मंडी : मजदूरों की मांगों के लिए आंदोलन की बनेगी योजना-भूपेंद्र
सीटू का 14वां राज्य सम्मेलन कल से
फर्स्ट वर्डिक्ट। मंडी
मज़दूर संगठन सीटू का 14वां दो दिवसीय राज्य सम्मेलन पहली व 2 अक्तूबर को दीप पैलेस रामनगर मंडी में शुरू हो रहा है, जिसकी अध्यक्षता सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा करेंगे। सम्मेलन के लिए मंडी नगर का नामकरण दिवगंत सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्यामल चक्रवती नगर से किया गया है और सम्मेलन हाल का नामकरण रघुनाथ हाल और मंच का नाम रंजना नरूला के नाम से किया गया है। इस सम्मेलन में सीटू से जुड़ी विभिन्न यूनियनों के 300 प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन के बारे में जानकारी देते हुए सीटू के ज़िला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इस सम्मेलन के उद्घाटन के लिए पूर्व सांसद व सीटू के राष्ट्रीय महासचिव तपन सेन भाग लेंगे और राष्ट्रीय सचिव डॉ. कश्मीर सिंह सम्मेलन का सम्मापन करेंगे। सम्मेलन के आयोजन के लिए गठित स्वागत समिति के अध्यक्ष देवी दास प्रदेश भर से आये प्रतिनिधियों का स्वागत करेंगे और बिरादराना मजदूर संगठनों को भी इस सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया गया है। राज्य महासचिव प्रेम गौतम पिछले तीन वर्ष की रिपोर्ट पेश करेंगे, जिस पर सभी प्रतिनिधि चर्चा करेंगे और अगले तीन वर्ष के कार्यों का निर्धारण करेंगे
सम्मेलन में कुल दस प्रस्ताव पारित किए जाएंगे, जिसमें आंगनवाड़ी वर्करों को एनटीटी भर्ती में प्राथमिकता देने मनरेगा मजदूरों को 350 रुपए दैनिक मज़दूरी देने तथा बोर्ड से मिलने वाले सभी लाभ पूर्व की भांति देने की मांग की जाएगी।आउटसोर्स मजदूरों व कर्मचारियों को संबंधित विभागों में नियोजित करने तथा सरकारी महकमों में रैगुलर आधार पर रोजगार देने की नीति लागू करने की मांग की जाएगी। इसके अलावा मिड-डे-मील वर्करों, रेहड़ी-फहड़ी मजदूरों, फोर लेन मज़दूरों, सीमेंट, निर्माण, बीआरओ, बिजली व जलशक्ति विभाग में नियुक्त मज़दूरों को न्यूनतम वेतन अदा करने की भी मांग की जाएगी। मंत्रिमंडल में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार द्धारा एक और सरकारी कंपनी बनाने के फ़ैसले के बारे में भी रणनीति तैयार की जाएगी।सम्मेलन में अगले तीन वर्षों के लिए नई राज्य कमेटी का भी चयन किया जाएगा।
