन और झाड़माजरी के डेक्सीन फार्मा के दो सैंपल एक साथ फेल हुए हैं। ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि फेल होने वाली दवा उद्योगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। बाजार से स्टॉक को वापस मंगवाया जाएगा। मई के ड्रग अलर्ट में यह सैंपल फेल हुए हैं। हिमाचल में दवा के सैंपल लेने का अनुपात अन्य राज्यों से 90 फीसदी अधिक है। केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने मई में देशभर में दवाओं के सैंपल लिए। इसमें देश में 52 दवाएं मानकों पर सही नहीं पाई गई। सिरमौर के पांच, ऊना का एक और 16 सैंपल सोलन जिले के फेल हुए हैं। इसमें गले का इंफेक्शन, उच्च रक्तचाप, कैंसर, दर्द, जीवाणु संक्रमण, अल्सर, खांसी, एलर्जी, वायरस संक्रमण, एसिडिटी, खुजली और बुखार की दवा के सैंपल सही नहीं पाए गए हैं। बरोटीवाला के झाड़माजरी के स्काटाडलि कंपनी की बीपी की मेट्रोप्रोजल, झाड़माजरी डेक्सीन फार्मा की गले के इंफेक्शन की सेफुरोक्साइम और संक्रमण की दवा सेफिक्सिम, बद्दी की विंगस बायोटेक की कैंसर की दवा प्रेडनिसोलोल, ऊना के टाहलीवाल स्थित न्यूरो पैथिक की अल्फा लिपोईक एसिड, लोदी माजरा की नवकार कंपनी की उच्च रक्तचाप, पांवटा साहिब के पेस बायोटक कंपनी की जीवाणु संक्रमण, बद्दी के बायो एटलस फार्मा की बीपी की दवा टेलमीसार्टन, बद्दी की हिल्लर लैब की अल्सर की दवा पेंटा प्रोजोल, बरोटीवाला की डब्लयूपीबी फार्मा की खांसी की दवा लेवोसाल, पांवटा की जी लेबोरेटरी की एलर्जी की दवा डेक्सामेथासोन इंजेक्शन, बद्दी के गल्फा लेबोट्री की दर्द की दवा डेक्लोफेनाक के सैंपल फेल हुए हैं। काठा स्थित एलियन बायोटेक कंपनी की एलर्जी की मोंटीलुकास्ट, पांवटा की जी लेबोरेटरी की बैक्टीरिया की सेफ्ट्रिएक्सोन, बरोटीवाला की फार्मा रूट्स हेल्थ केयर की उच्च रक्तचाप की दवा रेमीजोल, झाड़माजरी की केप टेप कंपनी की बैक्टीरिया की दवा सेफ्ट्रिएक्सोन, पांवटा साहिब की जी लेबोरेटरी की नेत्र संक्रमण की जेटामाईसीन, कालाअंब की इंटीग्रेटेड कंपनी की वायरस संक्रमण की दवा सेक्ट्राई एक्सन, बद्दी की विंग्स नोविटास हेल्थकेयर कंपनी की इंफेक्शन की दवा मोक्सीटेस, बद्दी के एलवी लाइफ साइंस की एसिडिटी की दवा रेबोप्रोजोल, नालागढ़ के मझोली की रेकिन केयर लाइफ कंपनी की दर्द और बुखार की दवा लेबोटेज, सोलन को बड़ोग के रोमा फार्मा की दर्द और बुखार की दवा एसिक्लोफेनाक दवा के सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरे हैं।
निदेशक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले राम कुमार गौतम ने बताया कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को ओटीपी के माध्यम से राशन वितरित करने के लिए 20 जून से 30 जून, 2024 तक ट्रायल रन करवाएगी। इसके अंतर्गत उचित मूल्य दुकानधारकों द्वारा राशन कार्ड में दर्ज सदस्यों में से किसी एक सदस्य के आधार से जुड़े मोबाईल नम्बर पर ओटीपी भेजा जाएगा तथा उनसे मोबाईल पर सम्पर्क करके ओटीपी की जानकारी ली जाएगी। प्रदेश में वर्तमान में कुल 1960467 राशन कार्ड धारक हैं जिनकी संख्या 7299045 है। इनमें से 99.84 प्रतिशत लोगों के आधार तथा 94.40 प्रतिशत का मोबाईल नम्बर दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को ओटीपी प्राप्त होने के बारे में जानकारी हां या न में देनी होगी तथा ओटीपी किसी भी उचित मूल्य दुकानदार या अन्य किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करना है। उन्होंने कहा कि इस ट्रायल का उद्देश्य भविष्य में बायोमेट्रिक सेल में किसी प्रकार की समस्या आने पर ओटीपी के माध्यम से राशन वितरित करने की सम्भावना को तलाशना है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि सभी दुकानदार, प्रत्येक राशनकार्ड में दर्ज किसी एक व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी भेज कर उस व्यक्ति से फोन पर सम्पर्क करके ओटीपी प्राप्त होने की पुष्टि करेंगे। यदि ओटीपी उपभोक्ता को प्राप्त होता है तो वे उस सदस्य की प्रविष्ट अपने पास दर्ज कर लेंगे ताकि भविष्य में राशन लेने के लिए उसके मोबाईल पर ओटीपी भेजा जा सके। यदि उस व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी नहीं आता है तो उचित मूल्य दुकानधारक उसी राशन कार्ड में दर्ज किसी अन्य व्यक्ति के मोबाईल पर ओटीपी भेजेगा और ओटीपी प्राप्ति की पुष्टि होने के बाद सम्बंधित व्यक्ति का रिकार्ड अपने पास दर्ज कर लेगा। उन्होंने कहा कि सभी उपभोक्ताओं से आग्रह किया कि वे केवल ओटीपी प्राप्त होने या न होने के बारे में जानकारी उचित मूल्य दुकानधारक के साथ साझा करें और किसी भी सूरत में ओटीपी उचित मूल्य दुकानधारक या किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से ओटीपी के माध्यम से राशन लेना चाहेगा उस स्थिति में ही राशन कार्ड ओटीपी उचित मूल्य दुकानधारक के साथ साझा करेगा।
हर महीने की तरह इस बार भी हिमाचल में बनीं सात दवाओं समेत देशभर की 50 दवाएं मानकों पर सही नहीं उतरी हैं। मई माह में ड्रग अलर्ट में इसका खुलासा हुआ है। प्रदेश में संक्रमण, उच्च रक्तचाप, मांसपेशियों की कमजोरी, बुखार, अल्सर और खांसी की दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। सोलन जिले की चार, सिरमौर जिले की दो व ऊना के एक दवा केंद्रीय औषधि नियंत्रण संगठन ने देशभर के दवा उद्योगों से सैंपल लिए थे। इनमें हिमाचल के सात सैंपल सही नहीं पाए गए। हिमाचल में औद्योगिक क्षेत्र झाड़माजरी की अमेस्टर लैब कंपनी की संक्रमण की दवा सेफिक्सीम, सिरमौर के कालाअंब स्थित विद्याशय फार्मास्युटिकल कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा कार्वेडिलोल, बद्दी के संडोली स्थित हेल्थ बायोटेक कंपनी की मांसपेशियों की कमजोरी की दवा नियोस्टिग्माइन मिथाईल, सिरमौर के कालाअंब स्थित कासपेन फार्मास्युटिकल कंपनी की बुखार की दवा डाईफेंहाइड्रमिन, बद्दी के मानपुरा स्थित वीआईपी फार्मास्युटिकल कंपनी की अल्सर की दवा रेबिप्रोजोल, ऊना जिले की स्विश गेम्स बायोटेक कंपनी की उच्च रक्तचाप की दवा टेलमीसार्टन, साई रोड़ बद्दी स्थित एमडीसी फार्मास्युटिकल कंपनी की खांसी की दवा एसिटाइलसिस्टी एब्रोक्सोल दवा के सैंपल मानकों पर सही नहीं पाए गए। राज्य ड्रग नियंत्रक मनीष कपूर ने सैंपल फेल होने की पुष्टि करते हुए बताया कि विभाग ने जिन उद्योगों के सैंपल फेल हुए है ,उन्हें नोटिस जारी कर दिए हैं। इन उद्योगों को बाजार से स्टॉक वापस मंगवाने को कहा गया है। विभाग की ओर से अपने स्तर पर इन दवाओं के सैंपल भी लिए जाएंगे
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज यहां प्रदेश मंत्रिमण्डल की बैठक में पुलिस विभाग में आरक्षी (कांस्टेबल) के 1226 पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों की अधिकतमत आयु सीमा में एक वर्ष की छूट देने को स्वीकृति प्रदान की गई। इस छूट के साथ अब सामान्य वर्ग के उम्मीदवार 18 से 26 वर्ष की आयु तक, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, गोरखा, प्रतिष्ठित खिलाड़ी 18 से 28 वर्ष तक और होमगार्ड 20 से 29 वर्ष की आयु तक पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद की भर्ती के लिए पात्र होंगे। मंत्रिमण्डल ने नौनिहालों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए शिक्षा विभाग में 6297 प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा प्रशिक्षकों की नियुक्ति सहित विभिन्न सरकारी विभागों में 6630 से अधिक पद सृजित कर इन्हें भरने को स्वीकृति प्रदान की। बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में चिकित्सा अधिकारियों के 200 पद सृजित करने और भरने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, मंत्रिमण्डल ने राज्य के विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में प्रोफेसर, एसोशिएट प्रोफेसर तथा सहायक प्रोफेसर के 22 पद भरने को मंजूरी प्रदान की। लोगों को घर-द्वार के निकट बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए डॉ. यशवंत सिंह परमार राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नाहन में प्रोफेसर के तीन तथा एसोशिएट प्रोफेसर के दो पद, श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, नैरचौक, मंडी में प्रोफेसर के दो तथा एसोशिएट प्रोफेसर का एक पद, पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय चंबा में विभिन्न विभागों में प्रोफेसर के चार तथा एसोशिएट एवं सहायक प्रोफेसर के पांच-पांच पद भरे जाएंगे। इसके अतिरिक्त टांडा चिकित्सा महाविद्यालय में आपाकालीन चिकित्सा अधिकारी के आठ पद सृजित कर भरने तथा चंबा चिकित्सा महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पांच पद सृजित कर भरने सहित दोनों चिकित्सा महाविद्यालयों में ट्रॉमा सेंटर क्रियाशील बनाने के लिए स्टाफ नर्स, ऑपरेशन थियेटर सहायक, तकनीशियन, मल्टी टास्क वर्कर इत्यादि सहायक स्टाफ को नियुक्त करने को स्वीकृति प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक ट्रिब्यूनल में विभिन्न श्रेणियों के 84 पद सृजित कर भरने का निर्णय लिया गया। बैठक में राज्य में नवगठित फोर लेन नियोजन क्षेत्रों के लिए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग में विभिन्न श्रेणियों के 13 पदों को भरने की स्वीकृति प्रदान की गई। युवा सेवाएं एवं खेल विभाग में युवा आयोजकों के चार पद भरने को भी स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य सरकार और राज्य सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, बोर्डों, निगमों, स्थानीय निकायों के अंतर्गत ग्रुप सी के पदों की सीधी भर्ती को हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के तहत लाने का निर्णय लिया। मंत्रिमण्डल ने जिला कांगड़ा के देहरा में लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियन्ता कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय खोलने को स्वीकृति प्रदान की। हालांकि देहरा विधानसभा क्षेत्र में इन दिनों आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण इस संबंध में अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। बैठक में जिला ऊना के हरोली में विद्युत बोर्ड का मण्डलीय कार्यालय खोलने को भी मंजूरी प्रदान की गई। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहन प्रदान करने और होम-स्टे का सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के लिए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान की अध्यक्षता में एक मंत्रिमण्डलीय उप-समिति भी गठित करने का निर्णय लिया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी इस समिति के सदस्य होंगे। इसके अलावा संसाधनों के सृजन के लिए सुझाव देने के उद्देश्य से उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डलीय उप-समिति को स्वीकृति प्रदान की गई। कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी इस उप-समिति के सदस्य होंगे। मंत्रिमण्डल ने प्रदेश में वनों की आग, सूखे की स्थिति, जल संकट और मानसून की स्थिति की भी समीक्षा की।
राज्य सरकार के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि प्रदेश में सूखे की स्थिति के मद्देनज़र लोगों को पेयजल के साथ-साथ अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक स्त्रोतों में पेयजल की कमी, पेयजल आपूर्ति, पेयजल वितरण व पेयजल योजनाओं को हुए नुकसान की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इस गंभीर स्थिति से निपटने और लोगों को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हालात सामान्य होने तक जल शक्ति विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। विभाग द्वारा सख्त दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा गया है कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में उपस्थित रहेंगे। यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी छुट्टी पर है तो वह तुरंत अपने तैनाती कार्यालय में रिपोर्ट करें। उन्होंने कहा कि विभाग के प्रमुख अभियंता, मुख्य अभियंता और अधीक्षण अभियंताओं को पेयजल आपूर्ति की कमी से संबंधित समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रवक्ता ने कहा कि राज्य की जनता को पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कदम उठाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
हिमाचल प्रदेश उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने दो विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। हिमाचल की हमीरपुर सीट के लिए कांग्रेस ने पुष्पेंद्र वर्मा को टिकट दिया है तो वहीं नालागढ़ के लिए हरदीप सिंह बावा को कैंडिडेट बनाया है। फिलहाल, देहरा विधानसभा के लिए कांग्रेस ने अभी प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं की है। हमीरपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा विधानसभा 2022 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। त्रिकोणीय मुकाबले में वह दूसरे नंबर पर रहे थे, जबकि भाजपा के प्रत्याशी तीसरे नंबर पर। उस वक़्त इंडिपेंडेंट कैंडिडेट आशीष शर्मा ने जीत हासिल की थी। अब इस बार दूसरी बार पुष्पेंदर वर्मा और आशीष शर्मा आमने सामने है। उधर, नालागढ़ सीट से हरदीप सिंह बावा भी पहले कांग्रेस टिकट पर चुनाव लड़ चुके हैं। 2022 के आम चुनावों में कांग्रेस की ओर से हरदीप सिंह बावा कांग्रेस, लखविंद्र राणा बीजेपी और केएल ठाकुर ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर लड़ा था।
गर्मी से झुलस रहे हिमाचल के लिए बड़ी खुशखबरी है। अगर मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही रहा तो हिमाचल में 18 जून से मौसम बदलना शुरू हो जाएगा। मौसम के करवट बदलते ही 19 से 21 जून के बीच हिमाचल के कई हिस्से राहत की रिमझिम से रू-ब-रू होंगे। मौसम विभाग की मानें तो 19 जून से हिमाचल में प्री मानसून की बारिश शुरू हो जाएगी और उसके बाद 21 जून तक इसका असर रहेगा। फिर 22 जून को ड्राई मौसम का अनुमान है, जबकि इसके बाद फिर मानसून शुरू हो जाएगा। मौसम में संभावित परिवर्तन की बावजूद 17 और 18 जून को भी प्रदेश के कई क्षेत्रों में हीटवेव का असर देखने को मिलेगा। इस दौरान अधिकतम तापमान 40 डिग्री के आसपास रह सकता है। पिछले 24 घंटे में भी मौसम विभाग के अनुसार राज्य के सिरमौर और मंडी में गंभीर हीट वेव देखने को मिली है, जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सोलन, कांगड़ा और कुल्लू में भी गर्मी का असर देखा गया है। यदि तापमान की बात करें तो सबसे ज्यादा तापमान कांगड़ा के देहरा गोपीपुर में 40 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि सबसे कम लाहुल -स्पीति के कुकुमसेरी में 7.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया है। पिछले 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई अंतर नहीं आया है। मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिम विक्षोभ तैयार हो रहा है, जिसका असर दो दिन के बाद से देखने को मिलेगा।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री ने शनिवार को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में सहायक आचार्य का पदभार संभाला। विवि के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज यूआईएलए में आस्था की सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति हुई है। बीते शुक्रवार को हुई कार्यकारिणी परिषद की बैठक में विधि विभाग के दो, मैनेजमेंट के तीन, सहायक आचार्य पदों के लिफाफे खोले गए थे। इसमें उपमुख्यमंत्री की बेटी आस्था अग्निहोत्री भी शामिल थीं। शनिवार को पदभार संभालने के बाद डा. आस्था अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी सांझा की।
**योजनाओं की समयबद्ध समीक्षा और समुचित निगरानी के निर्देश दिए कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने बीते रोज़ कृषि विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। कृषि मंत्री ने विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को लाभान्वित करने के लिए अधिकारियों को फील्ड स्तर पर जाकर कार्य सुनिश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर किसानों की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण करने के लिए हर सम्भव प्रयास करें। उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचारों को शामिल करने पर विशेष अधिमान देते हुए कहा कि वे नए सुझावों और वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित कार्यशैली अपनाएं। उन्होंने भू-संरक्षण और सिंचाई योजनाओं के कार्यान्वयन पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कृषि को प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार अनेक योजनाएं कार्यान्वित कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सरकार की योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें। कृषि क्षेत्र में सुदृढ़ होने से प्रदेश की आर्थिकी को संबल मिलेगा, साथ ही मुख्यमंत्री की आत्मनिर्भर हिमाचल की परिकल्पना को साकार करने में भी मदद मिलेगी। प्रो. चन्द्र कुमार ने आपसी समन्वय से कार्य करने तथा नई योजनाओं के बारे में सुझाव देने को भी कहा। उन्होंने योजनाओं की प्रगति की समयबद्ध समीक्षा करने और उनकी निरंतर निगरानी करने के निर्देश भी दिए। कृषि निदेशक कुमुद सिंह ने विभागीय गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश सरकार की योजनाओं के सफल कार्यान्वयन के लिए समयबद्ध कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिकारियों ने विभिन्न सुझाव दिए। बैठक में विभाग के सभी अधिकारी उपस्थित थे।
कुल्लू जिला में सेब सीजन 2024 की तैयारियों को लेकर उपायुक्त तोरुत एस रवीश की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन बहुदेश्यीय अधिवेशन हाल में किया गया। उपायुक्त ने कहा कि सेब सीजन शुरू हो रहा है और बागवानी विभाग के एक अनुमान के अनुसार इस साल जिला में पिछले साल की तुलना में सेब की फसल अधिक होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि सेब सीजन सुचारू ढंग से चले इसके लिए अभी से सभी हितधारक तैयारियां शुरू कर दें। बैठक में अवगत करवाया गया कि सेब विपणन के लिए कार्टन की कोई कमी नहीं है। इसी प्रकार ट्रकों की भी कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि फल उत्पादक संघों व आढ़तियों ने इस बात को सुनिश्चित बनाया है कि टुकों की उपलब्धता तथा किराए की दरें वे आपसी सहमति से तय कर लेते हैं। इसमें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आती है। उपायुक्त ने कहा कि जिला की किसी भी सब्जी मण्डी में आने वाले ट्रक व छोटे वाहन बेतरतीब पार्क न हो इसके लिए एपीएमसी सचिव और पुलिस विभाग यह सुनिश्चित बनाएं। ट्रक केवल फल व सब्जी लोड करने के लिए सब्जी मण्डी में प्रवेश करें और तुरंत वहां से बाहर निकल जाएं। सब्जी मंडियों के आस-पास यातायात की व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए उन्होंने पुलिस तथा होमगार्ड के अतिरिक्त बलों की तैनाती करने को कहा। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़कों पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही को सुचारू बनाने के लिए जरूरी है कि मुख्य राजमार्ग के किनारे फल लाने व ले जाने वाले वाहनों की अनावश्यक पार्किंग न की जाए। इसके लिए कुछ अन्य स्थलों का निर्धारण करने के लिए तथा उन्हें अधिसूचित करने के लिए आरटीओ कुल्लू की आयक्षता में कमेटी गठन के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में आढ़तियों व ट्रक यूनियनों से भी सहयोग करने की अपील की। उपायुक्त ने कहा कि सीजन के दौरान सब्जी मंडियों में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उपायुक्त ने निर्देश दिए की लुहरी से खेम्सू सडक, तथा खराहल घाटी के देहनीधार सड़क को यातायात के लिए ठीक करवाएं। उन्होंने उपमंडल स्तर पर भी सभी उपमंडल अधिकारियों को इससे संबंधित बैठक करने के निर्देश दिए। उपायुक्त ने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से कहा कि विशेषकर सेब सीजन के दौरान संपर्क मार्गों को सही हालत में रखें। ट्रकों की उपलब्धता पर ट्रक यूनियनों ने कहा कि वे अपने स्तर पर यह व्यवस्था कर लेते हैं और ट्रकों को लेकर किसी प्रकार की कमी नहीं होती। फल उत्पादकों संघों के प्रतिनिधियों ने कहा कि ट्रकों में निर्धारित मानदंडों के आधार पर ही फलों की लोडिंग की जानी चाहिए। ओवरलोडिंग से अनेक फल वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं जिससे ठेकेदार व फलोत्पादक सभी को नुकसान पहुंचता है। एपीएमसी की ओर से जानकारी दी गई कि सीजन की शुरुआत लोअर बेल्ट से हो चुकी है तथा पलम की फसल मंडी में आनी शुरू हो गई है। सेब की अर्ली वैरायटी भी जून के माह में मंडी में पहुंच जाएगी तथा इटालियन वैरायटी के सेब जैसे कि रेडलम गाला, रेड वेलोक्स इत्यादि भी जून के माह में ही मंडी में पहुंचने हैं।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में शुक्रवार को 3.39 बजे रिक्टर पैमाने पर 3.0 तीव्रता का भूकंप आया। यह सूचना राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने दी। इस भूकंप से अभी किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, भूकंप आने के बाद लोग दहशत में जरूर आ गए और अपने घरों से बाहर निकल आए।
एसआईएस कंपनी ने युवाओं के लिए सिक्योरिटी गार्ड के 150 पद अधिसूचित किए हैं। इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। रोजगार की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा मौका है। इस बारे जानकारी देते हुए मोहन सिंह, प्रभारी उप-रोजगार कार्यालय थुनाग ने बताया कि सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए इच्छुक आवेदक निर्धारित तिथि व स्थान पर उपस्थित होकर साक्षात्कार में भाग ले सकते हैं। सिक्योरिटी गार्ड के इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता दसवीं रखी गई है। आवेदक की न्यूनतम लम्बाई 168cm वजन 55 किलोग्राम एवं आयु 19 से 40 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित होने के उपरांत आवेदक को रोजाना 8 घंटे ड्यूटी के लिए प्रतिमाह 15 से 16 हजार रुपये वेतन दिया जाएगा, जबकि 12 घण्टे के लिए प्रतिमाह 17 से 22 हज़ार रुपये वेतन दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदक अपने मूल शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के साथ पासपोर्ट साइज के दो फोटोग्राफ सहित उप रोजगार कार्यालय थुनाग में 15 जून को सुबह 10:30 बजे से नियोक्ता के समक्ष साक्षात्कार में शामिल हो सकते हैं। इच्छुक आवेदक ऑनलाइन माध्यम से https://eemis.hp.nic.in पर जाकर Candidate Login से भी आवेदन कर सकते हैं। साक्षात्कार में भाग लेने पर किसी भी प्रकार का दैनिक और यात्रा भता नहीं दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मिल की गुणवत्ता पर हमेशा से सवाल उठते है लेकिन अब बच्चों के अभिभावक भी स्कूल में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता की जांच कर सकेगें| जी हां अब हिमाचल के सरकारी स्कूलों में बच्चों को दोपहर का भोजन उनके माता-पिता प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील को लेकर नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत अब भोजन बच्चों को उनके माता-पिता या एसएमसी सदस्य से चखाने के बाद परोसा जाएगा। प्रदेश भर में प्री नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के 5.34 लाख बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जा रहा है। पहले जैसा भी खाना बनाया जाता था, उसे सीधे बच्चों को बांट दिया जाता था। इसकी वजह से बच्चों को कई बार खराब खाना मिल जाता था। लेकिन अब इस नए निर्देश के बाद अभिभावक या फिर एमडीएम प्रभारी को पहले खाने की टेस्टिंग करनी होगी।हर दिन किसी न किसी बच्चे के अभिभावकों को स्कूल आकर खाना टेस्ट करना होगा। खाने का स्वाद, गुणवत्ता को लेकर भी उन्हें बताना होगा। इसके लिए उनके हस्ताक्षर भी लिए जाएंगे
उत्तर भारत की सबसे कठितम धार्मिक यात्रा श्रीखंड महादेव यात्रा है जो जुलाई महीने में शुरू होने वाली है। अभी यात्रा की आधिकारिक तिथियों की घोषणा नहीं हुई है| निरमंड प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि आधिकारिक तिथियों की घोषणा से पहले कोई भी व्यक्ति अथवा यात्री अनाधिकृत तरीके से यात्रा न करें। अगर कोई अनाधिकृत तरीके से उपरोक्त यात्रा में जाता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभी उपरोक्त यात्रा मार्ग में काफी बर्फ है और रास्ते भी खराब हैं, जिसकी मरम्मत प्रशासन द्वारा अभी की जानी है। प्रशासन ने स्थानीय टैंट मालिकों तथा पर्यटक गाइड से भी अनुरोध किया है कि वे अनाधिकृत तरीके से श्रद्धालुओं को यात्रा में जाने के लिए प्रोत्साहित न करें। एसडीएम मनमोहन सिंह ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि जुलाई माह में जब भी प्रशासन द्वारा यात्रा का संचालन किया जाएगा। केवल उसी समय श्रीखंड महादेव यात्रा करें।
**जाइका के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा ने ग्रामीणों को दिए बहतर खेती के टिप्स **हिमालयन रिसर्च ग्रुप के निदेशक डा. लाल ने बिजाई कर दिया डेमोस्ट्रेशन कुल्लू: वाइल्ड लाइफ डिविजन कुल्लू के कोट में जाइका वानिकी परियोजना ने औषधीय पौधे चिरायता की खेती का सफल डेमोस्ट्रेशन का आयोजन किया। परियोजना के विशेषज्ञों ने मंगलवार को बीएमसी सब कमेटी लोट के तहत कोट में ग्रामीणों को चिरायता की खेती के बारे महत्वपूर्ण जिानकारी दी। जाइका वानिकी परियोजना के जैव विविधता विशेषज्ञ डा. एसके काप्टा और हिमालयन रिसर्च ग्रुप के निदेशक डा. लाल सिंह ने बीएमसी सब कमेटी को चिरायता की खेती के लिए बिजाई से लेकर रखरखाव और हार्वेस्टिंग के तरीकों से अवगत करवाया और बिजाई का डेमोस्ट्रेशन दिया। डा. एसके काप्टा ने चिरायता के संरक्षण, बीमारियों से बचाव से लेकर सभी प्रकार की बेहतरीन जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस खेती को प्रोसेस होने में 18 महीने लग जाते हैं। इस तरह के औषधीय पौधों की खेती कर ग्रामीणों को आत्मनिर्भता से आजीविका सुधार करने का मौका मिलेगा। डा. काप्टा ने कहा कि जाइका वानिकी परियोजना इस क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रही है और डीएफओ वाइल्ड लाइफ कुल्लू की टीम के कार्य भी काफी सराहनीय हैं। उन्होंने बीएमसी सब कमेटी लोट के ग्रामीणों को चिरायता की खेती की ओर अग्रसर होने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर डीएफओ वाइल्ड लाइफ कुल्लू राजेश शर्मा, एसीएफ कुल्लू राजेश ठाकुर, एसएमएस वाइल्ड लाइफ कुल्लू प्रिया ठाकुर, रेंज ऑफिसर वाइल्ड लाइफ कुल्लू रेंज रमेश कुमार और बीएमसी सब कमेटी लोट के प्रधान दीपी सिंह मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में विलुप्त होते औषधीय पौधे चिरायता की खेती कर जाइका वानिकी परियोजना को बीते वर्ष पहली कामयाबी मिली थी। बता दें कि जिला मंडी के नाचन वन मंडल के तहत छैन मैगल, बुखरास और रोहाल गांव से संबंध रखने वाली महिलाओं के एक समूह ने औषधीय प्रजातियों की पहली खेप उतार दी थी। ऐसे में अब आने वाले समय में कुल्लू समेत राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी चिरायता की सफल खेती होगी, जिससे लोगों की आर्थिकी में भी सुधार आ सकता है।
देशभर के सैलानियों का इंतजार खत्म हो गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम की बहुचर्चित बस सेवा का आगाज हो गया है। 1,026 किलोमीटर लंबे लेह-दिल्ली रूट पर एचआरटीसी की बस आज सुबह लेह के लिए रवाना हुई। एसडीएम केलांग रजनीश शर्मा ने केलांग बस अड्डा से बस को लेह के लिए रवाना किया। उन्होंने बस में सफर करने वाले 23 यात्रियों को हरी झंडी दिखाकर लेह की ओर रवाना करते हुए शुभकामनाएं दीं। इस बस से यात्री बर्फ से ढके चार दर्रों को पार कर अपने सफर को यादगार बना सकेंगे। लेह-दिल्ली बस का सफर यात्री 1,740 रुपये में पूरा होगा। 30 घंटे के रूट में यात्री दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से होते हुए हिमाचल और लेह-लद्दाख की वादियों का आनंद उठा सकेंगे। पहाड़ी और बर्फीली वादियों से होकर गुजरने वाली सड़क पर सैलानी और आम लोग खूब लुत्फ उठा सकेंगे। हिमाचल पथ परिवहन निगम के केलांग डिपो की बस करीब 9 महीने बाद शुरू हुई है। इस साल से रूट में बदलाव किया है। अब दिल्ली से आने वाली यह बस रात में जिला मुख्यालय केलांग में नहीं रुकेगी। मात्र सुबह के समय 30 मिनट के लिए बस अड्डा में खड़ी होगी। एचआरटीसी केलांग डिपो का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे उमेश शर्मा ने कहा कि बस सुबह 5:00 बजे केलांग से सरचू होते हुए लेह रवाना होगी। यात्री 16,500 फीट ऊंचे बारालाचा, 15,547 फीट नकिल्ला, 17,480 फीट तंगलांगला और 16,616 फीट ऊंचे लाचुंग दर्रे के नजारों से भी रुबरू होंगे। नई समयसारिणी के अनुसार बस दिल्ली से दोपहर 12:15 बजे चलेगी। चंडीगढ़ से शाम को 6:10 बजे रवाना होगी और सुबह 5:00 बजे तक केलांग बस अड्डा पहुंचेगी और 5:30 पर लेह के लिए चलेगी।
उत्तरी भारत में एक बार फिर से गर्मी बढ़ने लगी है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश में सैलानियों का तांता लगा हुआ है। गर्मी से राहत पाने के लिए सैलानी लगातार हिमाचल का रुख कर रहे हैं। शिमला, मनाली, मंडी, कुल्लू और धर्मशाला सहित अन्य इलाकों में सैलानियों की आवाजाही बढ़ी है। हालांकि, ये सभी इलाके जाम से भी बेहाल हैं। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पर वीकएंड और रविवार शाम को भी जाम लगा। वहीं, कुल्लू के बंजार और जीभी में वाहन चालक जाम से बेहाल रहे। वहीं, मंडी से सुंदरनगर तक भी जाम से काफी परेशानी हुई और यहां पर चार किमी के लिए चार घंटे तक का वक्त लग रहा है। प्रदेश में बीते एक सप्ताह में रुक रुक कर बारिश होती रही। ऐसे में टूरिस्ट भी राहत पाने के लिए हिमाचल पहुंच रहे हैं। मनाली में करीब 90 फीसदी होटल बुक हुए हैं। शिमला में भी 70-80 फीसदी होटलों में ऑक्युपेंसी रही है। रोहतांग पास भी गाड़ियों का जमावड़ा देखने को मिला है। यहां परमिट पर रोजाना 1200 गाड़ियां जा रही हैं। शिमला में वन मिनट ट्रैफिक प्लान फिलहाल बंद किया गया और ऐसे में शोघी से शिमला तक जाम का सामना करना पड़ रहा है। मनाली शहर से अटल-टनल तक 30 किमी के सफर के लिए रविवार को छह घंटे लगे हैं। सोशल मीडिया पर यजूर्स नें अपनी परेशानी जाहिर की। सुबह चार बजे ही टूरिस्ट की गाड़ियां रोहतांग पास के लिए निकल रही हैं। हिमाचल प्रदेश में मॉनसून से पहले कमोबेश ऐसा ही हाल रहने वाला है। प्रदेश में 20 जून के बाद मॉनसून की एंंट्री होगी।
जून की तपिश से बचने के लिए मैदानी इलाकों से पर्यटक हिल स्टेशनों का रुख कर रहे हैं। मनाली का पर्यटक सीजन खूब चमक रहा है। बड़े होटलों में सौ फीसदी तक कमरे बुक हैं। छोटे होटलों में 70 से 90 प्रतिशत तक कमरे पैक चल रहे हैं। इन दिनों रोजाना मनाली में तीन हजार से अधिक पर्यटक वाहन पहुंच रहे हैं। अप्रैल और मई में पर्यटकों की संख्या अपेक्षा के अनुरूप नहीं रही थी। अब चुनाव संपन्न होने के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ गई है। इस साल पर्यटन सीजन लंबा चलने की संभावना जताई जा रही है। 20 जून तक मनाली में अच्छी बुकिंग बताई जा रही है। कई होटल एडवांस में बुक हो गए हैं। होटलियर एसोसिएशन मनाली के उपाध्यक्ष रोशन ठाकुर ने बताया कि पर्यटकों की अच्छी भीड़ जुट रही है। अधिकतर बड़े होटल पैक चल रहे हैं। हिमाचल पर्यटन विकास निगम के उप महाप्रबंधक बीएस ओक्टा ने बताया कि निगम के होटल लगभग पैक चल रहे हैं। वीकेंड में पर्यटकों की संख्या अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक जुट रही है। उन्होंने कहा कि 20 जून तक एडवांस बुकिंग है। मनाली में हर रोज 3,000 से अधिक पर्यटक वाहन पहुंच रहे हैं। ग्रीन टैक्स बैरियर से जुटाए आंकड़ों के अनुसार हर रोज 3,000 से अधिक पर्यटक वाहन मनाली में दाखिल हो रहे हैं। इसके अलावा 100 से अधिक वोल्वो बसों में भी पर्यटक मनाली का रुख कर रहे हैं।
** देहरा, हमीरपुर और नालागढ़ में उपचुनाव **आज से तीन जिलों में आदर्श आचार संहिता लागू **13 जुलाई को होगी मतगणना... लोकसभा चुनाव व विधानसभा की छह सीटों के उपचुनाव के नतीजे घोषित होते ही अब हिमाचल में तीन विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होंगे। निर्वाचन आयोग ने इसका शेड्यूल जारी कर दिया है। प्रदेश में निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे से खाली हुई देहरा, नालागढ़ और हमीरपुर विधानसभा सीट के लिए उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग के शेड्यूल के अनुसार 10 जुलाई को इन सीटों के लिए मतदान होगा। 13 जुलाई को मतगणना व नतीजे घोषित होंगे। 15 जुलाई से पहले चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। उपचुनाव के लिए 14 जून को राजपत्र में अधिसूचना जारी होगी। 21 जून नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथ तय की गई है।
हिमाचल प्रदेश में एक सप्ताह तक मौसम साफ रहने के आसार हैं। ऐसे में धूप खिलने से मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 16 जून तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 12 से 14 जून तक मैदानी व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हीटवेव चलने का येलो अलर्ट जारी हुआ है। वहीं आज राजधानी शिमला व आसपास भागों में हल्के बादलों के साथ धूप खिली हुई है।
हिमाचल पुलिस ने मनाली में उत्तर प्रदेश के एक युवक को चिट्टे के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार, गुप्त सूचना के आधार पर मोहम्मद जावेद 19 निवासी गांव धनीरामपुर, डाकघर सराय, तहसील अकवरपुर, जिला कानपुर, देहात उत्तर प्रदेश के कमरे की तलाशी ली गई तो कमरे के अंदर एक पैकेट मिला। पैकेट के अंदर 8.4 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इस संबंध में डीएसपी केडी शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि आरोपी के तार किससे जुड़े हैं पुलिस इसका भी पता लगाने में जुटी हुई है।
प्रदेश के सभी जिलों में 14 जून को होने जा रही आठवीं मॉकड्रिल को लेकर शिमला में आज राज्य आपदा प्रबंधन के निदेशक व विशेष सचिव डी.सी. राणा की अध्यक्षता में वर्चुअल माध्यम से बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि व सभी जिलों के उपायुक्त शामिल हुए। प्रदेश भर के सभी जिलों में 12 जून को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा टेबल टॉप अभ्यास किया जाएगा। टेबल टॉप अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपदा की स्थिति में जमीनी स्तर पर की गई तैयारियों का मूल्याकंन करना है। 14 जून को बाढ़, भू-स्खलन, हिम-स्खलन और औद्योगिक आपदा से निपटने के लिए सभी जिलों में मॉकड्रिल की जाएगी, जिसमें विशेषकर स्कूलों, महाविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में आपदा में फंसे छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने को लेकर अभ्यास किया जाएगा। डी.सी. राणा ने कहा कि मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करना और आपदा से निपटने के लिए सभी विभागों के प्रतिनिधियों, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, केन्द्रीय सशस्त्र बलों, पुलिस, होमगार्ड आदि में समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के दौरान शैक्षणिक संस्थानों में राहत कैंप न बनाए जाए जिससे कि शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि नदियों, झीलों और ग्लेशियर के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को समय से पहले ही मॉकड्रिल को लेकर की जा रही तैयारी की जानकारी दी जाए ताकि मौके पर अभ्यास के दौरान लोगों में भय का माहौल न उत्पन्न हो। उन्होंने कहा कि मॉकड्रिल के लिए गैर सरकारी संगठनों के साथ भी समन्वय स्थापित कर कार्य योजना बनाई जाए। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्रों में भी बेहद संवेदनशील स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए। ऐसे स्थानों में त्रासदी से पूर्व घटना के संबंध में जानकारी मिले इसके लिए पूर्व चेतावनी प्रणाली की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। खतरनाक झीलों के किनारे रह रही आबादी के लिए विशेष कार्य योजना तैयार करने पर भी बल दिया जाए। आपात स्थिति में किसी भी त्रासदी की जानकारी मिलने पर मौके पर जमीनी स्तर पर अपनी कार्य योजना को भी लागू करने के लिए विकल्प रखें। उन्होंने कहा कि इस मॉकड्रिल में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और जिला प्रशासन का त्रिस्तरीय समन्वय होगा। डी.सी. राणा ने बताया कि इस बार मॉकड्रिल में संचार सुविधा बाधित हो जाने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास भी किया जाएगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का विशेष तौर पर नेतृत्व कर रहे सेवानिवृत्त मेजर जनरल सुधीर बहल ने आपदा से निपटने के लिए विशेष योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
**अरविंद पनगढ़िया की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग ने किया पहली बैठक का आयोजन **हिमाचल प्रदेश से होगी राज्यों के दौरे की शुरुआत भारत सरकार का 16वां वित्त आयोग इस बार हिमाचल प्रदेश से देश के सभी राज्यों के दौरे की शुरुआत कर रहा है और 24 और 25 जून, 2024 को हिमाचल के दौरे पर रहेगा। वित्त आयोग की टीम इन दो दिनों में शिमला में राज्य सरकार के साथ बैठक करेगी और प्रदेश का दौरा भी करेगी। इससे पहले जून के पहले सप्ताह में ही राज्य सरकार को अपना मेमोरेंडम तैयार कर वित्त आयोग के पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इस दौरे की तैयारी के लिए मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना में दो दिन पहले ही अपने अफसरों की टीम के साथ बैठक की है। केंद्र सरकार ने नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगढिय़ा की अध्यक्षता में 16वें वित्त आयोग का गठन किया है। इसमें चार अन्य सदस्य नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से तीन फुल टाइम मेंबर हैं। 16वें वित्त आयोग को 31 अक्तूबर, 2025 तक अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को देनी हैं, जो पहली अप्रैल, 2026 से सभी राज्यों पर लागू होंगी। हिमाचल के लिए 16वें वित्त आयोग का यह दौरा काफी अहम रहने वाला है। हिमाचल को केंद्र से राजस्व घाटा अनुदान यानी रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट मिलती है, जो 15वें वित्त आयोग ने 37,199 करोड़ दी थी। हालांकि यह अनुदान हर साल कम हो रहा है, इसीलिए 16वें वित्त आयोग के पीरियड में इस अनुदान को बचाए रखना हिमाचल के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भाजपा की जयराम ठाकुर सरकार के समय 15वें वित्त आयोग ने पांच साल की अवधि के लिए हिमाचल को 81977 करोड़ रेकमंड किए थे। इनमें 37199 करोड़ रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट, 3049 करोड़ स्थानीय निकायों के लिए और 2258 करोड़ डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए थे। वित्त आयोग की सिफारिश में प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना के तहत 2222 करोड़ भी दिए थे। इसी वित्त आयोग ने मंडी में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए 1000 करोड़ की सिफारिश भी की थी, जिसे भारत सरकार ने बाद में लागू नहीं किया। वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार ही केंद्र राज्यों के बीच आर्थिक संसाधनों का बंटवारा करता है।
हिमाचल के लोगों को जल्द भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे पहाड़ों पर अगले 5 दिन बारिश के आसार है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने कल से अगले चार दिन तक कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के अधिक ऊंचे व मध्यम उंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में आज भी बारिश हो सकती है। मगर मैदानी जिले ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में आज भी हीटवेव चल सकती है। इन जिलों में आज हीटवेव को लेकर येलो अलर्ट दिया गया है। मैदानी इलाकों के लोग बीते 20 दिन से गर्मी से बेहाल है। हमीरपुर के नेरी का तापमान सर्वाधिक 43.9 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। ऊना का तापमान 43.6 डिग्री, बिलासपुर का 40.4 डिग्री, हमीरपुर 39.8 डिग्री, चंबा 38.8 डिग्री, धौलाकुंआ 39.8 डिग्री, बरठी 38.7 डिग्री, नाहन 37.7 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। प्रदेश के ज्यादातर शहरों का पारा नॉर्मल से 5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा चल रहा है। नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 4.9 डिग्री का उछाल ऊना के तापमान में आया है। शिमला का पारा नॉर्मल से 2.3 डिग्री, सुंदनरगर 4.2 डिग्री, ऊना 4.9 डिग्री, नाहन 3.8 डिग्री, सोलन 1.9 डिग्री, बिलासपुर 3.1 डिग्री और हमीरपुर में सामान्य से 3.5 डिग्री तापमान अधिक चल रहा है। परन्तुं जल्द प्रेदशवासियों को इस भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। पहाड़ों पर अगले 5 दिन बारिश के आसार है।
हिमाचल प्रदेश के जंगलों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। रोजाना प्रदेश के हर कोने से आग लगने के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 24 घंटे में जंगलों में आग लगने की 29 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 177.11 हेक्टेयर जंगल राख हुए हैं। इस फायर सीजन में जंगल में आग लगने के मामले 1302 हो गए हैं, जिनमें 12,431 हेक्टेयर में वन संपदा राख हुई है। आग से जंगलों में अभी तक करीब 3 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। शनिवार शाम से रविवार शाम तक हमीरपुर सर्किल में जंगलों में आग लगने की 13 घटनाएं, ग्रेट हिमालय नेशनल पार्क में एक, मंडी में छह, नाहन में सात, शिमला एक और सोलन में एक मामला दर्ज हुआ है। हमीरपुर में 111 हेक्टेयर, मंडी 46. 5, नाहन में 103.51 हेक्टेयर, शिमला में पांच और सोलन में 13.5 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा राख हुई है। आग की घटनाओं से लोग भी परेशान हैं। जंगल की आग घरों तक पहुंच रही है, जिससे कई बार दहशत का माहौल भी बन जाता है। वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार की घटनाओं ने बीते चार सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 681, वर्ष 2022-23 में 860 और 2021-22 में 33 घटनाएं जंगलों में आग लगने की दर्ज हुई थी। शनिवार को मंडी जिले में जंगलों की आग नियंत्रित हो गई थी, मगर रविवार को कांगणीधार, सुकेत के जैदेवी, सरकाघाट और जोगिंद्रनगर में एक के बाद एक जंगलों में आग लगने की चार घटनाएं सामने आईं। इससे कई हेक्टेयर क्षेत्र में वन संपदा राख हो गई है। वहीं वन मंडल चंबा के दायरे में आने वाले आधा दर्जन जंगल शनिवार की पूरी रात आग से दहकते रहे। वन विभाग के कर्मचारी जंगलों में लगी आग को बुझाने के लिए मौके पर डटे रहे, लेकिन तेज हवाओं से आग और फैलती गई। इसके चलते कर्मचारी काफी परेशान भी हुए। आग बुझने तक ये कर्मचारी अपने-अपने जंगलों में आग को बुझाने में डटे रहे।
**कल से प्रदेश में बारिश के आसार, चिलचिलाती गर्मी से मिलेगी राहत **अगले 4 दिन बारिश के आसार, कुछ जगहों पर आंधी-तूफान की संभावना हिमाचल प्रदेश में आज रात से पश्विमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे अगले चार दिन तक पहाड़ों में बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग द्वारा 4 से 6 जून को ज्यादा बारिश के आसार हैं। प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने तीन दिन तक कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान का भी अलर्ट जारी किया है। वहीं आज अधिक ऊंचे क्षेत्रों को छोड़कर अन्य स्थानों पर मौसम साफ रहेगा। इससे कुछ स्थानों पर हीट वेव भी चल रही है। ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, सोलन और सिरमौर जिला के निचले इलाकों में हीटवेव का येलो अलर्ट दिया गया है। कल से प्रदेशवासियों को गर्मी से राहत मिलेगी। हमीरपुर में तापमान 45 डिग्री पार प्रदेश में बीते 18 दिनों के दौरान 16 दिन हीट वेव महसूस की गई है। अगले कल से किसी भी जिला में हीट वेव का अलर्ट नहीं है। प्रदेशवासियों के लिए यह राहत की बात है। अभी प्रदेश के छह शहरों का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक चल रहा हैं। प्रदेश के ज्यादातर शहरों का पारा नॉर्मल से 6 डिग्री तक अधिक चल रहा है। नॉर्मल की तुलना में सबसे ज्यादा 6.2 डिग्री का उछाल मंडी के तापमान में आया है। इसी तरह शिमला का पारा नॉर्मल से 4.3 डिग्री, सुंदनर 5.4 डिग्री, ऊना 5.5 डिग्री, नाहन 4.5 डिग्री, सोलन 5.1 डिग्री, बिलासपुर 4.8 डिग्री और हमीरपुर में सामान्य से 5.7 डिग्री तापमान अधिक चल रहा है। परन्तुं कल से इस चिलचिलाती गर्मी से हिमाचल के लोगों को राहत मिलने वाली हैं।
हिमाचल प्रदेश में जंगलों की आग ने पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। अब तक पिछले साल की तुलना में 38 घटनाएं ज्यादा दर्ज हो चुकी हैं। प्रदेश में इस साल 1 अप्रैल से अब तक जंगल में आग लगने की कुल 712 घटनाएं वन विभाग ने दर्ज की हैं। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में 674 घटनाएं हुई थीं, जिससे 10,784 हेक्टेयर वन क्षेत्र प्रभावित हुआ था। इस वित्तीय वर्ष में हुई 712 घटनाओं में 7,027 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हो चुका है। प्रदेश में आग की घटनाओं में कई दिनों बाद गिरावट दर्ज की गई है। बीते बुधवार शाम से वीरवार शाम तक जंगलों में आग की केवल 15 घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 195 हेक्टेयर भूमि पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। जंगलों में आग की घटनाएं कम होने का कारण कई जगहों पर हुई बारिश है। वन विभाग ने भी इससे राहत की सांस ली है। करीब एक सप्ताह तक प्रदेश के जंगलों में हर रोज 50 से अधिक स्थानों पर आग लग रही थी। वन विभाग ने बुधवार शाम से वीरवार शाम तक बिलासपुर में एक, चंबा में दो, हमीरपुर में आठ, मंडी में दो, रामपुर में एक और डब्ल्यूएल नॉर्थ में आग लगने की एक घटना दर्ज की है।
पिछले कई महीनों से कुल्लू पोलिस की एसआईयू टीम द्वारा हेरोइन के बड़े सप्लायरों को टारगेट करके उनके नेटवर्क को स्टडी किया जा रहा था जिसमें ज्यादातर अफ्रीकन नागरिकों द्वारा हेरोइन/चिठ्ठा की सप्लाई के गढ़ दिल्ली में इनकी गतिविधियां पाई गई, जिनके द्वारा हिमाचल के साथ साथ भारत के अन्य राज्यों के युवाओं को चिट्टे के जाल में फंसाया जा रहा था। कुल्लू पोलिस की टीम द्वारा पिछले डेढ़ साल में लगातार ऐसे 17 अफ्रीकन ड्रग्स सप्लायरों को दिल्ली से गिरफ्तार कर इनके नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं को आईडेंटिफाई किया गया और जांच जारी रखी। इसी कड़ी में कुल्लू पुलिस की स्पेशल टीम द्वारा जिले में हेरोइन/चिट्टा लाने की कोशिश में दो युवकों को दिनांक 30/1/21 को गिरफ्तार किया गया और उनसे 55 ग्राम हेरोइन बरामद की गई और धारा 21 एनडीपीएस में मुकदमा पंजीकृत किया गया। साथ ही उनका व्हीकल शेवरले बीट भी जब्त किया गया। इस हेरोइन का सप्लायर मुख्य सरगना दिल्ली में रहने वाला एक अफ्रीकी देश आइवरी कोस्ट का 38 वर्षीय नागरिक है, जिस को कुल्लू पुलिस की टीम द्वारा एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के अन्तर्गत दिल्ली से गिरफ्तार किया और उसके घर पर रेड करके उससे 6.297 किलो हेरोइन और 362 ग्राम गांजा बरामद किया गया जो हेरोइन के गढ़ पर हिमाचल प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी रेड है। आरोपी को गिरफ्तार करके कुल्लू लाया गया है। इस कॉन्ट्राबंड की अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत 30 करोड़ से ज्यादा है। आरोपी के फ्लैट से हेरोइन की नापतोल और कंजप्शन का सामान जैसे 4 टेप रोल, एक बड़ा सिल्वर फ़ॉइल पेपर रोल और एक इलेक्ट्रॉनिक वज़न मशीन के साथ प्रयुक्त सिल्वरफ़ॉइल पेपर, प्रयुक्त टेप फ़ॉइल आदि। यह ऑपरेशन लगातार 46 घंटे चला और इसमें टीम ने 1300 किमी से ज्यादा का सफ़र तय किया।आरोपी के पास वैलिड वीजा नहीं है वह आरोपी गैर कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था जो इसके खिलाफ फोरनर एक्ट की धारा 14 के अंतर्गत भी कार्यवाही की गई है। आरोपी को कुल्लू न्यायालय में पेश करके 5 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जो आरोपी हेरोइन के व्यापार का एक बहुत बड़ा सरगना है जो पूरे भारत में हेरोइन सप्लाई करने का काम पिछले काफी वर्षों से कर रहा है। आरोपी बड़ी क्वांटिटी में डील करता है और डिलीवरी व नेटवर्किंग में खुद नहीं जाता। इसके गैंग ने हिमाचल में भी सैकड़ों लोगो को हेरोइन सप्लाई की है। जो आरोपी हर महीने 10 किलो से ज्यादा हेरोइन सप्लाई करता है। इस आरोपी से की गई जाँच के आधार पर एक अन्य नाइजीरियन आरोपी अफ़ेमिफल गुडनेस को भी टीम द्वारा दिल्ली से गिरफ़्तार कर लता गया था। चारों आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है। दोनों अफ्रीकियों को 10-10 साल के कठोर कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई है। स्पेशल टीम के सदस्य इंस्पेक्टर सुनील सांख्यान (टीम लीडर) एसआई रिंकू एचसी अनुपम एचसी संदीप एचसी केसर एचसी नरेंद्र एचसी चन्द्रशेखर एचसी हेमन्त सीटी प्रेमनाथ