मंडी : हिमाचल का ग्लैडियोलस फूल मचाएगा धूम
देश-विदेश में अब हिमाचल का ग्लैडियोलस फूल धूम मचाएगा। पांच अंतरराष्ट्रीय प्रजातियां मंगला, एचबी 15-11, एचबी 1-27, एचबी 9-16 और एचबी 2-52 को जिला मंडी के थुनाग स्थित उद्यानिकी, वानिकी महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर की तीन साल की मेहनत के बाद फूलों की प्रजातियां इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के पूरे मानकों पर खरी उतरी हैं। ग्लैडियोलस प्रजाति मूलतया अफ्रीका की है। फूल की जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, नीदरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात में भारी मांग हैं। देश के कोने-कोने में फूलों की अच्छी खासी मांग है। खासकर पांच सितारा होटलों और बड़े आयोजनों में इन फूलों की मांग रहती है। जरूरत पड़ने पर फूल विदेशी मांग के अनुसार भी भेजा जाता है। शोधकर्ताओं के अनुसार मंडी जिला की सराजघाटी की आबोहवा, जलवायु, उपजाऊ मिट्टी, कम तापक्रम, अधिक जल, गुणवत्ता और प्रवर्धन अंतरराष्ट्रीय स्तर की ग्लैडियोलस किस्मों के लिए उपयुक्त है। उधर, सरकार ने भी इस संस्थान के वैज्ञानिकों की पीठ थपथपाई है। रिसर्च में परियोजना के मुख्य वैज्ञानिक एवं कालेज के डीन डॉ वाईसी गुप्ता ने इसकी पुष्टि की है। इस शोध में डॉ. सीता राम, डॉ. पूजा, डॉ. नीलम और डॉ. मीनाक्षी शामिल है।
25 से 30 रुपये तक एक स्टिक की कीमत
ग्लैडियोलस भारत एवं विश्व का एक प्रमुख कट फ्लावर है। यह छोटे फूल बाली पर क्रम से एवं धीरे-धीरे खिलते हैं, जिससे कटे हुए फूलों को ज्यादा समय तक रख सकते हैं। ग्लैडियोलस विभिन्न रंगों में पाए जाते हैं। एक फूल स्टिक की कीमत 25 से 30 रुपये तक है।
कहां उग सकता है यह फूल
ग्लैडियोलस की खेती सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है। इसके लिए मृदा जिसका पीएच मान 5.5 से 6.5 के बीच हो। भूमि के जल निकास का उचित प्रबंध हो, वह सर्वोत्तम मानी जाती है। खुले स्थान जहां सूरज की रोशनी सुबह से शाम तक रहती हो, ऐसे स्थान पर ग्लैडियोलस की खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है।
प्रदेश में प्रतिवर्ष 150 करोड़ तक कारोबार
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय भारत सरकार की कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण की रिपोर्ट के अनुसार पिछले साल 1685 हजार टन खुले फूल और 472 हजार टन कट फ्लावर का उत्पादन हुआ। इसमें विश्वभर में 22518.58 मीट्रिक टन पुष्प कृषि उत्पाद का निर्यात करके 479.42 करोड़ रुपये अर्जित गए। प्रदेश में प्रतिवर्ष 100 से 150 करोड़ रुपये तक फूलों का कारोबार होता है।
