देहरा : वेदव्यास परिसर में नारी शक्ति पुरस्कार कार्यक्रम आयोजित
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के तत्वावधान में कांगड़ा जिले के बलाहर गांव में स्थित वेदव्यास परिसर में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर नारी शक्ति पुरस्कार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय विश्वविद्यालय के दर्शन कला विभाग की प्रोफेसर निरुपमा सिंह शामिल हुईं। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी कुसुम वालिया ने शिरकत की। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया प्रागपुर की शाखा प्रबंधक संतोष सनौरिया इस कार्यक्रम में बतौर सारस्वत अतिथि सम्मिलित हुईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर के निदेशक प्रोफेसर मदन मोहन पाठक ने की। इस कार्यक्रम में मौजूद समस्त अतिथियों ने अपने-अपने संभाषण में महिला सशक्तिकरण पर बल दिया व विस्तारपूर्वक समझाया कि भारत में महिला दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि कुसुम वालिया ने कहा कि जहां महिलाएं घर के काम काज को भली भांति संभालने में सक्षम होती हैं वहीं अपने कार्यस्थल पर भी बखूबी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करती हैं। अपने अध्यक्षीय भाषण में परिसर के निदेशक प्रो. मदनमोहन पाठक ने कहा कि आखिर महिला दिवस या महिला सप्ताह माने की आवश्यकता ही क्यों पड़ी, जबकि सदियों से प्रथा चली आ रही है कि भगवान का नाम भी उनकी धर्मपत्नी के नाम के बाद ही लिया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि सिया राम, राधा श्याम आदि ऐसे कई उदाहरण हैं, जिससे पता चलता है कि सदियों से ही महिलाओं को अव्वल दर्जा प्राप्त है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भी महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के मुकाबले कहीं आगे निकल गईं हैं। उन्होंने कहा कि आज के युग में ऐसा कोई भी कार्यक्षेत्र नहीं जहां महिलाएं पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिला कर काम ना करतीं हों।
इस अवसर पर निदेशक महोदय ने इस कार्यक्रम में सम्मिलित समस्त अतिथियों का कार्यक्रम में आने हेतु धन्यवाद दिया।
