शिमला : नवोदय विद्यालय ने बीते वर्षों में ग्रामीण प्रतिभाओं को विकसित करने का करता है कार्य-निगम भंडारी
नवोदय प्रवेश परीक्षा जेएनवीएसटी में हुए बदलाव को लेकर निगम भंडारी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
फर्स्ट वर्डिक्ट। शिमला
हिमाचल युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नेगी निगम भंडारी ने केंद्र सरकार एवं एचआरडी मिनिस्ट्री और नवोदय विद्यालय समिति द्वारा छठी कक्षा में होने वाली प्रवेश परीक्षा जेएनवीएसटी में हुए बदलाव को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि नवोदय विद्यालय कांग्रेस सरकार का एक अदभुत तोहफ़ा है, जिसका मुख्य रूप से ग्रामीणा क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को उनके परिवार की सामिजिक-आर्थिक स्थिती पर ध्यान दिए बिना, गुणात्मक आधुनिक शिक्षा प्रदान करना है। नेगी निगम भंडारी ने कहा की नवोदय विद्यालय ने इन बीते वर्षों मे ग्रामीण प्रतिभाओं को सामने लाने का और उन्हें विकसित करने का कार्य किया हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा की ऐसे संस्थानों के साथ छे़छाड़ करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। नेगी निगम भंडारी ने आगे कहा कि नए नियमों के अनुसार बच्चे की पांचवीं परीक्षा का आपने गृह जिला के निवास से होना आवश्यक हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि यादि हम आपने प्रदेश की बात करें, तो हम सभी जानते हैं की हम पहाड़ी क्षेत्राें से आते हैं, जिसके चलते बहुत से परिवारों ने बेहेतर शिक्षा के लिए आपने बच्चों को आपने गृह क्षेत्रों से दूर भेजा है। विशेषकर बोर्डर जिला के अधिवावकों ने जिसमें किन्नौर, लहुल-स्पीति जैसे पहाड़ी क्षेत्राें आते हैं।
नेगी निगम भंडारी ने कहा की इन नए नियमों के कारण इन बच्चो का नवोदय प्रवेश परीक्षा में शामिल होना नामुमकिन है। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि सरकार को सैशन के शुरूआत में ही नोटिफिकेशन जारी कर लोगों को अवगत करवाना चाहिए था, ताकि समय रहते अधिवावको को अपने बच्चों को आपने गृह जिला मे भेज़ने का एक मौका मिलता। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि बिना किसी प्रायर नोटिस के अंतिम समय में इन नियमों को जोड़ना बच्चों के उज्वल भविषय से खेलना हैं। नेगी निगम भंडारी ने कहा कि इस से दुर्भाग्यपूर्ण बात और क्या हो सकती हैं कि इन नियमों के चलते वो सभी बच्चे जो बहुत कम सुविधाओं मे अपनी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
इस प्रवेश प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। नेगी निगम भंडारी ने कहा की समय का बहुत आभाव हैं, जैसे की हम सभी को अवगत है कि 31 जनवरी फॉर्म फिल करने की अंतिम तिथि निर्धारित हुई हैं. इसलिए हमारा केंद्र सरकार एवं एचआरडी मिनिस्ट्री और नवोदय विद्यालय गवर्निंग बॉडी से निवेदन है कि वे नए नियमों पर पुनः निरक्षण एवम विचार करें। केंद्र सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेना होगा। अन्यथा हमें मजबूर हो कर केंद्र सरकार की इन गलत नीतियों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ सकता हैं।
