राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह में मुकेश बोले- हिंदी को लेकर लोगों के मन में भावना भरना जरूरी
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में भाषा एवं संस्कृति विभाग ने राज्यस्तरीय राजभाषा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअतिथि ने दीप प्रज्वल्लन के साथ की। इसके बाद पूनम शर्मा की संस्था कला संगम अकादमी की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी। छात्राओं ने प्ले डांस ड्रामा की प्रस्तुति दी। उन्होंने नृत्य मुद्राओं से राज भाषा हिंदी का संदेश दिया।
इस दौरान विभाग के निदेशक डॉ. पंकज ललित ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हिन्दी एक सशक्त भाषा के रूप में प्रचलित है और विभाग हिन्दी भाषा को पूर्णत: लागू करने के लिए सदैव प्रयासरत है। कार्यक्रम के पहले सत्र में वरिष्ठ पत्रकार पीसी लोहमी, डॉ. शशिकान्त शर्मा और साहित्यकार डॉ. सत्य नारायण स्नेही ने हिन्दी के प्रचार-प्रसार और विकास के संबंध में वक्तव्य दिए। उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि संस्कृत सबसे प्राचीन भाषा है। इसको सम्मान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि मैंने हिंदी में काम किया है।
हिंदी के प्रति लोगों के मन में भावना पैदा करना जरूरी है। हिंदी राजभाषा है आने वाले समय में यह हमारी राष्ट्र भाषा बन जाएगी। प्राकृत, पाली भी प्राचीन काल में बोलचाल की भाषा रही है। काफी विचार-विमर्श के दौरान संविधान सभा में हिन्दी को बोलचाल की भाषा के रूप में स्वीकार किया गया। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने शंकर लाल वाशिष्ठ के काव्य संग्रह 'जुगनु जितनी औकातÓ का विमोचन किया। कार्यक्रम का मंच संचालन विभाग की सहायक निदेशक कुसुम संघाईक ने किया।
इस अवसर पर विभाग के संयुक्त निदेशक मनजीत शर्मा, सचिव राकेश कंवर, संग्रहालय अध्यक्ष हरि चौहान, विभाग की सहायक निदेशक अलका कैंथला, बिहारी लाल शर्मा, सहायक सचिव अकादमी श्यामा वर्मा, अधीक्षक अमित शर्मा, गेयटी प्रबंधक सुदर्शन शर्मा, अधीक्षक श्रेष्ठा ठाकुर, चेत राम दुग्गल, भाषा अधिकारी सुरेश राणा, सरोजना नरवाल, संतोष कुमार, जिला भाषा अधिकारी शिमला अनिल हारटा सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में आयोजित अंतर महाविद्यालय निबंध लेखन प्रतियोगिता में एचपीयू के हिन्दी विभाग की अंजलि ने पहला, संजौली कॉलेज के कुनाल भारद्वाज ने दूसरा और संस्कृत कॉलेज फागली की निकिता ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, मंडी कॉलेज की ज्योति ठाकुर को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। भाषण स्पर्धा में राजकीय महाविद्यालय मंडी की धृति ठाकुर ने पहला, यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडी एवालॉज शिमला के सौम्य शुक्ला ने दूसरा, राजकीय महाविद्यालय कुल्लू की तमन्ना सूद ने तीसरा प्राप्त किया। संजौली कॉलेज के स्वप्निल सूर्यान को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। हिंदी कविता लेखन में एचपीयू के कमल चंद ने पहला, कुल्लू कॉलेज की प्रभा शर्मा ने दूसरा, संजौली के आयुष वर्मा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। एचपीयू की वंदना ने सांत्वना पुरस्कार पाया। इसके अलावा राजभाषा पखवाड़ा के अन्तर्गत राज्य स्तर पर सचिवालय, निदेशालय, निगम, बोर्ड, आयोग और विश्वविद्यालयों में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के अतिरिक्त हिन्दी में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभागों को भी सम्मानित किया।
इसमें सचिवालय के विधि विभाग ने पहला, सामान्य प्रशासन विभाग ने दूसरा, बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं विद्युत विभाग ने तीसरा, निदेशालय में मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग ने पहला, भुव्यवस्था विभाग ने दूसरा, पंचायती राज विभाग ने तीसरा स्थान पाया। निगम, बोर्ड, आयोग और विश्वविद्यालयों में राज्य नागरिक आपुर्ति निगम समिति ने पहला, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने दूसरा, राज्य पिछड़ा वर्ग ने तीसरा स्थान पाया। इसके अलावा विभागों के अधिकारी वर्ग को सम्मानित किया गया। जिसमें सत्यदेव शर्मा, राजेंद्र कुमार प्रेमी, दलीप सिंह ठाकुर, करूणा देवी, अनिल कुमार, किशोरी लाल, इंद्र कुमार, केहर सिंह, कृष्ण लाल नेगी, खेम चंद ठाकुर, उमा भंकर, रंजन शर्मा, शशि कांत, उमा ठाकुर, नेक चंद, किरण बाला शर्मा, कमल सिंह दलाईक, पन्ना लाल शर्मा, सुभाष चंद्र ठाकुर, करण दीप, अशोक कुमार को सम्मानित किया। जिला कार्यलय शिमला के केवल राम चौहान, राजेंद्र कश्यप और अनिल घामटा को भी उत्कृष्ठ कार्य करने के लिए सम्मानित किया।
