धर्मशाला में आयोजित हुआ मैमोग्राफी कैंप, महिलाओं ने करवाई जांच
कैंसर की विभिन्न बीमारियों में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर पूरे विश्व में काफी फैला हुआ है। भारत में हर वर्ष 2 लाख के करीब ब्रेस्ट कैंसर के केस आ रहे हैं। हालांकि ब्रेस्ट कैंसर से बचाव आसान है, यदि इसका समय रहते पता चल जाए। यह बात एसडीएम धर्मशाला धर्मेश रमोत्रा ने धर्मशाला में आयोजित मैमोग्राफी कैंप में शिरकत करते हुए कही।
एसडीएम ने कहा कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर की पहचान देरी से होती है और यह रोग बिगड़ जाता है। 30 वर्ष की आयु के बाद महिलाओं को मैमोग्राफी टेस्ट करवाते रहना चाहिए। रेडक्रॉस सोसायटी की उपमंडल इकाई धर्मशाला ने मैमोग्राफी कैंप लगाने की शुरुआत की है और भविष्य में प्रयास किया जाएगा कि इस तरह के कैंप समय-समय पर आयोजित किए जा सकेंगे। मैमोग्राफी टेस्ट कैंप पालमपुर में करवाया जा रहा था, जिनसे संपर्क करके बहुत कम समय में धर्मशाला में भी यह कैंप यहां आयोजित किया गया। अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में इसी तरह का कैंप आयोजित करने के प्रयास किए जाएंगे।
धर्मशाला में पहली बार आयोजित किए गए कैंप के प्रति महिलाओं ने रुचि दिखाई है और 70 से अधिक महिलाओं ने कैंप में टेस्ट करवाए हैं। ब्रेस्ट कैंसर यदि गंभीर रूप लेता है तो इसका पूरे परिवार पर असर पड़ता है। हमारी यही अपील है कि 30 वर्ष से अधिक की महिलाएं अपना मैमोग्राफी टेस्ट जरूर करवाएं।
