मध्यम वर्गीय परिवारों एवं छोटे व्यापारियों को महंगाई देने में सरकार सफल : पवन कौशल
कोविड-19 के कारण लोगों के कारोबार व अन्य रोजगार के संसाधन अभी तक प्रभावित हैं। हालांकि सरकार द्वारा छोटे कारोबारी या अन्य उद्योग धंधे खोल तो दिए हैं परंतु अभी भी जनजीवन पूरी तरह स्थापित नहीं हो पा रहा है। पूर्व अध्यक्ष नगर पंचायत तलाई एवं जिला कांग्रेस कमेटी पूर्व प्रवक्ता पवन कौशल ने कहा कि आमजन सरकार से कोविड-19 से प्रभावित अपने कारोबार व दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करने वालों को बिजली पानी शहरी क्षेत्रों में हाउस टैक्स इत्यादि पर माफी देकर राहत मिलने की एक आशा थी। किंतु सरकार ने ऐसा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों और छोटे व्यापारियों का कारोबार अभी भी पटरी पर इस बीमारी के चलते नहीं आ रहा है। बाजारों में आमजन अभी भी आने जाने से कतरा रहा है। दूसरे आर्थिक तौर पर भी निजी कार्य करने वाले और आम जनता बुरी तरह अभी भी प्रभावित है।
लेकिन सरकार द्वारा इन विपरीत परिस्थितियों में राहत देने की बजाय 125 यूनिट बिजली के ऊपर से सब्सिडी खत्म करना, पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ना, राशन सब्सिडी में कई परिवार को काटने की योजना, बस किराए पर बढ़ोतरी जैसे चर्चा मंत्रिमंडल में कर जनता को दर्द की घड़ी में नमक छिड़कने वाली बात ही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार लोगों को राहत नहीं दे सकती है तो ऐसे में इस तरह के निर्णय न
लिया जाए।
